नहीं रहे बिहार के पूर्व CM जगन्नाथ मिश्रा | मुख्यमंत्री ने जताया शोक

पटना, 19 अगस्त. लंबे समय से बीमार चल रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा का आज दिल्ली में निधन हो गया. वे 82 वर्ष के थे. वे बिहार के तीन बार मुख्यमंत्री रहे. अपने राजनीतिक जीवन मे पहली बार 1975 में मुख्यमंत्री बने और अप्रैल 1977 तक रहे. उसके बाद 1980 में उन्होंने तीन साल के लिए मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली. फिर 1989 में तीन महीने के लिए सीएम रहे. उनपर चारा घोटाले का भी दाग रहा जिसकी वजह से कई महीने उन्हें जेल में बितानी पड़ी. जगन्नाथ मिश्रा लंबे समय तक कांग्रेस में रहे. भाई एलएन मिश्रा की हत्या के बाद 80 के दशक में वह राजनीति के केंद्र में आए थे. उनका पुत्र नीतीश मिश्रा अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जताया शोकडॉ मिश्रा के निधन पर नीतीश कुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने अपने शोक-संदेश में कहा है कि डाॅ जगन्नाथ मिश्रा एक प्रख्यात राजनेता एव शिक्षाविद् थे. बिहार के साथ-साथ देश की राजनीति में उनका बहुमूल्य योगदान रहा है. उनके निधन से न केवल बिहार बल्कि पूरे देश की राजनीतिक, सामाजिक एव शिक्षा के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है. मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर-शान्ति तथा उनके परिजनों एव प्रशंसकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है. डाॅ जगन्नाथ मिश्रा के निधन पर राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गयी है. उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ

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NSUI जिलाध्यक्ष गोलीकांड में नया खुलासा… पहले से थी जानकारी

दुलदुल को पहले से ही थी किसी अनहोनी का शक अपनी सुरक्षा के लिए पहले से किया था NSUI जिलाध्यक्ष ने पुलिस को आगाह, पर नही रुकी वारदात Patna now Exclusive आरा,18 अगस्त. भोजपुर में अपराधी बेलगाम हो गए हैं. निडर ऐसे जैसे ये जैसे जांबाज जवान हो. इन अपराधियों का कहर ऐसा बढ़ गया है जिसे जहाँ और जब मन करता है गोलियां बरसा चल देते हैं. पिछले कुछ दिनों में भोजपुर जिले में फिर से अपराधियों की हनक बढ़ी है. आज सुबह तड़के डीएम कोठी के समीप अपराधियों ने NSUI जिलाध्यक्ष समेत दो को गोली मार दी और फरार हो गए. डीएम कोठी जैसे VIP एरिया में अपराधियों का गोली मारकर भाग जाना पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान है. जब इतने VIP एरिया में ऐसी घटना पर लगाम नही लग सकता तो शहरवासियों की सुरक्षा क्या भोजपुर पुलिस कर सकती है? घटना के बारे मिली सूचना के अनुसार अपराधी बाइक पर सवार थे जिनकी संख्या तीन थी. अपराधियों ने बिना कुछ कहे सुने NSUI जिलाध्यक्ष मनीष सिंह उर्फ दुलदुल सिंह और उनके साथ उस वक्त गाड़ी पर सवार उनके मित्र अप्पू सिंह पर दनादन गोलियां बरसा दी और चलते बने. अपराधियों द्वारा दागी गयी गोलियों में दुलदुल सिंह को 3 गोली और अप्पू को 4 गोलियां लगी. गोली लगने के बावजूद दुलदुल सिंह ने बहादुरी दिखाई और घटना स्थल से दोनों बाइक पर सवार डॉक्टर के पास आये. उनका इलाज डॉ विकास सिंह के क्लीनिक में हुआ जहाँ दोनों की हालत क्रिटिकल थी लेकिन डॉ विकास ने

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कोईलवर प्रखंड के विद्यालयों में धूमधाम से मना 73वां स्वतंत्रता दिवस

कोइलवर/भोजपुर (आमोद कुमार)| कोईलवर प्रखंड के सभी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक एवं निजी विद्यालयों में 73 वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के द्वारा कई तरह की प्रतियोगीताओं का भी आयोजन किया गया. स्वतंत्रता दिवस के पावन पवित्र अवसर पर मध्य विद्यालय काजीचक के प्रधानाध्यापक लालदेव वर्मा, म.वि. पचैना बाजार में रमेश कुमार राम, म.वि.महम्मदपुर में इन्द्रमोहन, म.वि.कुलहड़िया में डा. राजेन्द्र प्रसाद, बालिका कुलहड़िया, मोईनुल्लाह, म.वि.सकड्डी में सुधीर सिंह, म.वि.भदवर में राजेश कुमार, म.वि. गीधा में अरुण कुमार, म.वि.खनगांव में फूल मुहम्मद, कन्या म.वि.चांदी में राम तपस्या राय, म.वि.धनडीहा में विनय कुमार, म.वि.नया हरिपुर में संजीव कुमार गंभीर, म.वि.नया हरिपुर में विष्णु कुमार सहित सभा विद्यालय के प्रधान के द्वारा झंडोत्तोलन किया गया. इसी क्रम में मध्य विद्यालय काजीचक में विद्यालय के शिक्षक राजाराम सिंह ‘प्रियदर्शी’ के कुशल निर्देशन में छात्र-छात्राओं के द्वारा भाषण, गीत, कविता आदि कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बच्चों ने उन्मुक्त रुप से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. कार्यक्रम में शामिल सभी छात्र-छात्राओं को विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के हाथों एक कौपी और साथ में एक कलम देकर पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया. बाल संसद के पुष्पा, विजेता, रुखसार, दीपा, सोनम, सुरेंद्र, सहित, आशा, प्रिति, ज्योति, अरबाज, सहाना, अलिसा,रुमी गुड्डी, विक्की, रजनी, राखी, मनीषा ने उत्सुकता के साथ भाग लिया. सभी शिक्षकों का सराहनीय सहयोग रहा.

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स्वतंत्रता दिवस पर हुआ झूलनोत्सव कार्यक्रम का समापन

आरा,16 अगस्त. सावन में शुरू हुए 3 अगस्त से प्रारंभ 13 दिवसीय झूलनोत्सव का स्वतंत्रता दिवस की संध्या के साथ ही समापन हो गया. 13 दिनों तक धूमधाम का का माहौल रहा जिसमे आसपास के गांवों के लोग भी सांस्कृतिक माहौल में झूमते रहे. 13 दिनों तक चने वाले इस आयोजन में प्रतिदिन रात्रि को आठ बजे से 12 बजे तक भगवान को झूला झुलाया गया. इस दरम्यान देश के अलग अलग राज्यों एवम जिलों से आये कलाकारों द्वारा धार्मिक गायन प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया.. सबसे पहले मशहूर गायक व नायक हरीओम ने गाया..हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ… दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए..गाकर लोगो को झूमने पर मजबूर कर दिया, लोगो ने खूब सराहा. उसके बाद देवकुमार सिंह.. जितना दिया करतार ने मुझको उतनी मेरी औकात नहीं.. कन्हैया पाठक ने फाटल रहे धोतिया ए बभनु फाटल रहे बेवाय ,प्रभारक ने श्रीराम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में.. श्याम सिंह ने.. मैं हवा हूँ कहाँ वतन मेरा..गाकर लोगो को मंत्रमुग्ध कर दिया. इसके अलावा भारत में ख्याति प्राप्त तबला वादक देवेश दुबे, पवन बैंजो, रतन शर्मा ,अमित उपाध्याय, बिकाश पांडेय , प्रशांत चौबे,झकड़ तिवारी.. व अन्य ने भाग लिया. इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का संकलन मशहूर नाल वादक वीरेंद्र पाठक द्वारा किया गया, इस13 दिवसीय झूलनोत्सव कार्यक्रम के आयोजन करने में रामनाथ ओझा का महत्वपूर्ण योगदान रहा. आयोजन में समस्त ग्रामीणों की भी सराहनीय भूमिका रही.

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ग्राहकों की सुलझेगी समस्या…आजादी की वर्षगाँठ पर ये लिया शपथ

SBI मेन ब्रांच ने मनाया आजादी का जश्न चीफ मैनेजर ने खाताधारियों की समस्या को खत्म करने के लिए ली शपथ आरा, 16 अगस्त. आजादी की 73वी वर्षगाँठ पर देशभर में जहाँ धूमधाम से लोगों ने सेलिब्रेट किया वही भोजपुर में भी कई जगह झंडोतोलन किया गया. भोजपुर आरा के एसबीआई बैंक पकड़ी में चीफ मैनेजर राजेश कुमार गुप्ता ने झंडोतोलन किया. इस मौके पर बैंक के सीनियर के सियार प्रियतम, प्रमोद सिंह, पूजा कुमारी, राखी कुमारी, अजय कुमार तिवारी एवं तमाम पकड़ी बैंक के कर्मचारी मौजूद थे. चीफ मैनेजर ने अपने अभिभाषण में कहा कि हमारा कर्तव्य बनता है कि हमारे बैंक के जितने भी खाता धारी हो उनको जितनी भी सुविधा बनेगी वह उपलब्ध कराया जाएगा. आजादी के इस मौके पर उन्होंने धारियों की समस्या को खत्म करने की शपथ ली. उन्होंने यहाँ तक कहा कि खातेधारियो की समस्या बैंक की अपनी निजी समस्या होती है. हालांकि देखा जाए तो पकड़ी ब्रांच भोजपुर शहर का न्यू ब्रांच के साथ सभी मामले में उत्तम स्थान रखता है. बैंक अगर ग्राहकों की समस्या को अपनी समस्या समझने लगे तो फिर कोई समस्या ही नही रहे. बहरहाल हम तो यही शुभकामनाएं देंगे कि ऐसी सोच वाले मैनेजर के ख्वाबों में पर लग जाये… आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट

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मुरली मनोहर जोशी.. पहले बेचा अखबार…फिर बने पत्रकार..

अपने जिद्द से दुनिया बदलने वाला मुरली लोगो का नायक है सुर ऐसा कि जो ठाना, वही लिया आर्थिक तंगी के बावजूद भी कभी किस्मत को नही कोसा आरा, 15 अगस्त. कहते हैं कि अगर आपका लगन, विश्वास और जिद्द सच्चा हो तो कुछ असम्भव नही है चाहे आपके पास एक फूटी कौड़ी ही क्यों न हो. आज हम ऐसे ही जुनूनी शख्शियत के बारे में बात करेंगे जिसने अपने मेहनत के बल पर अपना दुनिया बदलता गया. जिस हाथों से पेट की भूख मिटाने के लिए अखबार तक बेचा आज उन्ही हाथों में उस अखबार के शब्द उसकी हाथों में आये कलम से निकलते हैं. अखबार बेचने से लेकर पत्रकार बनने तक की यह कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नही है. हम बात कर रहे हैं पत्रकार मुरली मनोहर जोशी की.. मुरली गड़हनी के रहने वाले हैं और इनका जन्म 15 अगस्त की आजादी वाली फिजा में हुई थी. प्रारम्भिक शिक्षा गांव के ही राम दाहिन +2 उच्च विद्यालय से मैट्रिक व इंटर, जनसहकारी डीग्री महाविद्यालय से स्नातक किया फिर टेक्नीकल नॉलेज के लिए कम्प्यूटर (DCA ,DFA +Tally) कोर्स भी किया. फिर जाकिर हुसैन सन्तान से पत्रकारिता में बेसिक कोर्स भी किया. फिलहाल स्नातकोत्तर में जैन कॉलेज में पढ़ रहे हैं. मुरली पढ़ने लिखने में तेज तर्रार रहे. लेकिन आर्थिक तंगी के कारण मुरली को रोजगार की जरूरत थी. इसलिए मुरली को जब कोई ऑप्शन नही दिखा तो मुरली ने अखबार बेचना शुरू किया. मुरली ने 2007 में अखबार बेचा. सुबह अखबार बेचता और गरीब लड़को को मुफ़्त

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धूम-धाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस | कई जगह कार्यक्रम आयोजित

कोइलवर/भोजपुर (आमोद कुमार)। स्वतंत्रता दिवस पर कोइलवर के प्रखण्ड मुख्यालय समेत ग्रामीण अंचलो व् नगर पंचायत में स्वतंत्रता दिवस की धूम रही. सरकारी गैर सरकारी संस्थानों में झंडा रोहन के साथ विद्यालयों में गीत और नाटक के जरिये  आजादी के दीवाने अमर सहीदो को  याद करने के साथ उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया. इलाके में गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस पर विभिन्न जगहों पर कार्यक्रम आयोजित हुए. गीधा औधौगिक क्षेत्र अंतर्गत आम्रपाली सिलेंडर प्रा. लिमिटेड कम्पनी में कम्पनी के जेनरल मैनेजर राकेश कुमार सिंह ने ध्वजारोहण किया. अवसर पर श्री सिंह ने कम्पनी के कर्मियों को संबोघित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमारे देश का राष्ट्रीय पर्व है. यह पर्व हर वर्ष 15 अगस्त को आजादी के बाद हमारे देश में मनाया जाता है. मातृभूमि की रक्षा हेतु असंख्य विरो ने अपने जीवन की आहुति दी थी. इस देश को देश प्रेमियों ने अपनी धरती को स्वतंत्रता दिलाने के लिए अपने-आप को न्योछावर कर दिया था. इन्ही देश प्रेमियों के त्याग और बलिदान के परिणाम में आज हमारा देश स्वतंत्र है. कार्यक्रम के दौरान कम्पनी के कर्मियों ने देशभक्ति गीतों के धुन पर जमकर डांस किया व् आपस में मिलकर गुलाल लगाये व् जलेबी (मिठाई) खाया.

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रक्षा बंधन पर वैदिक रक्षा सूत्र बांधे | जाने क्या है शुभ मुहूर्त | राशि अनुसार बांधे राखी

पटना (ब्यूरो) | श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करती हैं. वहीं भाई भी जीवन भर अपनी बहनों को रक्षा का वचन देते हैं. यह पर्व भाई-बहन के प्रेम का अनुपम उदाहरण है. इस बार यह त्योहार 15 अगस्त को है.बहनों को इस पर्व का बड़ी ही बेसब्री से इंतजार रहता है. वहीं भाई भी बहनों के घर आने की बाट जोहते हैं. जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है तो वे यह कामना करती हैं कि उसके भाई के जीवन में कभी कोई कष्ट न हो, वह उन्नति करें और उसका जीवन सुखमय हो. वहीं भाई भी इस रक्षा सूत्र को बंधवाकर गौरवांवित अनुभव करते हैं और जीवन भर अपनी बहन की रक्षा करने की कसम खाता है. यही स्नेह व प्यार इस त्योहार की गरिमा को और बढ़ा देता है. रक्षा बंधन के पर्व पर अपने भाई को वैदिक विधि – वैदिक रक्षा सूत्र बांधे . वैदिक रक्षा सूत्र वैदिक रक्षा सूत्र बनाने की विधि: – इसके लिए 5 वस्तुओं की आवश्यकता होती है(1) दूर्वा (घास)(2) अक्षत (चावल)(3) केसर(4) चन्दन(5) सरसों के दाने .इन 5 वस्तुओं को रेशम के कपड़े में लेकर उसे बांध दें या सिलाई कर दें, फिर उसे कलावा में पिरो दें, इस प्रकार वैदिक राखी तैयार हो जाएगी . इन पांच वस्तुओं का महत्त्व –(1) दूर्वा – जिस प्रकार दूर्वा का एक अंकुर

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वर्ल्ड क्लास यूनिसेक्स सैलून का हुआ शुभारंभ

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | सोमवार 12 अगस्त को रोमिका प्रोफेशनल यूनिसेक्स सैलून का शुभारंभ किया गया. सगुना खगौल रोड स्थित होटल गैलेक्सी कैंपस के SG-8 में यह यूनिसेक्स सैलून खोला गया है. महिलाओं के लिए यह बिहार में पहला सलून है जहां वर्ल्ड क्लास सुविधाएं उपलब्ध होंगी. शुभारंभ के इस मौक़े पर दिल्ली एवं मुंबई की कई प्रोफेशनल मॉडल भी मौजूद थे. उद्घाटन के मौके पर सैलून के एमडी अनुप्रिया एंड रोमी ने बताया कि पहले राजधानी में युवतियों, औऱ महिलाओं को वर्ल्ड क्लास सुविधा लेने के लिए बडे़ शहरों में मोटी रकम खर्च करनी पड़ती थी. लेकिन अब यह सैलून बेहद किफायती तौर पर महिलाओं को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी. विशेष आकर्षण मे कस्टमर के लिय पिक एंड ड्राप की सुविधा और वाइफ के साथ हसबैंड की फ्री सर्विस है. उन्होंने कहा कि इस सैलून में ग्राहकों को आकर्षक ऑफर के साथ विशेष सुविधा माहौल में दी जाएगी. उन्होंने आगे कहा कि सभी सर्विसज फेशियल, हेयर कट, हेर ट्रीटमेंट, रिया वैक्सीन, बॉडी पॉलिशिग, एडवांस मेकअप आदि तकनीक उपलब्ध है और यहाँ पर महिलाओं के साथ आने वाले बच्चों के लिय प्ले जोन, गेम शो की सुविधा भी उपलब्ध है. इसके साथ ही ग्राहकों की सहुलियत के लिए पार्किग तथा सबसे जरुरी हाईजीन और प्राइवेसी का विशेष ध्यान रखा गया है.

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निकली माता की अलौकिक 201वीं खप्पड़ डोली

फुलवारीशरीफ में निकली माता की अलौकिक 201वीं खप्पड़ डोलीमहामारी से लोगों की जान बचाने के लिए 201 साल से निकाली जा रही माता कीडोलीआगे आगे खप्पड़ में जलता हुआ आग लेकर दौड़े पुजारी और उनके पीछे दौड़ा 61 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का जन सैलाबतलवार, भाला त्रिशूल आदि पारंपरिक हथियार लिए लगाते रहे माता के जयकारेजय माता दी के नारों से गूंजती रही चारो दिशाएँआधे घंटे में पूरी की परिक्रमाफुलवारीशरीफ (अजीत कुमार की रिपोर्ट) | रविवार को पटना के फुलवारीशरीफ में एक अभूतपूर्व एवं अनुशासन से लवरेज रोमांचित कर देने वाला अलौकिक 201वां माता की खप्पड़ डोली निकली. इस दृश्य को देखकर शहरवासी गौरवान्वित हो रहे थे. इस वर्षो पुरानी पुरखो के जमाने से चली आ रही परम्परा को निभाने में मुस्लिम भाइयो ने हिन्दू समुदाय के साथ बढ़ चढ़ कर सहयोग दिया. संध्या के साढ़े सात बजते ही माता के मंदिर के पुजारी जीतमोहन पंडित सबसे आगे-आगे हाथ में जलता हुआ खप्पर लेकर निकले. पूजारी जी के दौड़ते ही उनके पीछे हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब हाथों में पारंपरिक हथियार, तलवार, भाला त्रिशूल लिए माता के जयकारे लगाते खप्पड़ दौड़ परिक्रमा शुरू कर देते हैं. जय माता दी के जयकारे से चारों दिशाएं गूंजने लगती हैं. करीब 61 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का सैलाब अपने शहर के दो सौ साल पुरानी आस्था और परम्परा को आज भी जिस उत्साह से निभा रहे थे. उसका स्वरूप देख लोग आश्चर्यचकित थे. आस्था की एक अनोखी तस्वीर देखने को मिल रही थी. यह दृश्य किसी को भी एक बार रोमांचित करने के लिए

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