बिहार टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ‘बुकबायरुम्स’ का पहला कदम

बिहार टूरिज्म को बढ़ावा देने में अपना सकारात्मक पहल- उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद बिहार का पहला स्टार्टअप इंडस्ट्री ओटीए के साथ स्थापित हुआ बुकबायरुम्स चौबीस घंटे सातों दिन एक शानदार सपोर्ट सिस्टम प्रदान करना बिहार का पहला स्टार्टअप ओटीए के साथ ‘बुकबायरुम्स’ नाम की संस्थान का विधिवत उद्घाटन बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के हाथों किया गया. उपमुख्यमंत्री ने अपने संभाषण में कहा कि ‘बुक बाय रुम्स’ प्लेटफोर्म बिहार का पहला स्टार्टअप है जो बिहार टूरिज्म को बढ़ावा देने में अपना सकारात्मक पहल लोगों के लिए किया है. कंपनी सोशल कार्य के क्षेत्र में भी अपना बड़ा योगदान दे रहा है, बच्चों के विकास पर काम करने वाली एनजीओ केयर इंडिया को ‘बुकबायरुम्स’ कंपनी ने प्रत्येक बुकिंग पर 1 रुपया का दान दे रही है. इस कंपनी के टेक्नोलोजी पार्टनर सीसोटेल है. भाग दौड़ से भरी व्यस्तम जिंदगी में हर किसी को आराम के लिए चाहिए आरामदायक सस्ता रूम जो बजट फ्रेंडली हो. यात्रियों की इसी सुविधा को देखते हुए पटना जैसे शहर में  ओटीए प्लेटफोर्म के साथ होटल एवं रूम की बुकिंग के लिए सोमवार से शुरू हो गया  ‘बुकबायरुम्स’ जो (ओटीए)ऑनलाइन ट्रेवल एजेंसी संस्थान है. ये संस्थान बिहार का पहला स्टार्टअप संस्थान है जो बिहार से रजिस्टर है और देश और दुनिया के हर शहर तक अपनी पहुंच बनाने को तैयार है. इस प्लेटफोर्म का एप प्ले स्टोर में मौजूद है, ग्राहक अपने मोबाईल के माध्यम से इसका उपयोग सस्ता और लग्जीरियस रूम बुक करने के लिए कर सकते हैं साथ हीं कंपनी द्वारा दिए गए कई तरह

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38 जिलों में 73.64 अरब रुपए से 3.68 लाख बनेंगे मकान

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनेंगे मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदकों को लाभ देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. इसके लिए एक लाख से अधिक लोगों को फायदा दिया जा चुका है. आवास देने में देरी की वजह आवेदन के वेरिफिकेशन में लगने वाला समय है. जिससे पारदर्शितापूर्वक लोगों को लाभ दिया जा सके.-तारकिशोर प्रसाद, उपमुख्यमंत्री,बिहार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बिहार के 3.68 लाख लोगों को सरकार मकान बनाने में सहयोग देने का लक्ष्य रखा गया है. जिसके लिए बिहार के 38 जिलों के 148 स्थानों पर 73.64 अरब रुपए खर्च होंगे. मकान बनाने में सहयोग के लिए 2015 से अभी तक लगभग 37 लाख से अधिक लोगों ने आवेदन किया है. जिसमें सात वर्षों के दौरान 1.10 लाख लोगों को सरकार ने 22.16 अरब रुपए की सहायता दी है. हालांकि, मकान के लिए दिए जाने वाले सहयोग की रफ्तार काफी सुस्त है. क्योकि, 2015 से 25 अप्रैल 2022 तक केवल 1.10 लाख लोगों को ही सहयोग दिया गया है. जबकि, 2.58 लाख लोग अभी भी बचे हुए हैं. पटना में 5129 लोगों को मिली स्वीकृति, सात वर्षों के दौरान 5129 लोगों को 1.02 अरब रुपए की सहायता दी गई हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गया में सबसे अधिक मकान बनाने में सहयोग देने के लिए तैयारी की गई है. गया में 14463 लोगों को चयनित किया गया है. जिसमें 7398 लोगों 1.47 अरब रुपए की सहायता दी जा चुकी है. वहीं सबसे कम मकानों के लिए मधुबनी में स्वीकृति दी गई है.

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‘यू मेक बिहार प्राउड’बिहार एक्सलेंस 2022 से कई सम्मानित

 दैनिक जागरण ‘आई नेक्स्ट’ की ओर से बिहार एक्सलेंस अवार्ड 2022 आयोजित बिहार का मान बढ़ाने वाले लोग हुए  सम्मानित बिहार की फिजा आपका तराना गा रही है और हम आपके साथ मंच पर है. आज का दिन बिहारवासियों के लिए विशिष्ट दिन है. क्योंकि बिहार का अवतरण आज के दिन ही हुआ और फिर हम सभी आगे बढ़ते चले गए. क्योंकि बिहार की धरती गौरवशाली परंपरा की वाहक रही है. ये बातें बिहार के डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की ओर से आयोजित बिहार एक्सीलेंस अवार्ड 2022 में अवार्डीज को सम्मानित करने के बाद कही. इससे पहले कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत तारकिशोर प्रसाद ने दीप प्रज्जवलित करते हुए की. साथ में सम्मिलित रूप से दैनिक जागरण के सीजीएम आनंद त्रिपाठी, जीएम एसएन पाठक, संपादक आलोक मिश्रा, संपादकीय प्रभारी दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की मोनीषा दूबे, दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के एरिया मैनेजर अमरनाथ सिंह उपस्थित रहे. इस कार्यक्रम के टाइटल स्पांसर मुंडेश्वरी ग्रुप के मैनेजर गौतम कुमार सिंह और इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, पटना के डायरेक्टर डॉ आरके सिंह उपस्थित रहे. बैद्यनाथ आयुर्वेद के रिप्रजेंटेटिव डीएन मिश्रा भी उपस्थित रहे. अवार्डीज को मिला सम्मान दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की संपादकीय प्रभारी मोनीषा दूबे ने स्वागत भाषण में कहा कि बिहार के लिए ये सम्मान गौरव की बात है. मंच का सफल संचालन रंजीत कुमार ने किया. इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य बिहार का मान बढ़ाने वाले लोगों को सम्मानित करना था. विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स को उनके बेहतरीन कार्य के लिए सम्मानित किया गया. बिहार

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‘बिहार को आत्मनिर्भर बनाने वाला बजट’

“मिल रही है बराबरी, मिल रहा है अधिकार,सशक्त होंगी महिलाएं, समर्थ होंगे युवा, आत्मनिर्भर बनेगा बिहार” बिहार के उप मुख्यमंत्री-सह- वित्त मंत्री तार किशोर प्रसाद ने बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में वित्तीय वर्ष 2021-22 का आम बजट पेश किया. उन्होंने कहा कि यह बजट बिहार को आत्मनिर्भर बनाने वाला बजट है. किसी भी राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए युवाओं का स्किल्ड होना जरूरी है. बिहार के युवाओं का कौशल बढ़े, उनकी उद्यमिता को बढ़ावा मिले, इसके लिए वर्तमान बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं.उन्होंने कहा कि बिहार में उद्यमिता को बढ़ावा देने एवं नव उद्यमी को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष प्रावधान किए गए हैं. इस बजट में नए उद्योग लगाने वाले युवाओं को 5 लाख रुपया तक का अनुदान देने तथा महज 1% की ब्याज दर पर 5 लाख रुपया का ऋण देने की घोषणा की गई है। अगले 5 वर्षों में 20 लाख रोजगार सृजन के हमारे संकल्प को पूर्ण करने में ये घोषणाएं एवं प्रावधान काफी अहम भूमिका निभाएंगे. वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 में आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प को पूरा करने के लिए 2,18,303 करोड़ रुपए के बजट की घोषणा की गई है, जो विगत वित्तीय वर्ष से 6542 करोड़ रुपए अधिक का है.उप मुख्यमंत्री-सह-वित्त मंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के आम बजट में पॉलिटेक्निक संस्थानों में उच्चस्तरीय सेंटर फॉर एक्सीलेंस बनाने, नेटवर्किंग, आईटी समेत कई ट्रेड में ट्रेनिंग देने के प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं. हर जिले में मेगा ट्रेनिंग सेंटर बनाए जाएंगे तथा इनमें रोजगारोन्मुखी स्किल की ट्रेनिंग

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