बिहार में रोबोट की सहायता से होगा कूल्हा और घुटने का प्रत्यारोपण

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | पटना में बहुत जल्द रोबोट की मदद से कूल्हा, घुटना व ज्वाइंट रिप्लेसमेंट की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी. राज्य में पहली बार 12 मई को ऑर्थोपेडिक चिकित्सक इस रोबोटिक-आर्म असिस्टेड सर्जरी सिस्टम को देख सकेंगे. 12 मई को पटना के होटल लेमन ट्री में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया है. इस संगोष्ठी में इस रोबोटिक मशीन का विमोचन किया जायेगा. इस संगोष्ठी में करीब सौ से अधिक हड्डी रोग विशेषज्ञ शिरकत करेंगे.
यह संगोष्ठी अनूप इंस्टीट्यूट ऑफ़ आर्थोपेडिक्स एंड रिहैबिलिटेशन द्वारा कराया जायेगा. यह जानकारी पद्मश्री डॉ. आर एन सिंह और डॉ. आशीष सिंह ने बृहस्पतिवार को प्रेस काॅन्फ्रेंस में दी.

डॉ. आशीष सिंह ने बताया कि इस रोबोट मशीन की मदद से घुटना, जोड़ और कूल्हे का प्रत्यारोपण में रिजल्ट काफी बेहतर मिलता है. सारा काम रोबोटिक मशीन करता है, जबकि डाॅक्टर सिर्फ गाइड करते हैं. अभी तक कंप्यूटर गाइडेड प्रत्यारोपण होता है. अब रोबोट गाइडेड प्रत्यारोपण हाेगा. यह मशीन अनूप इंस्टीट्यूट ऑफ़ आर्थोपेडिक्स एंड रिहैबिलिटेशन इंस्टाल करने जा रहा है. उन्होने बताया की करोड़ो की लागत से नॉर्थ इंडिया में पहली बार रोबोट की मदद से ऐसी सर्जरी की जाएगी.
डॉ. आशीष ने आगे बताया कि प्रत्यारोपण के दौरान हड्डी को कितना काटना है, कैसे काटना है, यह सब रोबोट तय करता है. इस कारण इसका रिजल्ट काफी बेहतर मिलता हैं. प्रत्यारोपण के बाद हड्डी कितनी मुड़ेगी, इसकी भी जानकारी मशीन से प्राप्त हो जाती है. इस प्रक्रिया में कुल खर्च सामान्य सर्जरी की तुलना में सिर्फ 10% अधिक लगता है. हालांकि इस पद्धति में मरीज जल्द स्वस्थ हो जाता है और अपने काम पर लौट सकता है.
इस अवसर पर पद्मश्री डॉ आर. एन सिंह ने बताया की मेको रोबोटिक आर्म सर्जरी सिस्टम की मदद से भी अब सर्जरी होगी , अस्पताल के डॉ आशीष सिंह इसके स्पेशलिस्ट है और इस तरह के सर्जरी में इंग्लैंड से ट्रेनिंग लेकर आ चुके है. अब तक इस तरह की सर्जरी सिर्फ विदेशों में होती थी पर अब ऐसी सर्जरी पटना में भी होगी और मरीजों को काफी सुविधा होगी. उनको सटिक और सही इलाज अपने प्रदेश में ही मिल जायेगी. करीब सात करोड़ की यह मशीन तकरीबन आठ महीने में फंक्शनल हो जाएगी.
प्रेस काॅन्फ्रेंस में मौके पर डॉ. राकेश चौधरी, डॉ. एसके सिंह आदि मौजूद थे.