एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने के लिए आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन

पटना, 28 जुलाई. पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता एवं आरा बार संघ के सदस्य,बिहार युवा अधिवक्ता कल्याण समिति के प्रमण्डलीय मंत्री नीतीश कुमार सिंह ने बिहार स्टेट बार काउंसिल के प्रांगण में क्रांतिकारी अधिवक्ता मंच के बैनर तले एकदिवसीय धरना प्रदर्शन में कहा कि कोरोना काल मे बहुसन्ख्यक अधिवक्ता साथी दवा के अभाव में काल के गाल में समा गये. सरकार ने सभी वर्गो की आर्थिक सहायता की लेकिन अधिवक्ता वर्ग की उपेक्षा की. जिन्हें कोरोना के बाद भी अभी तक सरकार द्वारा कोई वित्तीय सहायता नहीं दी गई है. 20% अधिवक्ता बंधु इस पेशे को छोड़ चुके है. इस कारण सरकार को डेथ क्लेम, मेडी क्लेम बढाने के आलावा अविलंब वित्तीय सहायता देनी चाहिए. नीतीश कुमार सिंह ने वादकारियों के लिए सस्ते दर पर नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने, नए अधिवक्ताओं को दस हजार रुपये मासिक धनराशि देने, अधिवक्ताओं की आकस्मिक मृत्यु पर उनके परिजनों को 50 लाख रुपये देने एवं बीमार होने पर नि:शुल्क चिकत्सा देने की मांग रखी. कार्यक्रम की अध्यक्षता विंध्यकेशरी सिंह और मंच का संचालन रणविजय सिंह ने किया. अध्यक्षीय भाषण में डेथ क्लेम को 5 लाख से 15 लाख करने, मेडीक्लेम को 1 लाख से 2 लाख करने, वेलफेयर ट्रस्टी कमिटी फण्ड घोषित करने, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने जैसे बहुप्रतीक्षित मांगों को लेकर हुये आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन को संबोधित करते हुये विंध्यकेशरी सिंह ने कहा की अगर डेथ क्लेम मेडी क्लेम को सरकार नहीं बढ़ाती है तो हमलोग एडवोकेट जेनरल का घेराव करेंगे. अधिवक्ता रणविजय सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी

Read more

सिविल कोर्ट में पवन सिंह का क्या है मामला !

आरा,28 अप्रैल. भोजपुरी गायक व अभिनेता सिंह अपने हर चीज के लिए अपने चाहने वालों के बीच खासा चर्चे में रहते हैं. चाहे वह कोई फिल्म हो या गाना. चर्चा के साथ विवाद ने भी भोजपुरी के तथाकथित इस स्टार का पीछा नहीं छोड़ा है. जुबानी जंग हो या किसी गाने को लेकर जंग, जग जाहिर है. इस बार फिर से पवन सुर्खियों में हैं और इस बार वजह है उनकी पत्नी से तलाक की खबर. पवन सिंह अपनी दूसरी पत्नी ज्योति से तलाक ले रहे हैं जिसकी अर्जी उन्होंने बहुत पहले आरा सिविल कोर्ट में दिया था. इसी अर्जी पर समन मिलने के बाद उनकी पत्नी ज्योति सिंह आरा पहुंची तो यह खबर दवानल की तरह पूरे प्रदेश ही नहीं देश में फैल गई. पवन ने 7 मार्च 2018 मे उत्तर प्रदेश के बलिया जिला के मिढि थाना के मिढि गाँव के रहने वाले रामबाबू सिंह की पुत्री ज्योति सिंह से शादी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार शादी किया था. लेकिन कुछ ही समय बाद दोनों के रिश्तों में दरार पड़गई. स्थिति ऐसी बिगड़ी कि मामला कोर्ट तक पहुंच गया. तालाक की अर्जी आने के बाद ज्योति सिंह भी गुरुवार को आरा कोर्ट में अपने वकील के साथ आईं. हालांकि मीडिया के सवालों से उनके वकील और ज्योति बचते नजर आए. ज्योति ने तो मीडिया कर्मियों से कहा कि पवन सिंह से ही पूछ लीजिए. सूत्रों की माने तो ज्योति समन मिलने के बाद अपने वकील विष्णुधर पांडेय के साथ आरा सिविल कोर्ट में पेश होकर पवन सिंह द्वारा

Read more

वर्चुअल मीटिंग कर अधिवक्ताओं ने अपने साथी अधिवक्ता की सुरक्षा की मांग की

आरक्षी अधीक्षक से अपराधियों की गिरफ्तारी समेत अधिवक्ता को सुरक्षा देने की मांग आरा,29 मई. बिहार युवा अधिवक्ता कल्याण समिति,शाखा-आरा की वर्चुअल बैठक प्रातः बुधवार(27 मई) को 11.00 बजे हुई, जिसकी अध्यक्षता मनोरंजन कुमार सिंह तथा शाहाबाद प्रमंडलीय मंत्री नीतिश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से की. इस बैठक में आरा बार के सदस्य अधिवक्ता विजय शंकर तिवारी पिता- अधिवक्ता स्व० श्री राम तिवारी, ग्राम-पिलीयाँ,थाना-जगदीशपुर की जान से मारने की धमकी की तीव्र भर्त्सना करते हुए भोजपुर आरक्षी अधीक्षक से अपराधियों की अविलम्ब गिरफ्तारी,अधिवक्ता को सुरक्षा देने की माँग तथा दोषी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की गई. नीतिश कुमार सिंह ने अपने मित्र स्व० प्रीतम नारायण सिंह, अधिवक्ता की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि अगर प्रीतम नारायण सिंह को सुरक्षा मुहैया कराई जाती तो वे बच सकते थे. साथ ही समिति ने अधिवक्ताओं की व्यापक सुरक्षा हेतु अविलम्ब अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की भी मांग की. इसके साथ ही भारतीय विधिज्ञ परिषद,राज्य विधिक परिषद एवं राज्य सरकार से अविलंब आर्थिक पैकेज की माँग की गई. इस वैश्विक संकट के समय अपने हमें,अपना,अपने परिवार अपने कनिष्ठ अधिवक्ताओं व मुंशियों/टाइपिस्ट आदि का ख्याल रखने की अपील की गई. सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशो का पालन करने व समाज को जागरुक कर सही दिशा दिखाने की अपील भी की गई. बैठक में स्वागत भाषण व बैठक की शुरुआत अधिवक्ता रश्मिराज कौशिक विक्की ने किया. उन्होंने कहा कि सरकार को अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा. जिला प्रशासन को अधिवक्ताओं की सुरक्षा के हित मेें कदम

Read more