विश्वविद्यालय को बचाने वाला “हस्ताक्षर”

विवि बचाने के लिए चल रहा है हस्ताक्षर अभियान

मेडिकल कॉलेज के निर्णय परिवर्तन तक विद्यार्थी परिषद करेगा संघर्ष




आरा,10 मार्च(ओ पी पांडेय). VKSU पर मेडिकल कॉलेज बनाने के सरकार के अड़ियल रवैये के बाद सरकार के खिलाफ छात्रों,शिक्षकों और आम जनों का रुख सरकार के प्रति सख्त हो गया है. बताते चलें कि VKSU की स्थापना का काल भी 1985 के दौर में संघर्ष भरा था और विवि की स्थापना के लिए जनपद के लोगों ने व्यापक संघर्ष किया था और अंततः VKSU की स्थापना हुई. आज उस व्यापक आंदोलन के जरिये पहचान बनाने वाले विवि के मिटने की स्थिति में भी पुनः एक बार जनपद एक हो खड़े हैं और आंदोलनरत हैं. छात्र अनिरुद्ध के अनशन के बाद जिसतरह सभी दलों के लोगों ने एक साथ सहयोग किया वह इतिहास याद रखेगा. लंबी वार्ता के बाद प्रशासन का आश्वासन मिला तो अनशन भले ही टूट गया लेकिन सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा बन्द नही हुआ. छात्रों और शिक्षकों ने मंगलवार को ही घोषणा कर दिया कि अगले सप्ताह वे आरा हाउस से शान्ति मार्च निकलेंगे वही AVBP ने शाहबाद के कई कॉलेजों में एक दिवसीय धरने के बाद अब हस्ताक्षर अभियान चालू किया है. छात्रों का अंदाज बिल्कुल तल्ख है और किसी भी कीमत पर अपने विवि को खोने की स्थिति में नही हैं. वे लगातार हस्ताक्षर अभियान से जन-जन की भागीदारी सक्रिय करने में लगे हुए हैं.

VkSU के जमीन पर मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि अधिग्रहण के मामले पर अभाविप के कार्यकर्ता सख्त होते जा रहे है. विश्वविद्यालय को विद्यार्थी परिषद किसी भी हालत में बंदरबांट नहीं होने देगा. आज आंदोलन के तीसरी कड़ी में आरा नगर के सभी महाविद्यालय में हस्ताक्षर अभियान चलाया. इस हस्ताक्षर अभियान में छात्र छात्राओं के साथ महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सभी ने एक ही आवाज में कहा वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय के स्तीत्व को कभी मिटने नहीं देंगे. विद्यार्थी परिषद के द्वारा चलाये जा रहे अभियान में सभी कदम से कदम मिलाकर हमेशा चलने की ठान चुके है और सबका यही कहना है कि जब तक बिहार सरकार इस निर्णय को परिवर्तित नहीं करती यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा.


महिला महाविद्यालय में हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत करते हुए महिला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सिंह ने बताया कि विद्यार्थी परिषद के आंदोलन में सभी शिक्षक-शिक्षकेतर,कर्मचारी एबीवीपी के साथ-साथ कदम से कदम मिलाकर वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के अस्तित्व को बचाने के लिए खडे हैं. वही एसबी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर नवीन कुमार ने बताया कि वीर कुंवर से विश्वविद्यालय का अस्तित्व खतरे में पड़ा हुआ है जिसमें हम सभी को एक साथ एक प्लेटफार्म पर खड़ा होकर बिहार सरकार के खिलाफ आंदोलन चलाना चाहिए ताकि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं का भविष्य बच सकें.

प्रदेश सह मंत्री अमित सिंह ने बताया कि आंदोलन की आज तीसरी कड़ी है अगर सरकार निर्णय परिवर्तित नहीं करती है हम विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता बाध्य आकर इससे भी बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे. महाराजा महाविद्यालय में हस्ताक्षर अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य उमंग ने बताया कि विद्यार्थी परिषद जिसके लिए संघर्ष करता है उसको अंजाम तक पहुंचाता है और संघर्ष क्या तीसरे कदम में हम लोग प्रवेश कर चुके हैं.

जगजीवन महाविद्यालय में छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य चंदन तिवारी ने बताया कि जब शाहाबाद में कोई विश्वविद्यालय नहीं था तो एक आवाज उस समय बुलंद हुई थी और उस आवाज का ही परिणाम है आज शाहबाद में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय स्थापित है. उस संघर्ष को जो हमारे पूर्वज हम लोगों के लिए करके चले गए हैं इतनी आसानी से हम सभी कैसे जाने देंगे.

प्रांत छात्रा प्रमुख अनामिका केसरी ने बताया कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार झुकती नहीं है. जैन महाविद्यालय का नेतृत्व रोहित सिंह, महाराजा महाविद्यालय का नेतृत्व सागर दिग्विजय,एसबी महाविद्यालय के नेतृत्व आदित्य कुमार, जगजीवन महाविद्यालय का नेतृत्व अविनाश सिंह ने किया. कार्यक्रम में मुख्य भूमिका के रूप में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ऋतुराज चौधरी ,नगर संगठन मंत्री राहुल सिंह,नगर सह मंत्री अनूप सिंह, प्रफुल्ल सिंह,अनामिका केशरी,अंजलि तिवारी, बंटी कुमारी,अंकिता राज , प्रियांशी श्रीवास्तव,अनु,पियुस कुमार अभिमन्यु भरद्वाज,मनीष कुमार सिंह, दीपक कुमार,सागर दिग्विजय,उमंग कुमार,गणेश कुमार, रितिक सिन्हा,अंकित प्रशांत,सूर्यमणि तिवारी आदि थे.

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