103 नावें और 6 मेडिकल बोट से राहत अभियान तेज
आरा,4 सितम्बर. गंगा और सोन नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच भोजपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. बाढ़ की आशंका वाले संवेदनशील एवं प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है. जिला पदाधिकारी मनेश कुमार मीणा के निर्देश पर प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन की टीमें 24 घंटे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.

प्रभावितों तक पहुंच रहा भोजन, बच्चों के लिए दूध की भी व्यवस्था


बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है. बड़हरा के बलुआ-पिपरपांती में संचालित सामुदायिक रसोई में करीब 250 लोगों ने भोजन किया. बच्चों के लिए दोनों समय दूध की भी व्यवस्था की गई है. वहीं, आरा सदर की बरजा पंचायत में तीन स्थानों पर चल रही सामुदायिक रसोई के माध्यम से करीब 200 लोगों को भोजन कराया गया.
103 निःशुल्क नावें बनीं आवागमन का सहारा
जलस्तर बढ़ने से प्रभावित इलाकों में आवागमन की चुनौती को देखते हुए प्रशासन ने कुल 103 निःशुल्क नावों का परिचालन शुरू किया है. आरा सदर में 12, कोइलवर में 4, शाहपुर में 44 और बड़हरा में 43 नावें लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा दे रही हैं.

स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, हजारों लोगों को मिला इलाज
प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए 6 मेडिकल बोट और 17 मेडिकल कैंप सक्रिय हैं. आरा सदर के 4 कैंपों में 200, बड़हरा के 6 कैंपों में 563, कोइलवर के 3 कैंपों में 226 तथा शाहपुर के 4 कैंपों में 1,320 लोगों का उपचार किया गया. आवश्यक दवाओं के साथ 435 हेलोजन टैबलेट्स का वितरण भी किया गया.


पशुओं के इलाज के लिए भी विशेष इंतजाम
बाढ़ प्रभावित पशुपालकों को राहत देने के लिए 3 पशु चिकित्सा कैंप लगाए गए हैं. इन कैंपों में अब तक 626 पशुओं का उपचार किया जा चुका है. पशुओं के लिए जरूरी दवाओं का भी वितरण किया गया है.
कटाव से निपटने के लिए मौके पर FCD की टीम



बड़हरा के पिपरपांती में कटाव की स्थिति को देखते हुए FCD की टीम लगातार कटाव निरोधक एवं सुरक्षात्मक कार्य में जुटी है. प्रभावित परिवारों के लिए अब तक 1,500 पॉलिथीन शीट्स का वितरण किया जा चुका है, ताकि बारिश और जलभराव की स्थिति में लोगों को तत्काल राहत मिल सके.
24×7 निगरानी, तीन शिफ्टों में तैनात अधिकारी-कर्मी


आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पदाधिकारियों और कर्मियों की तीन शिफ्टों में 24×7 प्रतिनियुक्ति की गई है. जिला नियंत्रण कक्ष लगातार सक्रिय है. किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए शाहपुर और बड़हरा में SDRF की टीमें भी तैनात कर दी गई हैं.
प्रशासन की लोगों से अपील, नदी और जलमग्न क्षेत्रों से रहें दूर
जिला प्रशासन ने निचले, जलमग्न और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. लोगों से नदी एवं जलमग्न क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन नहीं करने को कहा गया है. प्रशासन ने अभिभावकों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है.
PNCB
