जनता दरबार में खुलती है नीतीश के सुशासन की पोल




अधिकारियों को मिलते हैं कार्रवाई के निर्देश

कोरोना से पिता की हुई मौत पर मुआवजे की राशि नहीं मिली

जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री

 50 लोगों की सुनी समस्यायें

तीरंदाजी खेल के लिए आधुनिक प्रशिक्षण दिलाने की सुविधा मिले

मुख्यमंत्री नीतीश मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए. ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से आये 50 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए.’जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, वित्त विभाग, संसदीय कार्य विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित मामलों की सुनवाई हुई.

‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में बेगूसराय से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि विकास मित्र के चयन प्रक्रिया में अनियमितता हुई है. मेघा सूची में प्रथम आने के बाद भी बिना आवेदन किए हुए व्यक्ति को नियुक्ति पत्र दे दिया गया. रोहतास से आए एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से पंचायत शिक्षा मित्र की बहाली में अनियमितता की शिकायत की तो वहीं कटिहार से आयी एक दिव्यांग महिला ने आंगनबाड़ी सेविका के चयन में अनियमितता की शिकायत की. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

समस्तीपुर से आयी एक महिला ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि वर्ष 2021 में कोरोना से उनके पिता की मृत्यु हो गई लेकिन अब तक मुआवजे की राशि नहीं मिली है. वहीं शेखपुरा से आयी एक महिला ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि उनके पति का कोरोना संक्रमण के कारण वर्ष 2021 में पटना के एनएमसीएच में मृत्यु हो गई थी. सरकार द्वारा मिलनेवाली मुआवजे की राशि अब तक नहीं मिल पायी है. मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

भोजपुर जिला के जगदीशपुर के के मंडल कॉलेज से आयी छात्रा ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मैं वर्ष 2020 में स्नातक कर चुकी हूं लेकिन अब तक हमें प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है. वहीं भागलपुर के गोपालपुर से आए एक युवक ने बताया कि वर्ष 2016 में मैट्रिक उत्तीर्ण करने के बाद भी अब तक मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना की राशि नहीं मिल पायी है. सीवान से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरे भाई की नगर निगम की गाड़ी से दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, लेकिन अब तक किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिला है.

संतोष कुमार सुमन, श्रम संसाधन सह सूचना प्रावैधिकी मंत्री जिवेश कुमार, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री श्री आलोक रंजन, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक एस के सिंघल, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव / प्रधान सचिव / सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो उपस्थित थे.

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