बाबू जगजीवन राम बनकर आखिरी बार फिल्म में दिखेंगे सतीश कौशिक





आरा के निवासी थे बाबू जगजीवन राम

जगजीवन राम, एक स्वतंत्रता सेनानी थे. इन्हें बाबूजी के नाम से भी जाना जाता था. जगजीवन राम, भारतीय राजनीतिक इतिहास में सबसे सम्मानित राजनेताओं में से एक थे. यह भारत के प्रथम दलित उप-प्रधानमंत्री और राजनेता थे. 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी ने देश भर में आपातकाल की घोषणा की थी. इस दौरान जगजीवन राम ने अपने पद का त्याग कर, कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था.जगजीवन राम पर बनी फिल्म सतीश कौशिक की आख़िरी फिल्म होगी.

सतीश कौशिक के लिए कहा जाता है कि वह एक दिलखुश इंसान थे. सबको बस हंसाते ही रहते थे. 100 से ज्यादा फिल्में इन्होंने कीं. वो बात अलग है कि सतीश ने ज्यादातर रोल कॉमेडी के किए, पर समय के साथ जिस तरह पर्सनैलिटी में बदलाव आता है, उसी तरह एक्टर के किरदारों में भी आया. सीरियस रोल से लेकर इन्होंने एक पिता, भाई, वकील और न जाने कितने ऐसे किरदार बड़े पर्दे पर निभाए, जिन्हें देखकर हर किसी ने इनकी केवल प्रशंसा ही की. सपोर्टिंग रोल में भले ही सतीश नजर आते रहे, पर फिल्मों में जान यही फूंकते दिखते थे.

सतीश कौशिक को हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘छतरीवाली’ में देखा गया था. एक्टर ने रतन लांबा के कॉमिक किरदार को निभाया था. अभी एक्टर की एक और फिल्म बची है जो दर्शकों के बीच रिलीज होनी बाकी है. वो है कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’. प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान 1975-76 में भारत में लगी इमरजेंसी पर यह फिल्म बनी है. आखिरी बार सतीश को इसी फिल्म में देखा जाएगा. फिल्म में सतीश रक्षा मंत्री जगजीवन राम का रोल प्ले करते नजर आएंगे.

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