प्रकाश पर्व पर पटना में ‘जे आयां नूं’

पंजाबी संस्कृति के रंग में रंगा पटना

श्रद्धालुओं के भव्य स्वागत को तैयार

तीन टेंट सिटी में मिलेगी हर सुविधा

रहने, खाने और घूमने के लिए हरसंभव सुविधा उपलब्ध

पटना आजकल पंजाब के रंग में रंगा नजर आ रहा है. हो भी क्यों ना… सिखों के अंतिम गुरू गुरू गोविन्द सिंह जी के 350वें प्रकाश पर्व का मौका जो है. बिहार सरकार और पटना जिला प्रशासन ने अपनी ओर से कोई कमी नहीं छोड़ी है. सारा सरकारी अमला चाहे प्रशासन हो, पुलिस, पर्यटन विभाग, रेलवे, बिजली विभाग, नगर निगम या फिर कोई अन्य विभाग, हर किसी की कोशिश है कि तैयारियों में कोई कमी ना रह जाए. आखिरकार ये बिहार के लिए के लिए बेहतरीन मौका है ब्रांडिंग का. देश और विदेश से करीब एक लाख श्रद्धालु पटना आ रहे हैं. वे यहां से जाने के बाद कैसी यादें लेकर जाएंगे, ये निर्भर करेगा गुरू पर्व के दौरान किए गए इंतजामों और तमाम तरह की व्यवस्था पर.




मुख्य कार्यक्रम एक जनवरी से शुरू होंगे जो 5 जनवरी तक चलेंगे, लेकिन श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है. कंगन घाट, बाइपास के साथ गांधी मैदान टेंट सिटी की बुकिंग फुल हो चुकी है. इन तीनों टेंट सिटी में श्रद्धालुओं के रहने, खाने-पीने से लेकर आने-जाने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं. 1 से 5 जनवरी तक गांधी मैदान समेत जिस रास्ते संगत गुजरेगी, रंगीला पंजाब का नजारा साकार होगा. और तो और खाने के लिए कई तरह के लजीज व्यंजनों के बीच पांच बड़े ट्रकों से सरसों का साग पंजाब से आएगा. मक्का, घी समेत लंगर में बनने वाले अन्य व्यंजनों की सामग्री पंजाब से ही आएगी लंगर की तैयारी में लगे सेवादारों के अनुसार हरी सब्जी, दूध आदि सामग्री स्थानीय स्तर पर खरीदी जाएगी. 18 चक्कों वाले पांच ट्रकों से सरसों का साग आएगा. हर बार एक ट्रक साग ही आता था. इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितने लोग प्रकाशोत्सव में बाहर से आएंगे. जानकारी के अनुसार पीसा हुआ साग ट्रकों पर ड्रम में लाया जाएगा. पटना पहुंचने पर बस इसमें तड़का लगाया जाएगा.

5 जनवरी को गांधी मैदान में जन्मोत्सव कार्यक्रम होगा. इसके लिए गुरुद्वारा का निर्माण हो रहा है. इस दिन भव्य कार्यक्रम होगा. तख्त हरिमंदिर की ओर से भी जो आंतरिक निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, वे भी अद्भुत हैं. गांधी मैदान में प्रकाशोत्सव समारोह 3 से 5 जनवरी तक चलेगा. लेकिन, संगतों के ठहरने के कारण एक जनवरी से ही लंगर चालू हो जाएगा. लंगर 24 घंटे चलेगा. तीन लंगर हॉल तैयार हैं. हॉल 2 और 3 में एक बार में तीन हजार लोग एक साथ बैठकर लंगर छक सकेंगे. एक नंबर लंगर हॉल को स्टैंड बाई में रखा गया है.

संगत की संख्या बढ़ने पर यह भी चालू होगा. एक नंबर लंगर चलाने का जिम्मा लोकल कमेटी को दिया गया है. लंगर हॉल दो बाबा सेवा सिंह कार सेवा खंडूर साहिब और तीन नंबर लंगर बाबा मान सिंह पेभेवाले चलाएंगे. खंडूर साहिब के सरदार निर्मल सिंह गोलू ने बताया कि लंगर बनाने की सामग्री पंजाब से आएगी और दूध, हरी सब्जी आदि स्थानीय स्तर पर खरीदी जाएगी. लंगर में बनने वाला सारा खाना शुद्ध घी में बनेगा. एक लंगर के लिए 2500 से 3000 लोग आएंगे. इनकी ड्यूटी शिफ्ट वाइज लगेगी. सुबह 9.30 बजे के बाद मक्के की रोटी, गेहूं की रोटी, तंदूरी रोटी, मिस्सी रोटी, पालक पनीर, सरसों का साग, मिक्स सब्जी, दाल, कढ़ी, पकौड़े, चावल, पुलाव, मटर पनीर, शाही पनीर, गाजर का हलवा, मूंग की दाल का हलवा आदि.सुबह में बेसन की मिठाई, शक्करपाड़ा, बालूशाही, लड्‌डू, गुलाबजामुन, पालक पकौड़ा, गोभी पकौड़ा, आलू पकौड़ा, चाय-काफी आदि.

गांधी मैदान में रेलवे ने टिकट काउंटर भी खोला है. यह चालू हो गया है. आम लोगों को बेहतर यातायात सुविधा के लिए 227 बसें खरीदी गई हैं. फिलहाल इन्हें प्रकाश पर्व के तहत श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क चलाया जाएगा. ये बसें पटना में विभिन्न रूटों पर चलेंगी और श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा तक ले जाएंगी. मुख्य समारोह स्थल का 90% काम पूरा हो चुका है. संगतों का आना जारी है. अमृतसर, सूरत, पंजाब, लुधियाना, पटियाला आदि से 10 हजार से अधिक संगत गुरु की नगरी पहुंच चुकी है.

बता दें कि प्रकाश पर्व के लिए बिहार सरकार ने 3 और 4 जनवरी को सरकारी छुट्टी घोषित की है. 3 से 5 जनवरी के बीच पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री और 5 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी भी पटना आने वाले हैं. ऐसे में सुरक्षा के लिए भी अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं. सीएम खुद प्रकाश पर्व को लेकर तैयारियों का निरीक्षण कर रहे हैं. मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना सिटी स्थित बाल लीला गुरुद्वारे में यात्री निवास का उद्घाटन किया.

पटना सिटी के मंगल तालाब में श्रद्धालुओं के लिए लेजर शो का इंतजाम भी है. फिलहाल इसकी टेस्टिंग चल रही है. 1 जनवरी से ये लेजर शो काम करने लगेगा. आप भी देखें इसकी झलकियां.