रक्त की लीजिए जानकारी, कीजिए रक्तदान और बचाइए दूसरों की जान

विश्व रक्तदान दिवस आज, बढ़ चढ़ करें रक्तदान

1 लाख 85 हजार 37 यूनिट से अधिक ब्लड का संग्रह
आठ सालों में 64 से बढ़कर हो गए 104 ब्लड बैंक

पटना,14 जून. रक्त हमारे शरीर के लिए बेहद आवश्यक है. इसके बिना जिंदगी की कल्पना कर पाना मुश्किल है. कई बार बीमारियों, ऑपरेशन, सड़क या अन्य प्रकार की दुर्घटना में घायलों को बचाने के लिए रक्त की आवश्यकता पड़ती है. राज्य सरकार प्रदेश में रक्त संग्रह की व्यवस्था को बेहतर करने में लगी हुई है. 2021 -22 में 1 लाख 85 हजार 37 यूनिट से अधिक ब्लड का संग्रह हुआ, जिसमें से सरकारी ब्लड बैंक से 1 लाख 22 हजार 287 यूनिट से संग्रह हुआ, जबकि शेष में निजी ब्लड बैंक का योगदान रहा. लोगों को रक्तदान करने को प्रेरित किया जा रहा है. विश्व रक्तदान के अवसर पर 14 जून को प्रदेश भर में रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं.




सात हजार लोगों को दिए गए स्मार्ट डोनर कार्ड

स्वैच्छिक रक्तदान करने वालों को स्मार्ट डोनर कार्ड दिए जा रहे हैं. स्वैच्छिक रक्तदान करने वालों को स्मार्ट डोनर कार्ड दिया जाता है और उनसे संबंधित जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाती है. अभी तक स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले सात हजार लोगों को दिए गए स्मार्ट डोनर कार्ड दिए जा चुके हैं. रक्तदान के प्रति लोगों को प्रेरित करने के लिए जागरूकता अभियान के साथ-साथ स्कूल-कालेजों समेत सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों में समय-समय पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं.

प्रत्येक जिला में एक ब्लड बैंक होना अनिवार्य

नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (एमओएचएफडब्ल्यू) ने ब्लड बैंक नीति तैयार की है, जिसके अनुसार हर जिले में कम से कम एक ब्लड बैंक होना चाहिए. राज्य सरकार की पहल का नतीजा है कि ब्लड बैंक की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. राज्य स्वास्थ्य समिति के अनुसार, 2013- 14 में प्रदेश में सरकारी और निजी समेत कुल 64 ब्लड बैंक ही थे. जबकि, आज ब्लड बैंक की संख्या 104 है, जिसमें से 43 सरकारी हैं.

चिकित्सकों के अनुसार, रक्तदान करने से शरीर पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता है बल्कि फायदा ही होता है. एक यूनिट रक्तदान में 350 मिलीग्राम रक्त लिया जाता है. रक्तदान के बाद हुई खून की कमी 21 दिनों में पूरी हो जाती है. एक यूनिट खून से एक यूनिट प्लाज्मा, एक यूनिट प्लेटलेट्स, एक यूनिट आरबीसी और एक यूनिट क्रायो मिलता है. इनसे अलग-अलग चार लोगों का जीवन बचाया जा सकता है. पुरुष हर तीन महीने और महिला हर चार महीने के अंतराल पर दोबारा रक्तदान कर सकते हैं. रक्तदान के लिए शरीर का न्यूनतम वजन 45 किलो होना चाहिए. रक्तदान पूर्व की जांच से शरीर की स्थिति का पता चलता है. हार्टअटैक, कैंसर होने की आशंका कम हो जाती है. नियमित अंतराल पर रक्तदान करने से शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रहती है. रक्त की कमी को दूर करने के लिए हर स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए.

PNCB