राजभवन पहुंचा वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय का मामला

महामहिम को सौंपा ज्ञापन, महामहिम ने दिया आगे की कार्रवाई का आदेश

भोजपुरी के पढ़ाई  को प्रारम्भ करने के लिए भी अपील




भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई ने पिछले साल 19 दिसंबर को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में अपनी कुछ मांगों को लेकर कुलपति का घेराव किया गया था. देर रात कुछ छात्र नेताओं पर पुलिस के द्वारा बीच-बचाव के क्रम में कुछ छात्र नेताओं और मिडिकर्मियों पर लाठियां चटका दी गई थी, जिसके बाद छात्रों का आंदोलन विश्वविद्यालय में और भी उग्र हो गया. 9 जनवरी के दिन कुलपति ने छात्रों के 3 मांगों पर अपनी सहमति प्रदान की. लेकिन अब इस मामले ने और भी तुल पकड़ लिया है.

महामहिम राज्यपाल से छात्र नेताओं ने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कार्यकारी कुलपति डॉ लीला चंद साहा के तानाशाही व मनमानीपूर्ण  किए जा रहे कार्य, प्री-पीएचडी के रिजल्ट में व्यापत गड़बड़िया, परीक्षा नियंत्रक की बर्खास्तगी,जैन कॉलेज के प्राचार्य को हटाने,कदाचार मुक्त परीक्षा लेने,विश्वविद्यालय में स्वच्छ शिक्षा का वातावरण लागू करने तथा एमबीए की पढाई AICTE से एप्रूव्ड कराने की माँग को लेकर राज्यपाल सह महामहिम कुलाधिपति से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा गया.

राज्यपाल से वार्ता के क्रम में विश्वविद्यालय के वर्तमान की परिस्तिथि से NSUI ने महामहिम को अवगत कराया. महामहिम ने वार्ता के दौरान कहा कि आपलोग परीक्षा को कदाचारमुक्त बनाने की बात से पहले, पुरे विश्वविद्यालय में कदाचारमुक्त शिक्षा व्यवस्था को लागू करने की पहल कीजिये.प्री पीएचडी परीक्षाफल में व्यापक अनियमितता तथा जैन कॉलेज में पीजी नामांकन के समय किये गए धांधली पर महामहिम से बहुत गंभीरता से चर्चा हुई. बातों पर विचार के बाद महामहिम ने प्रधान सचिव को बुला इस मामले को ठीक से समझकर आगे की करवाई के लिए आदेश दिया. जिसे उन्होंने विस्तार से चर्चा कर सभी मुख्य बिंदुओं को समझा.

अंत में भोजपुरी अस्मिता का ख्याल रखते हुए भोजपुरी की पढाई को विश्वविद्यालय में फिर से प्रारम्भ करने की भी बात कही गई. वार्ता सह ज्ञापन सौंपने के दरमियान एनएसयूआई  के भोजपुर जिला अध्यक्ष अभिषेक द्विवेदी, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के एसोसिएट सदस्य डॉक्टर निशांत कुमार,मनीष सिंह डुलडुल,राणा प्रताप सिंह,प्रशांत ओझा उपस्थित थे.

रिपोर्ट -आर से ओ पी पाण्डेय