देश हित के निर्णय हम तेजी से करें –नरेन्द्र मोदी

सरकार हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार

हम वो आचरण करें जो आने वाले दिनों में देश की युवा पीढ़ी के काम आए




प्रधानमंत्री नरेंद्र नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन सत्र के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए

नई दिल्ली : संसद का यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है. देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. हिन्दुस्तान में चारों दिशाओं में से इस आज़ादी के अमृत महोत्सव के नीमित रचनात्मक, सकारात्मक, जनहित के लिए, राष्ट्रहित के लिए, सामान्य नागरिक अनेक कार्यक्रम कर रहे हैं, कदम उठा रहे हैं, और आजादी के दिवानों ने जो सपने देखे थे उन सपनों को पूरा करने के लिए सामान्य नागरिक भी इस देश का अपना कोई न कोई दायित्व निभाने का प्रयास कर रहा है. यह खबरे अपने आप में भारत के उज्जवल भविष्य के लिए शुभ संकेत है. यह बातें आज प्रधानमंत्री नरेंद्र नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन सत्र के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए कही.

उन्होंने कहा कि हमने देखा है. पिछले दिनों संविधान दिवस भी, नए संकल्प के साथ संविधान के spirit को चरित्रार्थ करने के लिए हर किसी के दायित्व के संबंध में पूरे देश ने एक संकल्प किया है इन सबके परिपेक्ष में हम चाहेगें, देश भी चाहेगा, देश का हर सामान्य नागरिक चाहेगा कि भारत का यह संसद का यह सत्र और आगे आने वाला भी सत्र आजादी के दीवानों की जो भावनाएं थी, जो spirit था, आजादी के अमृत महोत्सव का जो spirit है, उस spirit के अनुकूल संसद भी देश हित में चर्चा करे, देश की प्रगृति के लिये रास्ते खोजे, देश की प्रगृति के लिए नये उपाय खोजें और इसके लिए यह सत्र बहुत ही विचारों की समृद्धि वाला, दूरगामी प्रभाव पैदा करने वाले सकारात्मक निर्णय करने वाला बने. मैं आशा  करता हूँ कि भविष्य में संसद को कैसा चलाया, कितना अच्छा contribution किया उस तराजू पर तौला जाएं, ना कि किसने किताना जोर लगाकर के संसद के सत्र को रोक दिया यह मानदंड़ नहीं हो सकता. मानदंड यह होगा कि संसद में कितने घंटे काम हुआ, कितना सकारात्मक काम हुआ. हम चाहते हैं, सरकार हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है, खुली चर्चा करने के लिए तैयार है. सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है और आजादी के अमृत महोत्सव में हम यह भी चाहेंगे कि संसद में सवाल भी हो, संसद में शंति भी हो.

हम चाहते हैं, संसद में सरकार के खिलाफ, सरकार की नीतियों के खिलाफ जितनी आवाज़ प्रखर होनी चाहिए, लेकिन संसद की गरिमा, स्पीकर की गरिमा, चेयर की गरिमा इन सबके विषय में हम वो आचरण करें जो आने वाले दिनों में देश की युवा पीढ़ी के काम आए. पिछले सत्र के बाद करोना की एक विकट परिस्थिति में भी देश ने 100 करोड़ से अधिक डोज़ेज, करोना वैक्सीन और अब हम 150 करोड़ की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. नए वैरिएंट की खबरें भी हमें और भी सर्तक करती हैं, और सजग करती है. मैं संसद के सभी साथियों को भी सतर्क रहने की प्रार्थना करता हूँ. आप सभी साथियों को भी सतर्क रहने के लिए प्रार्थना करता हूँ. क्योंकि आप सबका उत्तम स्वास्थ्य, देशवासियों का उत्तम स्वास्थ्य ऐसी संकट की घड़ी में हमारी प्राथमिकता है.

देश की 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को इस करोनाकाल के संकट में और अधिक तकलीफ न हो इसलिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से अनाज मुफ्त में देने की योजना चल रही है. अब इसे मार्च 2022 तक समय आगे कर दिया गया है. करीब दो लाख साठ हजार करोड़ रुपये की लागत से, अस्सी करोड़ से अधिक देशवासियों को गरीब के घर का चूल्हा जलता रहे इसकी चिंता की गई है. मैं आशा करता हूँ कि इस सत्र में देश हित के निर्णय हम तेजी से करे, मिलजुल करके करें. सामान्य मानव की आश- अपेक्षाओं को पूर्ण करने वाले करें. ऐसी मेरी अपेक्षा है.

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