अनूप मास्टर कोर्स 2019 | आयोजन 12 अक्टूबर को

पटना ( ब्यूरो रिपोर्ट) | शनिवार को राजधानी के यो चाइना में अनूप इंस्टीट्यूट ऑफ रिहाबिलैटेशन द्वारा प्रेस मीट का आयोजन किया गया. इस प्रेस मीटिंग में पद्मश्री डॉ० आर.एन. सिंह और डॉ० आशीष संयुक्त रूप से मीडिया से रूबरू थे. दोनों ने बताया कि 12 और 13 अक्टूबर को “अनूप मास्टर कोर्स 2019” का आयोजन होना है, जिसमें देश विदेश के 300 अर्थो से जुड़े डॉक्टर हिस्सा लेंगे. इस आयोजन में अमेरिका से लेकर पुणे, मुंबई, झारखंड, दिल्ली, कोलकत्ता सहित देश भर के प्रसिद्ध आर्थो चिकित्सकों का जुटान होटल मौर्या में होगा. यह कार्यक्रम दो दिनों का होगा, जिसमें सेमिनार एवं वर्कशॉप का आयोजन होगा. इसमें आर्थों से जुड़े सभी तरह रोगों पर विशेष चर्चा की जायेगी. इस कार्यक्रम में वक्ता के रूप में डॉ० कमलदीप (यू. के), डॉ० कैलम एमसीब्राइट (यूके), डॉ० रोहित महेश्वरी (यूके), पद्मश्री डॉ०आर.एन. सिंह, डॉ०आशीष सिंह सहित कई डॉक्टर प्रमुख रूप से रहेंगे. 12 अक्टूबर को कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में मंगल पांडेय, स्वास्थ्य मंत्री, बिहार सरकार द्वारा न्यू पटना क्लब में शाम को 7 बजे आयोजित कार्यक्रम में किया जाएगा.

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बिहार में रोबोट की सहायता से होगा कूल्हा और घुटने का प्रत्यारोपण

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | पटना में बहुत जल्द रोबोट की मदद से कूल्हा, घुटना व ज्वाइंट रिप्लेसमेंट की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी. राज्य में पहली बार 12 मई को ऑर्थोपेडिक चिकित्सक इस रोबोटिक-आर्म असिस्टेड सर्जरी सिस्टम को देख सकेंगे. 12 मई को पटना के होटल लेमन ट्री में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया है. इस संगोष्ठी में इस रोबोटिक मशीन का विमोचन किया जायेगा. इस संगोष्ठी में करीब सौ से अधिक हड्डी रोग विशेषज्ञ शिरकत करेंगे. यह संगोष्ठी अनूप इंस्टीट्यूट ऑफ़ आर्थोपेडिक्स एंड रिहैबिलिटेशन द्वारा कराया जायेगा. यह जानकारी पद्मश्री डॉ. आर एन सिंह और डॉ. आशीष सिंह ने बृहस्पतिवार को प्रेस काॅन्फ्रेंस में दी. डॉ. आशीष सिंह ने बताया कि इस रोबोट मशीन की मदद से घुटना, जोड़ और कूल्हे का प्रत्यारोपण में रिजल्ट काफी बेहतर मिलता है. सारा काम रोबोटिक मशीन करता है, जबकि डाॅक्टर सिर्फ गाइड करते हैं. अभी तक कंप्यूटर गाइडेड प्रत्यारोपण होता है. अब रोबोट गाइडेड प्रत्यारोपण हाेगा. यह मशीन अनूप इंस्टीट्यूट ऑफ़ आर्थोपेडिक्स एंड रिहैबिलिटेशन इंस्टाल करने जा रहा है. उन्होने बताया की करोड़ो की लागत से नॉर्थ इंडिया में पहली बार रोबोट की मदद से ऐसी सर्जरी की जाएगी.डॉ. आशीष ने आगे बताया कि प्रत्यारोपण के दौरान हड्डी को कितना काटना है, कैसे काटना है, यह सब रोबोट तय करता है. इस कारण इसका रिजल्ट काफी बेहतर मिलता हैं. प्रत्यारोपण के बाद हड्डी कितनी मुड़ेगी, इसकी भी जानकारी मशीन से प्राप्त हो जाती है. इस प्रक्रिया में कुल खर्च सामान्य सर्जरी की तुलना में सिर्फ 10% अधिक लगता है. हालांकि इस

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