अब बस स्टैंड में मिलेगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं

कैबिनेट की मंजूरी: पीपीपी मॉडल पर बिहार में बनेंगे 31 विश्वस्तरीय बस स्टैंड

बस स्टैंड में होटल, शॉपिंग मॉल और फूड कोर्ट भी होंगे विकसित




पटना ।। यात्रियों को सुगम, सुलभ एवं अत्याधुनिक विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के 31 बस डिपो का विकास किया जायेगा. इसका विकास जी प्लस 4 से जी प्लस 6 बहुमंजिला भवनों के रूप में किया जाएगा. इन बस टर्मिनलों को केवल बसों के संचालन तक सीमित न रखकर मल्टी-फंक्शनल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि यात्रियों को एक ही परिसर में परिवहन के साथ आधुनिक नागरिक सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकें.

कैबिनेट की बैठक में पारित हुआ प्रस्ताव

परिवहन विभाग मंत्री दामोदर रावत ने बताया कि परिवहन विभाग के इस प्रस्ताव पर बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई. इस निर्णय के तहत बिहार राज्य पथ परिवहन निगम राज्य के 31 बस डिपो एवं बस स्टैंडों का पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (ppp) मॉडल पर विकास करेगा.

ग्राउंड फ्लोर पर बस संचालन, ऊपरी मंजिलों पर आधुनिक यात्री सुविधाएं

इस बारे में परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि प्रस्तावित बस स्टैंडों के ग्राउंड फ्लोर पर बस बे, डिजिटल टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, यात्री सहायता केंद्र, कैफेटेरिया, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, एटीएम, सुरक्षा कक्ष, सीसीटीवी निगरानी एवं सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. पहली मंजिल पर वातानुकूलित एवं सामान्य प्रतीक्षालय, निगम के प्रशासनिक कार्यालय, फूड कोर्ट, रिटेल दुकानें एवं सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जबकि दूसरी मंजिल पर चालक एवं परिचालकों के लिए विश्राम कक्ष, डॉर्मिटरी और अतिथि कक्ष की व्यवस्था होगी.

होटल, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स और मनोरंजन केंद्र होंगे आकर्षण का केंद्र

बस स्टैंडों की जी प्लस 3 से जी प्लस 6 मंजिलों का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा. यहां होटल, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स (pvr), बैंक्वेट हॉल, कार्यालय, मनोरंजन केंद्र, सोलर पावर प्लांट एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान विकसित किए जाएंगे. इससे प्राप्त राजस्व का साझाकरण बिहार राज्य पथ परिवहन निगम एवं निजी भागीदार के बीच किया जाएगा, जिससे बस स्टैंडों का संचालन और रखरखाव आर्थिक रूप से भी मजबूत होगा.

ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन और अत्याधुनिक डिपो भी बनेंगे

परियोजना के अंतर्गत आधुनिक वर्कशॉप, बस पार्किंग, निरीक्षण पिट, स्टोर, टायर सेक्शन, ई-बस चार्जिंग स्टेशन, जल निकासी व्यवस्था, एसटीपी/ईटीपी तथा बैकअप पावर सिस्टम जैसी अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे भविष्य में संचालित होने वाली इलेक्ट्रिक बसों के संचालन एवं रखरखाव को नई मजबूती मिलेगी.

बीएसआरटीसी के इन जिलों में विकसित होंगे आधुनिक बस स्टैंड

इस परियोजना के तहत पटना, मुजफ्फरपुर, गयाजी, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, मुंगेर, जमुई, नवादा, सहरसा, मधुबनी, किशनगंज, मोतिहारी, सारण, सीतामढ़ी, नालंदा, औरंगाबाद, भोजपुर, जहानाबाद, शेखपुरा इत्यादि में 31 आधुनिक बस स्टैंड विकसित किए जाएंगे.

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मिलेगी नई पहचान

यह परियोजना बिहार में सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी. भविष्य में बसों की बढ़ती संख्या, 400 ई-बसों के प्रस्तावित संचालन तथा यात्रियों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किए जा रहे ये विश्वस्तरीय बस टर्मिनल सुरक्षित, स्वच्छ, डिजिटल और सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करेंगे. साथ ही, राज्य में निवेश, रोजगार सृजन और शहरी विकास को भी नई गति मिलेगी.

pncb

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