बच्चों को गांधी जी के कथावाचन के दौरान अर्थ समझाने की जरुरत – नीतीश

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | शनिवार 01 जून को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने विभाग की प्रस्तुति दी. प्रस्तुति के क्रम में अपर मुख्य सचिव आर0के0 महाजन ने शिक्षकों के विवरण, शैक्षणिक आंकड़े, विद्यालय से बाहर के बच्चों के आच्छादन के संबंध में जानकारी दी. इसके साथ ही प्रारंभिक शिक्षा में मूल्यांकन की व्यवस्था, राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में बिहार के कक्षा 3, 5, 8 एवं 10 के बच्चों की उपलब्धि, विद्यालय के प्रभावी संचालन हेतु प्रयास, विद्यालयों के औचक निरीक्षण संबंधी जानकारी, अवैध नियुक्त नियोजित शिक्षकों पर कार्रवाई, शिक्षक पात्रता संबंधी तथ्य, निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों के वितरण, गांधी जी के जीवन पर आधारित कथावाचन, उच्च शिक्षा में 30 प्रतिशत जी0ई0आर0 प्राप्ति हेतु किए जा रहे प्रयासों के संबंध में भी प्रस्तुति दी गई. वहीं नियोजित शिक्षकों के मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के संबंध में भी जानकारी दी गई. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बैठक में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा बेहतर ढंग से परीक्षा संपन्न कराने एवं मात्र 28 दिन में इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2019 का परीक्षाफल प्रकाशन करने, मात्र 29 दिन में वार्षिक माध्यमिक परीक्षाफल के प्रकाशन के संबंध में जानकारी दी गयी. वहीं पूरा एनुअल एक्जाम सर्किल मई माह में ही पूर्ण होने की जानकारी दी गयी. अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि समय पर परीक्षा परिणाम के आने से राज्य के बच्चे अब देश के किसी भी संस्थान में नामांकन करा सकते हैं. प्रश्न पत्रों एवं मूल्यांकन पद्धति में भी किए गए बदलाव एवं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अधिनियम-2019 के संबंध में भी जानकारी दी गई. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि गांधी जी के कथावाचन के दौरान बच्चों को उसका अर्थ समझाने की जरुरत है, जिससे वे अपने जीवन में उसे आत्मसात कर सकें. गांधी जी की बातों को अगर 10 प्रतिशत बच्चे भी समझ लेंगे तो समाज बदल जाएगा. स्कूलों में बच्चों के पठन-पाठन के साथ-साथ खेलकूद की भी व्यवस्था होनी चाहिए. खेलकूद से बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा. अगर स्कूल प्रांगण में जगह की कमी है तो जगहों के अनुसार बच्चों के लिए खेलों का चयन होना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नयन बांका को पूरे राज्य के स्कूलों में लागू करने के लिये डी0एम0, डी0डी0सी0 एवं संबद्ध पदाधिकारी को ट्रेनिंग करवाने की व्यवस्था की जाय ताकि पूरे राज्य में सफलतापूर्वक इसे लागू किया जा सके. उन्नयन बांका की सफलता को देखते हुये माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक कक्षाओं में जुलाई-अगस्त 2019 तक इसे पूरे राज्य में विस्तार करने की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शिक्षक उपस्थिति एवं शिक्षा में गुणात्मक सुधार हेतु विद्यालयों का सतत् अनुश्रवण विभिन्न स्तरों से कराते हुये सुधारात्मक कार्रवाई की जाय. उच्च माध्यमिक विद्यालय के ऐसे भवन जो ए0सी0/डी0सी0 विपत्र के समायोजन के कारण अर्द्धनिर्मित रह गये, उन्हें इस वितीय वर्ष में पूरा किया जाय. प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों का छात्र के अनुपात में अगस्त 2019 तक रेषनलाइजेषन किया जाय. मुख्यमंत्री ने सभी पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय के निर्माण में तेजी लाने के भी निदेर्श दिये, साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए उनकी बहाली जल्द हो ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा सके. सभी पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्थापना से लड़कियां भी शिक्षित होंगी और राज्य के फटिर्लिटी रेट में भी सुधार हो सकेगा.

बैठक के बाद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर0के0 महाजन एवं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बैठक के संबंध में जानकारी दी.




बैठक में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त सुभाष शर्मा, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर0के0 महाजन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव चंद्रशेखर सिंह सहित शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे.