“तेल निकाले तेल” आज का है खेल

By pnc Sep 3, 2016

“तेल निकाले तेल” नुक्कड़ नाटक की दमदार प्रस्तुति

दानापुर में प्रत्येक शनिवार को सोशल एक्शन फॉर डेवलपमेंट एंड अवेयरनेस की ओर से आयोजित होने वाले नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति में महंगाई पर जोर दिया गया। उदय कुमार द्वारा लिखित एवं निर्देशित नुक्कड़ नाटक “तेल निकाले तेल” की दमदार प्रस्तुति दानापुर रेलवे स्टेशन के बाहर की गई. नाटक में महंगाई की मार झेलते लोगों की पीड़ा तब और बड़ी दिखती है, जब पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी बढ़ोत्तरी की खबर आती है.पहले से ही अनाज,दाल,सब्जी,तेल,मसाले,दवाई,भाड़ा आदि की महंगाई से त्रस्त लोगों को और ज्यादा महंगाई का डर सताने लगता है, जब तेल महंगा हो तो जरूरत की सारी चीजें महंगी होती है.
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क्या है नाटक की कहानी
नाटक में महंगाई के मारे दो चोर दूसरी चीजों को चुराने के बजाए तेल चुराने की कोशिश करते है. इसी क्रम में वो बाईक चुराते है पर तेल की मार से परेशान बाईक बेचने निकलते है. तेल के मारे लोग औने-पौने दाम पर भी बाइक नहीं खरीदते है।.आलू, टमाटर से कम कीमत पर भी महंगे तेल के भय से कोई बाइक नहीं खरीदता है. चोर बाइक ठेलते-ठेलते निढाल हो जाते है.अंत में पुलिस उन्हें पकड़ लेती है.चोर घूसखोर पुलिस को घूस में बाइक देने की पेशकश करते है. घूसखोर पुलिस वाले भी तेल की बाइक लेने से इनकार कर देता है.
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इस तरह तेल मारे बेचारे कह उठते है- “इस तेल ने तेल निकाल दिया” नाटक के बीच-बीच में गीतों का उपयोग अच्छी तरह से किया गया है. कलाकारों में रामनाथ, उदय कुमार, प्रेम राज, रोहित, शोएब कुरैशी,शशिकांत,विजय, मनोज सिन्हा, प्रदीप विश्वकर्मा मौजूद थे. वरिष्ठ रंगकर्मी नवाब आलम ने महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए जन अभियान चलाने की बात कही.

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