DL, परमिट और रजिस्ट्रेशन जैसे दस्तावेजों की वैधता 30 जून तक बढ़ाई गई

कोरोना वायरस  के कारण हुए लॉक डाउन के कारण परिवहन विभाग ने दी राहत

देशभर में 14 अप्रैल तक लगे लॉकडाउन को देखते हुए ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, रजिस्ट्रेशन जैसे दस्तावेजों की वैधता बढ़ा दी गई है. जिनका ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट आदि जैसे डॉक्यूमेंट 1 फरवरी 2020 को एक्सपायर हो गया था उन्हें  30 जून तक कि मोहलत दी गई है. बिहार सरकार के द्वारा इसके लिए आदेश निर्गत कर दिए गए हैं तथा सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को इसके अनुपालन का निर्देश दिया गया है .




परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि कोरोना वायरस  के कारण हुए लॉक डाउन के कारण लोगों को हो रही चिंताओं के दृष्टिकोण से यह निर्णय लिया गया है ताकि वे अपने वाहनों के फिटनेस परमिट तथा अन्य कागजातों के लिए अनावश्यक रूप से परेशान ना हों.

लॉक डाउन  समाप्ति के बाद परिवहन विभाग विशेष शिविर आयोजित कर इसके लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य करेगा तथा कई सुविधाएं ऑनलाइन भी प्रदान करेगा ताकि लोगों को काम में किसी प्रकार की परेशानी ना हो. परिवहन सचिव द्वारा सभी ट्रैफिक पुलिस एवं सभी परिवहन पदाधिकारियों को इस इसके लिए अनावश्यक रूप से किसी को परेशान ना करने का निर्देश दिया है.

परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस संबंध में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों को एक एडवाइजरी भी जारी कर दी है.

एडवाइजरी के अनुसार मोटर वाहन कानून के तहत मान्य गाड़ी के सभी कागजात, ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन व अन्य दस्तावेज जिनकी वैधता 1 फरवरी 2020 को समाप्त हो गई हो अथवा 30 जून 2020 तक समाप्त होने वाला हो, उन सभी की वैधता 30 जून 2020 तक मानी जाएगी. परिवहन सचिव ने कहा है कि इस दौरान डॉक्यूमेंट की वैधता की वजह से किसी को परेशान नहीं किया जाएगा.

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों से आग्रह किया है कि वे मोटर वाहन कानून और नियम के तहत उन दस्तावेजों को 30 जून तक वैध मानें जिनकी वैधता एक फरवरी 2020 को समाप्त हो गई है और देशव्यापी लॉक डाउन के कारण उनको रिन्यू नहीं कराया जा सका है.

जिन दस्तावेजनों की वैधता की अवधि बढ़ायी गई है, उसमें मोटर वाहन कानून के तहत फिटनेस प्रमाणपत्र, सभी प्रकार के परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण या अन्य संबंधित दस्तावेज शामिल हैं.