डांडिया के बहाने बुजुर्गों को सम्मान देने का नयाब तरीका

अंबा ने मनाया डांडिया उत्सव का पांचवा साल, बुजुर्गों को भी युवाओं ने किया उत्सव में शामिल

आरा, 13 सितंबर. मंगलवार की शाम से देर रात तक अंबा द्वारा आयोजित डांडिया नाइट 2021 होटल आरा ग्रांड में ग्रांड सेलिब्रेशन के साथ सम्पन्न हुआ. कार्यक्रम का उद्घाटन मां दुर्गा की पूजा अर्चना और आरती कर किया गया. वही डांडिया खेलने के लिए शहर की दो प्रतिष्ठित व्यक्तियो की बुजुर्ग माताओं ने डांडिया स्टिक से डांडिया खेल डांडिया उत्सव की शानदार आगाज की.




कार्यक्रम का प्रारंभ मां आरण्य देवी के महंत मनोज बाबा ने दुर्गा माता की पूजा अर्चना कर की. पूजा के बाद मुख्य अतिथि के रूप में राकेश ओझा, विशिष्ट अतिथियों में ब्राह्मण सेना के शाहाबाद के अध्यक्ष अंजनी तिवारी, मारकंडेय ओझा, पवन तिवारी,संतोष तिवारी, डॉ विजय गुप्ता, डॉ संगीता गुप्ता और भोजपुर दर्शन के संपादक राजेश तिवारी ने मां दुर्गा की आरती की. इस अवसर पर महंत मनोज बाबा की माताजी और राजेश तिवारी की माताजी ने भी मातारानी की आरती की और डांडिया खेल कर डांडिया उत्सव की शुरुआत की.

डांडिया उत्सव में मां दुर्गा की पूजा करते महंत मनोज बाबा 

तिलक लगा कर आने वालों का किया गया स्वागत

डांडिया उत्सव में शामिल होने के लिए शहर के विभिन्न स्थलों से आने वालों का स्वागत अंकिता ने तिलक लगाकर किया. उत्सव में भारतीय परंपरा की इस पुरानी पद्धति के जरिए सम्मान और भारतीय संस्कृति से रूबरू कराने की कोशिश की गई.

तीन पीढियां एक साथ थिरकते दिखे संगीत की धुनों पर

हाथ में डांडिया,चेहरे पर अनगिनत खुशी के भाव, थिरकते पांव, कहीं युगल तो कहीं ग्रुप में एक साथ निकलते डांसिंग स्टेप्स…ये नजारा था अंबा द्वारा आयोजित डांडिया नाइट 2021 का. लगभग डेढ़ साल के बाद शहर में एक ऐसा आयोजन देखने को मिला जहां क्या बच्चे, क्या बूढ़े और क्या जवान… डांडिया के कई गानो के साथ फिल्मी गानों पर भी डांडिया हाथों में लिए टोलियां धमाल मचा रही थी. तीन पीढ़ियों को एक साथ देख जो सुकून दिखा उसे शब्दों में रूप देना संभव नहीं. बुजुर्गों की आंखों में एक चमक दिखी. उनके चेहरे पर उभरती सुकुनियत की मुस्कान उनके खुशी का इजहार कर रही थी.

लंबे अंतराल के बाद मिले मस्ती के मौके ने बढ़ाया एनर्जी का डबल डोज

इस बार की डांडिया उत्सव में सभी की एनर्जी दुगुनी रफ्तार में दिखने को मिली. थकान तो सबकी गायब थी. ऐसा लगता था जैसे सभी को रात भर छोड़ दो तब भी वे हटने वाले नही थे. COVID काल के बाद यह पहला मौका है जहां नवरात्रि में लोग उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं. ऐसा लगा डबल डोज लेने वालों में डबल की एनर्जी आ गई हो. पिछले साल की कसर भी डबल डोज की तरह लोग इस बार ही निकाल लेना चाहते थे.

अंबा ने अपने उत्सव का पांचवा साल मनाया जिसमें लोगों के लिए ऑफर भी रखा था. पिछले साल यह आयोजन कोविड की वजह से सरकार द्वारा परमिशन नही मिलने के कारण स्थगित कर दिया था. आयोजक ओ पी पाण्डेय ने बताया कि लोगों द्वारा काफी कॉल आने के बाद आयोजन को इस साल करने का निर्णय लिया गया. उन्होंने यह भी बताया कि डांडिया उत्सव का उद्देश्य उन बुजुर्गो को उत्सव के बहाने घर से बाहर लाना था जो अपने उम्र की वजह से अकेलापन महसूस करने लगते हैं. पांच साल पहले इसी सोच से किए गए प्रयास का नतीजा है कि शहर में इकलौता डांडिया होता है जहां फैमली आती है और एक एक बड़ा परिवार देखने को मिलता है जहां बुजुर्गो से लेकर बच्चे तक भाग लेते हैं.

आयोजन में डांडिया खेलने आ रही पांच सालों से दीक्षा और कोमल ने बताया कि शहर में वैसे तो कई डांडिया का आयोजन होता है लेकिन अंबा द्वारा आयोजित डांडिया फेस्टिवल में एक पारिवारिक माहौल का जो तानाबाना रहता है वह हमेशा यही आने के लिए प्रेरित करता है.

बुजुर्गों के सम्मान और एक विश्वास का माहौल तैयार करने में पिछले पांच सालों से आयोजन टीम ने अपनी दृढ़ता दिखाई है उसमें शामिल हैं सत्य प्रकाश सिंह, अभिषेक द्विवेदी, मनीष सिंह उर्फ दुलदुल सिंह, गोलू प्रताप सिंह, विवेक सिंह, मनोज श्रीवास्तव, भास्कर, अंजली सुरवार, नमस्ते, चिंताहरण पांडेय, मनीष वर्मा, राहुल कुमार, गौरी तिवारी, समृद्धि सिंह,अपूर्वा और ओ पी पांडेय जैसे कई युवा और शहर के चर्चित चेहरे जिन्होंने हमेशा शहर को एक सकारात्मक ऊर्जा से सींचा है.

PNC DESK