अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की हिफाज़त के लिए 33 संगठनों का ‘सांस्कृतिक प्रतिरोध’

कार्यक्रम – सबके लिए एक सुन्दर दुनिया

इप्टा के कार्यक्रम में हुआ था हमला




15 अक्टुबर, 2016 को ‘सांस्कृतिक प्रतिरोध’ का आयोजन

पटना के 33 सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक संगठनों ने इप्टा के इंदौर राष्ट्रीय सम्मेलन पर हुए फासिस्ट हमले के ख़िलाफ़ एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की हिफाज़त के लिए 15 अक्टूबर, 2016 (शनिवार) को अपराह्न 3 बजे से भिखारी ठाकुर रंगभूमि, दक्षिणी गाँधी मैदान, पटना में सांस्कृतिक प्रतिरोध का आयोजन किया है. जिसके तहत आयोजन के तहत आयोजक संगठनों के द्वारा नुक्कड़ नाटक, जनगीत, कविता पाठ एवं जनसंवाद के कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे. कार्यक्रम का थीम ‘सबके लिए एक सुन्दर दुनिया’ है.इस आशय की जानकारी बिहार इप्टा के महासचिव व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तनवीर अख्तर ने दी.

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विदित है कि 2 से 4 अक्टुबर, 2016 तक मध्य प्रदेश के इंदौर में इप्टा का 14वां राष्ट्रीय सम्मेलन-सह-जन सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया गया था. सम्मेलन के अंतिम दिन 04 अक्टूबर को आनंद मोहन माथुर सभागृह में समापन सत्र के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समर्थित संगठनों के कुछ युवाओं ने सत्र की कार्यवाही को रोकने का प्रयास किया, जिसका सभागृह में उपस्थित देश भर के इप्टाकर्मियों ने सशक्त विरोध कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया. इस पूरे प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि संभवतः पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं इससे जुड़े संगठन (भाजपा) इप्टा के विरोध में खुलकर आये और अख़बारों में प्रतिक्रिया दी.

भाजपा के एक राष्ट्रीय महासचिव ने इन्दौर के दैनिक अखबार में आलेख लिखकर इप्टा पर अनर्गल आरोप लगाने और इप्टा से जुड़े कलाकारों को धमकी देने का काम किया. देश भर के कलाकारों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं इससे जुड़े संगठनों के इस कृत्य को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हमला करार दिया है और इसकों लेकर पूरे देश में प्रतिरोध कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. इसी कड़ी में पटना के 33 सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक संगठनों ने 15 अक्टुबर, 2016 को ‘सांस्कृतिक प्रतिरोध’ का आयोजन किया है.

सांकृतिक प्रतिरोध कार्यक्रम पटना की अक्षरा आर्ट्स, अभियान सांस्कृतिक मंच, अल-खैर, ईस्ट एण्ड वेस्ट एडुकेशनल सोसाइटी, भंगिमा, भारतीय जननाट्य संघ (इप्टा), हिरावल,   एच.एम.टी., कला जागरण, किसलय, कैनवास, कोरस, कोशिश, जनवादी लेखक संघ, जन संस्कृति मंच, जन विकल्प, जन आन्दोलनों का राष्ट्रीय समन्वय, थियेटर युनिट, नट मंडप, निर्माण कला मंच, पुनश्च, प्रगतिशील लेखक संघ, प्रांगण, प्रवीण सांस्कृतिक मंच, प्रेरणा (जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा), रंगमाटी, रागा, रंगमार्च, लोक पंच, विहान सांस्कृतिक मंच, सदा, सुरांगन, सूत्रधार एवं अन्य.कई संगठन शामिल हो रहे है.