वेटनरी यूनिवर्सिटी में जंगली जानवरों के उपचार पर होगा रिसर्च , समीक्षा बैठक में गवर्नर ने दिए कई और दिशानिर्देश

राज्यपाल ने की वेटनरी साइंस यूनिवर्सिटी की समीक्षा

पटना। बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने गुरुवार को बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रगति की समीक्षा की. राजभवन में हुई इस हाई-लेवल बैठक में विश्वविद्यालय के भविष्य को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए.




समीक्षा बैठक में राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के कार्यों पर प्रसन्नता जताते हुए इसे और आधुनिक बनाने के निर्देश दिए.

राज्यपाल के 5 बड़े निर्देश

1. जंगली जानवरों के लिए रिसर्च: राज्यपाल ने जंगली जानवरों के उपचार से संबंधित शोध परियोजनाएं शुरू करने का निर्देश दिया. साथ ही वाइल्ड लाइफ फोरेंसिक लैब में फैकल्टी सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण दिलाने को कहा.

2. समर्थ पोर्टल लागू होगा: विश्वविद्यालय में केंद्र सरकार के समर्थ (SAMARTH) पोर्टल के अधिक से अधिक मॉड्यूल्स लागू करने को कहा गया है, जिससे पूरी व्यवस्था डिजिटल और पारदर्शी होगी.

3. किसानों से सीधा जुड़ाव: कॉम्फेड (COMFED) के साथ मिलकर आउटरीच कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने और IVF जैसी आधुनिक तकनीकों के प्रति आम लोगों को जागरूक करने का सुझाव दिया.

4. छात्र हित में फैसले: प्रशिक्षित लाइब्रेरियन की नियुक्ति, हॉस्टल से बाहर रहने वाले छात्रों को लाइब्रेरी नेटवर्क की सुविधा, और एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए.

5. समय पर वेतन-पेंशन: सभी कर्मचारियों और शिक्षकों के वेतन एवं पेंशन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश.

कुलपति ने क्या बताया?

कुलपति डॉ. इन्द्रजीत सिंह ने राज्यपाल को विश्वविद्यालय की उपलब्धियां गिनाईं. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत IVF परियोजनाएं, नेट-जीरो ऊर्जा पहल, लाइव स्टॉक फार्म कॉम्प्लेक्स, आधुनिक फार्म प्रबंधन तकनीक और ऑनलाइन किसान सलाह सेवा चल रही है. उन्नत भारत अभियान के तहत गोद लिए गए गांवों और वेटरनरी क्लिनिकल कॉम्प्लेक्स की भी जानकारी दी गई.

राज्यपाल ने समय पर परीक्षा और समय पर रिजल्ट प्रकाशित करने के लिए विश्वविद्यालय की सराहना भी की.

बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह सहित राजभवन और विश्वविद्यालय के सभी वरीय अधिकारी मौजूद रहे.

pncb

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