बिहार सरकार ने लॉन्च की ‘सेवा यात्रा संगिनी’
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने किया विमोचन
पटना।। बिहार में सरकारी सेवकों पर होने वाली विभागीय कार्रवाई अब और अधिक पारदर्शी और नियमसंगत होगी. सरकार ने इसके लिए एक मास्टर रेफरेंस बुक ‘सेवा यात्रा संगिनी’ लॉन्च की है. सामान्य प्रशासन विभाग के मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय द्वारा तैयार इस पुस्तक का विमोचन गुरुवार को मुख्य सचिवालय के सभागार में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने किया.

क्यों जरूरी थी ये किताब?
अक्सर सरकारी कर्मियों पर कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को CCA नियम 2005 और अन्य सेवा नियमों की जटिलता के कारण परेशानी होती थी। नियम समय पर न मिलने से प्रक्रियागत गलतियां हो जाती थीं और कई मामले कोर्ट में कमजोर पड़ जाते थे। ‘सेवा यात्रा संगिनी’ इसी समस्या का समाधान है.

मुख्य सचिव ने क्या कहा
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि यह पुस्तक अनुशासनिक कार्रवाई से जुड़े जटिल नियमों को बेहद सरल भाषा में समझाती है. इससे कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को गाइड मिलेगा और कार्रवाई में नैसर्गिक न्याय सुनिश्चित हो सकेगा. उन्होंने निर्देश दिया कि इसकी सॉफ्ट कॉपी सभी विभागों को भेजी जाए ताकि हर जिला और हर कार्यालय तक यह पहुंच सके.
अब तक 8 पुस्तकें प्रकाशित
महानिदेशक-सह-मुख्य जांच आयुक्त दीपक कुमार सिंह ने बताया कि यह निदेशालय की 8वीं पुस्तक है. उन्होंने कहा कि कई स्तरों पर प्रक्रियागत गलतियां और प्रशिक्षण की कमी के कारण यह पहल करनी पड़ी.
पुलिस विभाग को होगा सीधा फायदा
DGP विनय कुमार ने कहा कि यह पुस्तक विभागीय जांच के पहले नोटिस से लेकर हाईकोर्ट में केस लड़ने तक हर जगह काम आएगी। हाल ही में पुलिस अधिकारियों को दी गई ट्रेनिंग से भी काफी फायदा मिला है.
इसके लिए निदेशालय में सतीश कुमार तिवारी, भगवान दास साहू और शालिग्राम पांडेय की स्थायी नियुक्ति भी की गई है जो अब सभी विभागों के अधिकारियों को लगातार ट्रेनिंग देंगे.
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