आठ करोड़ 71 लाख लोगों की सेवा कर रहा है विभाग – लेसी सिंह




खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की पहल

कोई भूखा न रहे है ध्येय वाक्य

छूटे हुए परिवारों को राशन कार्ड बनवाकर देने का चल रहा अभियान

मंत्री ने बांटे लाभार्थियों को राशन कार्ड

अनाज वितरण में पारदर्शिता से नहीं होगा समझौता

दरभंगा के उन वंचितों के चेहरे खिल उठे जब बिहार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह ने अपने हाथों से उन्हें राशन कार्ड सौंपा. न हाकिमों का डर और न ही डीलरों के चंठ रवैए से सामना. अधिकांश गृहिणी. एक एक कर वे आती गईं और महिला मंत्री के हाथों कार्ड लेती गई. चेहरे पर राहत के भाव. लाभार्थियों के मनोभाव से तृप्ति जरूर मिली होंगी .. तभी तो मंत्री ने संकल्प दुहराया कि सरकार (केंद्र/राज्य) किसी को भूखा नहीं सोने देगी. और उद्घोष ये कि छूटे हुए परिवारों को राशन कार्ड बनवाकर देने का अभियान जोर शोर से चलता रहेगा. लेसी सिंह दरभंगा आई थी और पोलो ग्राउंड में हाल ही में बने दरभंगा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं. उन्होंने आगाह किया कि अनाज वितरण में पारदर्शिता से समझौता बर्दाश्त नहीं.

मंत्री ने याद दिलाया कि उनका विभाग जन कल्याण के महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतार रहा है. आठ करोड़ 71 लाख आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक राशन पहुँचा कर सेवा में लगा है. अहम है कि लक्ष्य समूह तक समय पर राशन पहुँच रहा है. इसका पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण प्रखण्ड, अनुमण्डल एवं जिला स्तर पर होता है. जिले के डीएम इसकी निगरानी करते हैं. मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में प्रखण्ड से लेकर जिला स्तर के पदाधिकारी अनाज आपूर्ति के लिए जान जोखिम में डालकर काम करते रहे और बिहार के सभी राशन कार्डधारी तक अनाज पहुंचाया. और इसी दौरान लाभ देने का अभियान विस्तृत होता गया.

लोगों तक शत् प्रतिशत्, गुणवत्तापूर्ण, सही मात्रा में और समय पर राशन पहुंचाने के काम में विभाग दत्तचित है. लेकिन लक्ष्य समूह इतना बड़ा है कि कार्यक्रम के अमल में त्रुटि होती होंगी. लिहाजा विभाग राशन वितरण में तकनीक का प्रयोग करता है. उद्देश्य पारदर्शिता लाना है. ई-पॉस मशीन के जरिए राशन का वितरण हो रहा है.

उन्होंने स्वीकार किया कि कई जगह से कम वजन देने की शिकायत मिलती है. डीलर के लोभ के शमन के लिए व्यवस्था को और भी पारदर्शी बनाने खातिर ई-पॉस मशीन के साथ वजन मशीन को जोड़ा जाएगा. इस व्यवस्था में 10 मिलीग्राम से अधिक मात्रा का विचलन सहन नहीं होगा. 10 ग्राम से ज्यादा/कम रहेगा, तो पॉस मशीन संदेश स्वीकार नहीं करेगा. इस पर काम चल रहा है. मंत्री ने कहा कि जन वितरण प्रणाली के विक्रेता की भी शिकायत रहती है कि उन्हें गोदाम से कम मात्रा में अनाज मिलता है. इसके लिए गोदाम पर भी वजन मशीन लगाने की व्यवस्था की जा रही है.

उन्होंने कहा कि उपभोक्ता राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे राशन के लिए राशि का भुगतान अब सीधे बैंक खाता से कर सकेंगे. ताकि अधिक मूल्य लेने की शिकायत नहीं रहेगी. मौके पर कहा गया कि छूटे हुए लोगों के लिए राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है. आवेदक ऑनलाईन अप्लाई भी कर सकते हैं.  राशन मिलने में दिक्कत हो तो संबंधित अनुमण्डल पदाधिकारी, प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी या जिला आपूर्ति पदाधिकारी या विभाग के टॉल-फ्री नम्बर पर शिकायत की जा सकती है. डीएम ने मौके पर कहा कि जिले के पदाधिकारी हरेक बुधवार को किसी न किसी पंचायत में जाकर डीलर के यहाँ जाँच करते हैं. वहां भी ऑन स्पॉट शिकायत की जा सकती है.

कार्यक्रम के दौरान दरभंगा सदर, बेनीपुर एवं बिरौल अनुमंडल के सैकड़ों लोगों को कार्ड दिए गए.कार्यक्रम में जिला परिषद् अध्यक्ष रेणु देवी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी राकेश रंजन, एसडीओ बिरौल संजीव कुमार कापर, एसडीओ बेनीपुर शम्भू नाथ झा, पणन पदाधिकारी सदर प्रज्ञा मिश्रा एवं पणन पदाधिकारी, बिरौल नेहा कुमारी मौजूद थीं.

संजय मिश्र,दरभंगा