नीतीश लालू के बीच नोटबंदी की दीवार, कहीं पड़ न जाए दरार

लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार में खटास होने की खबर

जदयू और कांग्रेस शामिल नहीं होंगे राजद के धरने में 




नीतीश कुमार के पास एक महीने तक राजनीति करने का समय नहीं है वे अभी जनता के पास जा रहे हैं ये कहना  है जदयू के नेताओं का . इधर मिली जानकारी के मुताबिक़ नीतीश कुमार नोटबंदी पर राजद की ओर से विरोध करने के बाद नीतीश ने चुप्पी साध रखी है. कार्यकर्ता यहाँ तक कह रहे हैं कि लालू उन्हें बुला रहे हैं लेकिन उनके पास मिलने का समय नहीं है ,दोनों में बातचीत बंद है .नोटबंदी पर लिए गए विपरीत स्टैंड के बाद लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार में खटास होने की खबर है.दोनों के बीच बातचीत बंद है. राजद अध्यक्ष ने अपने तरफ से बहुत प्रयास किया कि नीतीश कुमार जितना जल्दी हो सके नोटबंदी पर लिए गए अपने स्टैंड से पलटकर विपक्ष के साथ जुड़ें. पिछले दो दिनों में कम से कम 5 दूतों को भेजकर उन्होंने सीएम को मनाने की असफल कोशिश की है. लालू के खासम खास विधायक बताते हैं कि  साहब को 200 परसेंट विस्वास था कि नीतीश कुमार राजद के द्वारा आयोजित किये गए नोटबंदी विरोधी 28 दिसंबर के राज्यव्यापी आन्दोलन में स्वयं शामिल हों या ना हो इसका समर्थन वो जरूर करेंगे. राजद के इन विधायको का आरोप है कि सीएम ने ऐसा न करके उनके नेता के साथ विश्वासघात किया है.उधर जनता दल (यू) के नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार के पास अगले एक महीने तक राजनीति करने का समय नहीं है. अब देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश कुमार राजद के विरोध प्रदर्शन में शामिल होते हैं या नहीं .जानकार गठबंधन के लिए इसे अच्छा संकेत नहीं मान रहे हैं . इधर नोटबंदी के खिलाफ राजद के महाधरने में महागठबंधन के दोनों घटक यानि जदयू और कांग्रेस शामिल नहीं होंगे. इस घोषणा के साथ ही बिहार में एक बार फिर से महागठबंधन में दरार की बातें सामने आने लगी हैं