ध्यान, योग, संतुलित आहार और मोबाइल से दूरी को लेकर अतिथियों ने किया जागरूक
आरा। श्री सत्य साईं सेवा संगठन, आरा के तत्वावधान में रविवार को रेड क्रॉस सभागार में “युवा सम्मेलन-2026” का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में युवाओं एवं बच्चों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में बाहर से आए कई अतिथियों एवं वक्ताओं ने युवाओं को संबोधित करते हुए स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9 बजे प्रार्थना व दीप प्रज्वलन से किया हुआ। इसके बाद उद्घाटन सत्र में डॉ. शैलेन्द्र कुमार (जिला अध्यक्ष, श्री सत्य साईं सेवा संगठन, भोजपुर), डॉ. दिलीप कुमार वर्मा (आध्यात्मिक समन्वयक), राजकुमार प्रसाद (संयोजक, श्री सत्य साईं ट्रस्ट बिहार), सत्येंद्र कुमार (राज्य आध्यात्मिक समन्वयक) एवं डॉ. जय नारायण दुबे (राज्य मेडिकल समन्वयक), सूर्यप्रकाश पाठक (योगाचार्य) की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन किया गया। सम्मेलन के प्रथम सत्र में “श्री सत्य साईं बाबा- हमारे स्वामी हमारे रक्षक और हमारे पथ प्रदर्शक”, “सफलता के मंत्र”, “युवाओं के लिए रोजगार का अवसर”, “योग और जीवन” तथा “युवाओं के लिए साईं संदेश” ऐसे विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
दोपहर के सत्र में खेल एवं गतिविधियों के माध्यम से व्यक्तित्व विकास, स्वच्छता पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन एवं प्राणायाम को दृष्टिकोण में रखते हुए “दिव्यांगता से दिव्यता तक” जैसे विषयों पर चर्चा एवं गतिविधियां आयोजित की गई। वक्ताओं ने युवाओं को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, सेवा भावना एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी आयोजकों एवं अतिथियों ने सम्मेलन के सफल बनाने के सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर युवाओं को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने तथा “प्रेम, सेवा और साधना” के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य थीम “युवा शक्ति दिव्य शक्ति” था।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए बाहर से आए अतिथियों ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ध्यान एवं योगिक क्रियाओं को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। युवाओं को नियमित ध्यान, योग और अनुशासित दिनचर्या के माध्यम से तनाव से दूर रहने तथा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने की सलाह दी गई।
वक्ताओं ने दैनिक जीवन में अच्छे एवं संतुलित आहार की आदत विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने पौष्टिक भोजन लेने, अनियमित खान-पान से बचने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।

वहीं बच्चों और युवाओं में बढ़ते मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। अतिथियों ने बच्चों को मोबाइल से दूर रहने तथा स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बच्चों की दिनचर्या में पढ़ाई के साथ खेल, योग, ध्यान, रचनात्मक गतिविधियों और परिवार के साथ समय बिताने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
भोजनावकाश के बाद युवाओं के लिए खेल एवं मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और खेलों का जमकर आनंद उठाया। खेल गतिविधियों ने सम्मेलन के माहौल को और जीवंत बना दिया तथा युवाओं ने आपस में उत्साह और उमंग के साथ समय बिताया।
वक्ताओं ने कहा कि युवाओं का व्यक्तित्व केवल शिक्षा से नहीं, बल्कि अच्छी आदतों, संस्कार, अनुशासन और सेवा भावना से भी निर्मित होता है। युवाओं को सकारात्मक सोच विकसित करते हुए समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।
आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली, अच्छे संस्कार और सेवा भावना से जोड़ना तथा उन्हें समाजहित में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।
PNCB
