संक्रमण दर कम होने पर भी पटना में कोरोना का खतरा

जांच घटाकर घटाया जा रहा कोरोना

पटना सहित 8 ब्लॉक में कोरोना का खतरा




बिहार में कोरोना की रफ्तार कम हो रही है, लेकिन पटना के 8 इलाके रेड जोन में हैं। यहां कोरोना के एक्टिव मामलों में कमी नहीं आ रही है। पटना सदर सहित इन सभी 8 ब्लाक को रेड जोन में रखकर निगरानी की जा रही है। यहां एक्टिव मामलों की संख्या अधिक है, नए मामले भी इन इलाकों में अधिक आ रहे हैं। जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम निगरानी कर रही है।

पटना सदर सहित जिले के पांच ब्लाक में कोरोना का खतरा बढ़ रहा है। पटना, बिहटा, फुलवारीशरीफ, पालीगंज, दानापुर, बिक्रम, दनियांवा और दुल्हिन बाजार में कोरोना का खतरा बढ़ रहा है। इन ब्लाक को रेड जोन में रखा गया है। इन इलाकों में टेस्टिंग और ट्रेसिंग का काम बढ़ाकर यह पता लगाया जा रहा है कि संक्रमण का मामला क्यों बढ़ रहा है।

पटना में कोरोना की जांच लगातार कम होती जा रही है। जनवरी में 8 से 10 हजार जांच हर दिन होती थी, लेकिन अब वह 5 हजार तक सिमट गई है। एक दिन में जांच का आंकड़ा पांच हजार भी नहीं पहुंच पा रहा है। जब 8 ब्लाक में संक्रमण के मामले चुनौती बने तो आंकड़ा बढ़ा दिया गया है। गुरुवार को पटना में 6,841 लोगों की जांच कराई गई है। फरवरी में पहली बार जांच का आंकड़ा 5 हजार के पार हुआ है। कोरोना के ऐसे मामलों को लेकर विभाग अलर्ट है, जिसमें संक्रमण के एक्टिव केस कम नहीं हो रहे हैं। केस बढ़ने के कारण की तलाश की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि किस तरह से संक्रमण के मामलों पर काबू पाया जाए तथा अन्य ब्लाक की तरह पटना के 8 रेड जोन वाले ब्लाक को भी सही किया जाए।

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