कतरनी चावल के उत्पादन के लिए प्रोत्साहन देगी सरकार

भागलपुर कतरनी चावल की विशिष्टता को  देखते हुए सरकार ने इसके और विकास करने का निर्णय लिया है. कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि इस क्रम  में बिहार कृषि विश्वविद्यालय को राज्य सरकार द्वारा राशि उपलब्ध करा दी गई  है. इस राशि से कतरनी चावल के बीज के गुणवत्ता तथा उत्थान हेतु  अनुसंधान, कतरनी चावल का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से किसानों के बीच  कतरनी धान के आधार बीज का मिनी किट वितरित किया जायेगा, जो कि कतरनी चावल के क्षेत्र विस्तार में सहायक होगा. कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को  इसके गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, प्रसंस्करण एवं इसके मार्केटिंग का  प्रशिक्षण दिया जायेगा. साथ ही, कतरनी चावल के प्रसंस्करण और मिलिंग से  संबंधित व्यावसायियों/ किसानों को राज्य से बाहर विशेष कर बासमती  उत्पादक समूहों तथा प्रसंस्करण इकाइयों का परिभ्रमण कराया जायेगा. File pic प्रेम कुमार ने कहा कि अभी हाल ही में बिहार के विशेष उत्पाद कतरनी धान, जर्दालु आम एवं  मगही पान को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली है. राज्य के इन तीनों विशिष्ट  उत्पादों को बौद्धिक सम्पदा अधिकार के अंतर्गत भारतीय बौद्धिक सम्पदा के रूप  में पंजीकृत किया गया है तथा इसे भौगोलिक परिदर्शन में शामिल किया गया  है. यह राज्य के लिए बड़े गौरव की बात है. ऐसा राज्य के किसानों एवं  बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर के वैज्ञानिकों के अथक प्रयास से  संभव हो पाया है.

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सीट बंटवारे पर बोले मुख्यमंत्री

2019 लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 सीटों में से किसे कितनी सीट मिलेगी, इसपर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली बार बयान दिया है. सीएम ने कहा कि सीट बंटवारे पर फैसला जल्द ही हो जाएगा. एनडीए के सभी घटक दल बीजेपी, जदयू, लोजपा और रालोसपा के मुख्य नेता एक साथ बैठेंगे और इस मसले को हल करेंगे. उन्होंने कहा कि सीटों को लेकर आमने-सामने बात होगी. अमित शाह से मुलाकात के बाद लोक संवाद में सीएम ने बीजेपी अध्यक्ष से मुलाकात पर  कहा कि उनसे कई मुद्दों पर बात हुई है. लेकिन बंद कमरे में जो बातें हुईं उसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. उन्होंने ये भी कहा कि जितनी बातें मीडिया में आ रही थीं, उनपर तो अमित शाह ने बोल ही दिया. सीएम नीतीश के मुताबिक, एक महीने में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत संभावित है. बीजेपी के प्रस्ताव पर जदयू और अन्य घटक दल मिलकर बात करेंगे.

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खैनी खाने वालों को राहत: बिहार में फिलहाल पाबंदी नहीं

बिहार में खैनी खाने वालों के लिए बड़ी राहत वाली खबर है. पिछले कई दिनों से इसकी पाबंदी को लेकर मचे हंगामे के बाद सोमवार को सरकार ने साफ कर दिया कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है. सोमवार को संवाददाताओं से बात करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि खैनी(तंबाकू) की खेती करने वाले किसानों को पहले वैकल्पिक खेती के लिए मोटिवेट किया जाएगा. इसके लिए अभियान चलाया जाएगा. इसे लगातार जारी रखा जाएगा ताकि किसान तंबाकू की खेती ना करें. उन्होंने कहा कि फिलहाल खैनी पर कोई पाबंदी राज्य सरकार नहींं लगाएगी.

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शराबबंदी कानून में संशोधन के लिए बनाई गई कमिटी

बिहार के बहुचर्चित शराबबंदी कानून में संशोधन होगा. इसके लिए सीएम नीतीश कुमार ने हां कर दी है. सोमवार को एक अणे मार्ग में लोकसंवाद कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए सीएम ने कहा कि यह भी देखा जाएगा कि शराबबंदी कानून के किस प्रावधान के सबसे ज्यादा दुरुपयोग हो रहा है. मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कमिटी बनाई है. संशोधन की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को भी दी गई है. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि कानून के विभिन्न प्रावधानों और इसके प्रभावों की समीक्षा कर कमिटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी. इसके बाद कमिटी की रिपोर्ट पर महाधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट के वकील से परामर्श लिया जाएगा. इसके बाद ही जरूरी संशोधन किए जाएंगे. बता दें कि बिहार में एक अप्रैल 2016 से देसी शराब को बैन किया गया था. इसके तुरंत बाद 5.04.2016 से राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई थी. वहीं 2 अक्टूबर 2016 से बिहार में नया शराबबंदी कानून लागू हुआ था.

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बिहार में फिर महंगी होगी बिजली!

बिहार में एक बार फिर बिजली महंगी होने की आशंका गहरा गई है. बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने अगले वित्तीय वर्ष से बिजली दरों में पांच प्रतिशत की बढ़ोत्तरी का फरमान सुनाया है. हालांकि बिजली कंपनी ने 44 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव दिया था. आयोग के फैसले के बाद अब बिहार सरकार ने बिजली दर की समीक्षा की बात कही है. समीक्षा में अनुदान देने पर विचार हो सकता है. आपतो बता दें कि पिछले साल आयोग ने बिजली दरों में 55 फीसदी बढ़ोत्तरी की थी. तब बिहार सरकार ने 35 फीसदी तक सब्सिडी देने की घोषणा की थी. फिर भी बिजली बिल 20 फीसदी बढ़ गया. अब देखना है कि राज्य सरकार इस साल कितना अनुदान देती है और लोगों को  कितनी राहत मिल पाती है. क्या कहते हैं आंकड़े- शहरी इलाके की बिजली दर प्रति यूनिट यूनिट स्लैब     वर्तमान दर   वृद्धि के बाद 1-100               4.27रू           6.15रू 101-200          5.02             6.95 201-300         5.77              7.80रू 301 से ज्यादा   6.52             8.60रू   ग्रामीण इलाके की बिजली दर प्रति यूनिट यूनिट स्लैब      वर्तमान दर   वृद्धि के बाद 0-50                 2.65            6.15 51-100             2.90            6.40 100 से ज्यादा    3.15            6.70  

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