जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय का घेराव महाशिवरात्रि को भी जारी रहा

पटना (ब्युरो रिपोर्ट) | राजधानी पटना में शुक्रवार 21 फरवरी को बर्खास्त शिक्षकों की बर्खास्तगी वापस लेने, जिन शिक्षकों पर FIR हुआ है, FIR वापस लेने एवं शो कॉज का पत्र निरस्त करने तथा पुराने शिक्षकों की तरह नियोजित शिक्षकों को वेतनमान पुराना सेवा शर्त लागू करने राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांग सहित सात सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार को भी जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय का घेराव सुबह 10 बजे से संध्या 5 बजे तक किया गया. इसमें हजारों शिक्षक धरने पर बैठे रहे एवं अपनी मांगों के समर्थन में नारा लगाते रहे.
शुक्रवार के विशेष कार्यक्रम में शिवरात्रि होने के नाते घेराव में आए सभी शिक्षकों ने अपना शिवरात्रि पर्व वही मनाया और मांगे पूरी होने की मंशा को लेकर हवन पूजा भी किया. कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख रूप से बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक श्री ब्रजनंदन शर्मा ने संबोधित करते हुए कहां की हमारी मांगे कोई नई नहीं है. हमारा मात्र इतना कहना है कि जो शिक्षकों को 30 वर्ष पहले वेतनमान दिया गया था, वही वेतनमान एवं पुराना जो सेवा शर्त बना हुआ है वहीं सेवा शर्त और सारी सुविधाएं हमारे नए शिक्षकों को भी दिया जाए हमारी लड़ाई इसकी है. और जब तक यह मिल नहीं जाएगा, पुरानी पेंशन योजना या अनुकंपा के आधार पर शिक्षकों के नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं हो जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. हम अब पीछे हटने वाले नहीं हैं और सरकार के बर्खास्तगी और शो कॉज और एफ आई आर जैसे विभागीय कुकृत्य से बिहार के शिक्षक डरने वाले नहीं हैं शिक्षकों को डराने के बजाय सरकार इनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करें और वार्ता के टेबल पर आएं. इस तरह की तानाशाही रवैया सरकार के लिए ही घातक परिणाम लेकर आएगा.
बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य महासचिव नागेंद्र शर्मा ने घेराव में उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए रश्मिरथी की पंक्तियां पढ़ी और कहा कि न्याय की रक्षा शिक्षा और शिक्षकों के हित की रक्षा करना संघ संगठन का मुख्य कार्य है. उन्होंने कहा कि आज बिहार की शिक्षा व्यवस्था वर्तमान सरकार की गलत शिक्षा नीति के कारण पूरी तरह चरमरा गई है. शिक्षकों को सरकार उसका हक दे दे, बिहार की शिक्षा व्यवस्था सुधर जाएगी और जब तक शिक्षकों का हक हुकूक उसे नहीं मिल जाता तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. बीच-बीच में शिक्षकों के विरुद्ध बर्खास्तगी और इस तरह की दंडात्मक कार्रवाई सरकार और सरकारी तंत्र के कायरता का प्रतीक है, इससे शिक्षक डरने वाले नहीं हैं. हर हाल में पुराने शिक्षकों की तरह नए शिक्षकों को भी वेतनमान पुराना सेवा शर्त और राज्य कर्मी का दर्जा सरकार को देना ही होगा.
शुक्रवार के घेराव कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं नेतृत्व बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति पटना जिला इकाई के संयोजक प्रेमचंद्र ने किया. घेराव कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों को बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के राज्य मीडिया प्रभारी मनोज कुमार, बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के राज्य महासचिव राकेश कुमार, पटना जिला शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति सचिव मंडल के सदस्य, बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के पटना जिला के महासचिव मोहम्मद मुस्तफा आजाद, बिहार राज्य परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के महासचिव आनंद मिश्रा, बिहार राज्य पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ मूल के पटना जिला इकाई के महासचिव पंकज कुमार, शिक्षक न्याय मोर्चा बिहार के अध्यक्ष शिवेंद्र पाठक, बिहार राज्य शिक्षक शिक्षा विकास मंच के अध्यक्ष नवनीत मिश्रा एवं शिशिर कुमार पांडे, श्रीमती आशा पांडे, बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ पटना जिला इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार यादव, बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (गोप गुट) के अध्यक्ष प्रदीप राय एवं बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति पटना जिला इकाई के संयोजक प्रेमचंद्र सहित घेराव कार्यक्रम में आए सैकड़ों शिक्षक नेताओं ने उपस्थित शिक्षकों को संबोधित किया.
विदित है कि प्रेम चंद्र, राकेश कुमार, राम विनय राय, राम शेखर एवं वीरेंद्र कुमार यादव के विरुद्ध कल बहादुरपुर थाना में पटना डीएम के द्वारा FIR किया गया है. यह सभी राज्य एवं पटना जिला के शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के प्रमुख नेतृत्व करता है.
इस आशय की जानकारी विज्ञप्ति जारी कर बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति पटना जिला इकाई के संयोजक प्रेम चंद्र ने प्रेस को दी