जैन मंदिर से निकली कलश यात्रा, नवीन प्रतिमा की हुई प्राण-प्रतिष्ठा

 
आरा, 13अक्टूबर. जेल रोड स्थित श्री 1008 अतिशयकारी चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में चल रहे नव-दिवसीय महामहोत्सव में छठे दिन मंगलवार को श्री ज्वालामालिनी देवी माँ की नवीन रजत प्रतिमा के प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर इन्द्र-इंद्राणीयो के द्वारा कलश यात्रा निकाली गयी. कलश यात्रा बड़े ही घूम-धाम से गाजे-बाजे के साथ मंदिर प्रांगण से निकलकर शिवगंज स्थित महावीर स्वामी जल मंदिर पहुँची वहाँ श्रद्धालुओं के द्वारा वेदी शुद्धिकर पुनः चन्द्रप्रभु मंदिर पहुँची. इस प्रकार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ.


प्राण-प्रतिष्ठा के महोत्सव के मुख्य पात्र सौधर्म इन्द्र अनूपमा-कमल कुमार जैन, कुबेर इंद्र एकता-निशांत जैन, ईशान इंद्र रत्ना-कमलेश कुमार जैन, सनत इंद्र रेणू-मिथिलेश कुमार जैन, महेंद्र इंद्र रीना-अतुल चंद जैन, श्रावक श्रेष्ठी रेणू-प्रकाश चंद जैन के साथ सैकड़ों की संख्या में पुरुष-महिलाओं ने कलश यात्रा में भाग लिया. इस अनुष्ठान के निर्देशक अनुष्ठानाचार्य कपिल भैया सार्थक ने बताया कि जब भी प्रभु की स्थापना या नवीन प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है उसमें कलश यात्रा मुख्य रूप से शामिल रहता है.
सप्तमी तिथि के श्रृंगारकर्ता अनिता-लोकेश जैन के पूरे परिवार के द्वारा बड़े ही भक्तिपूर्वक श्रीजी का अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा किया गया, जिसमें शांतिधारा करने का सौभाग्य स्मिता-विकास कुमार जैन गोरखपुर एवं सृष्टि-रोहित जैन को प्राप्त हुआ. श्री ज्वालामालिनी देवी माँ की दिव्य आराधना, श्रृंगार एवं गोद-भराई की गयी. 
संध्याकालीन कार्यक्रम में महाआरती, भजन, माता का झूला, रत्न वृष्टी, इन्द्र के दरबार इत्यादि का कार्यक्रम हुआ. आयोजन को सफल बनाने के लिए किरण जैन, शशि जैन, रत्ना जैन, सुधा जैन, अंजू जैन, संयोजक डॉ शशांक जैन, मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन, बिभू जैन, कमलेश जैन, साहू जैन, ओंकार अग्रवाल, आदर्श जैन कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे.
बता दें कि आयोजन के पांचवे दिन इंदौर से पधारे श्री पार्श्वनाथ नाकोड़ा ग्रुप की भक्ति संध्या में भाव नृत्य एवं डांडिया को देख लोग झूम उठे थे. इस भक्ति ग्रुप में गायक मेनका बाकलीवाल (इंदौर), प्रज्ञा जैन (जबलपुर), विकास मोदी (इंदौर), की-बोर्ड पर मौसम, पैड पर यश, ढोलक पर पवन ने अनेकों भक्ति भजनों की प्रस्तुति दी थी.