रचनाओं की गहराई के साथ उम्र का कोई ताल्लुक नहीं – त्रिपुरारि

पटना/मुम्बई (ब्यूरो रिपोर्ट) | महज़ 30 साल की उम्र में स्कूल सिलेबस में शामिल किए जाने वाले त्रिपुरारि उर्दू के शायर और अफ़्साना निगार हैं. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी और उर्दू अदब की पढ़ाई की. फिर मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया. कुछ दिनों तक बतौर कॉपीरायटर/सम्पादक, विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे और दिल्ली यूनिवर्सिटी समेत अन्य संस्थानों में पढ़ाया भी. सन् 2017 में योरकोट हिमालयन रायटिंग फ़ेलोशिप मिली. सन् 2018 में कहानी-संग्रह ‘नॉर्थ कैम्पस’ के लिए लिट्-ओ-फ़ेस्ट मैन्यूस्क्रिप्ट कॉन्टेस्ट अवार्ड से नवाज़ा गया. सन् 2019 में इनकी शायरी को महाराष्ट्र बोर्ड के स्कूल सिलेबस में ग्यारहवीं क्लास के लिए शामिल किया गया. फ़िलहाल, मुम्बई में रहते हुए फ़िल्म/टीवी के लिए गीत-स्क्रिप्ट लेखन कर रहे हैं. उनसे बातचीत कर उनके बारे में पूछा गया तो उनके जवाब मजेदार थे. आइये जानते हैं उनसे बातचीत के कुछ मुख्य अंश….सवाल: बिहार के छोटे से गाँव एरौत में रहने वाले छोटे से बच्चे ने कभी सोचा था कि महाराष्ट्र के पाठ्य पुस्तक में उसकी रचनाएं शामिल की जाएंगी? कैसा लग रहा है? त्रिपुरारि: सच कहूँ तो किताब में छपने का ख़याल एक बार आया था लेकिन तब मैं दूसरी क्लास में पढ़ता था. हुआ यूँ कि मैंने एक बहुत ख़ूबसूरत सी कविता पढ़ी थी जो बारिश पर थी. मन में अजीब सा ख़याल कौंधा- क्या कभी ऐसा हो सकता है कि मेरी लिखी कविता लोग पढ़ें. ये बात मुझे अचानक उस घड़ी याद आई, जब महाराष्ट्र की स्कूल सिलेबस बनाने वाली समिति का मेल आया. बहुत महीनों तक तो यक़ीन ही नहीं

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नियोजित शिक्षकों का प्रदर्शन, पुलिस द्वारा लाठी चार्ज, माध्यमिक शिक्षक संघ ने की कड़ी निंदा

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | बृहस्पतिवार 18 जुलाई को नियोजित शिक्षकों द्वारा अपनी 13 सूत्री मांगों को लेकर पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर प्रदर्शन किया गया. सुबह से ही नियोजित शिक्षक एकजुट हो रहे थे. हजारों की संख्या मे जुटे शिक्षकों ने लगभग 12 बजे अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करना शुरू किया. गर्दनीबाग धरना स्थल होते हुए सैकड़ों शिक्षक हाथ में बैनर लिये विधानसभा की ओर बढ़ने लगे. सुरक्षा कर्मियों द्वारा धरना स्थल के मुख्य गेट पर प्रदर्शनकारी शिक्षकों को रोकने की कोशिश की गई. इस पर शिक्षकों ने मुख्य गेट को तोड़ने का प्रयास किया. इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारी शिक्षक और शिक्षिकाओं पर पानी का छिड़काव करना शुरू किया. इधर कुछ शिक्षकों की पुलिस के साथ झड़प हो गई. शिक्षक जोर-जोर से नारेबाजी भी कर रहें थे. पुलिस एवं शिक्षकों में पत्थरबाजी भी होने लगी. इस पर पुलिस ने उग्र शिक्षकों पर आंसू गैस छोड़ दिया जिससे कुछ शिक्षक तितर बितर हुए. फिर भी शिक्षकों का एक ग्रुप गेट तोड़ने की कोशिश में जुटा रहा. इसके बाद पुलिस ने मुख्य गेट खोला और लाठीचार्ज शुरू किया. लाठीचार्ज से लगभग 50 शिक्षक घायल हो गये. इधर बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सह विधान पार्षद केदार नाथ पांडेय ने राज्य के नियोजित शिक्षकों पर पटना में पुलिस द्वारा किये गए हमले की कड़ी निंदा की है. केदार पाण्डे के साथ संघ के महासचिव सह पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह और मीडिया प्रभारी सह प्रवक्ता अभिषेक कुमार भी थे. इन सबों कहा कि नियोजित शिक्षकों द्वारा अपनी जायज मांगों

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भोजपुरिया बेटी ने बढ़ाया माटी का मान

लोकगायिका चंदन तिवारी को मिला संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार संगीत नाटक अकादमी दिल्ली द्वारा उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार 2018 की घोषणा जब हुई तो भोजपुर जिले के लोगों की खुशी का ठिकाना ना रहा क्योंकि मूल रूप से भोजपुर के बड़कागांव की निवासी लोक गायिका चंदन तिवारी को लोकगायन के क्षेत्र में यह पुरस्कार दिया गया है. चंदन तिवारी महज 3 साल की उम्र से भोजपुरी गीतों को आवाज दे रही हैं, मगर इनकी ख्याति किशोरावस्था में महुआ टीवी चैनल के जरिए हुई बाद में इन्होंने कई और टीवी चैनल, आकाशवाणी पर प्रस्तुति दी. उसके बाद से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. भोजपुरी गीतकारों और गायकों के बीच गैप को भरा चन्दन की गायकी ने आज से करीब 4 साल पहले इन्होंने ‘लोकराग’ और ‘पुरबियातान’ के बैनर से लोक गायकी शुरू की और अभी तक इन्होंने करीब 40 गीतकारों के के गीतों को सुरों से संवारा है जिनमें चर्चित गीतकार भिखारी ठाकुर, महेंद्र मिसिर से लेकर वैसे गीतकार भी शामिल है जिन्हें लगभग भुला दिया गया है या चर्चा में नहीं है जैसे कैलाश गौतम, विश्वनाथ शैदा, रसूल मियां आदि. भोजपुरी के अलावा इन्होंने मैथिली गीतकार स्नेहलता और मगही गीतकार मथुरा जी के गीतों को भी गाया है. चंदन ने बहुत कम उम्र में भोजपुरी लोकगायन को एक ऊंचाई दी है और विंध्यवासिनी देवी,शारदा सिन्हा की परंपरा को आगे बढ़ाया है. जब भोजपुरी गायकी एक संक्रमण के दौर से गुजर रही है और अश्लीलता से संघर्ष कर रही है उस वक्त चंदन ने सस्ती लोकप्रियता और बाजार की मांग

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संगीत से किया भब्य स्वागत

गुरु शिष्य परंपरा आज भी कायम आरा. पकड़ी रोड स्थित म्यूजिक एंड आर्ट पॉइंट (संगीत एवं कला विद्यालय) में संगीत एवं नृत्य के छात्र-छात्राओं द्वारा गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर संस्था के निर्देशक सह संगीत गुरु वेद प्रकाश ‘सागर’ का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया. इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा अनेको प्रस्तुतियां कलात्मक ढंग से प्रस्तुत की गई. गायन में जहां एक ओर अदिति , गौरव विशाल सिंह , रोशन प्रताप कुमार , जितेंद्र , आयुष पटेल (तबला) , मंगल ओझा (नाल) , मोहित (गिटार) , सागर कुमार (कीबोर्ड) , मंगलम (तबला) , अभिषेक ,अंजली आर्य , प्रिया , कुमारी प्रगति , कुमार वैभव (तबला) , प्रियांशु रंजन , सोनू कुमार , पंकज कुमार पाठक , राजनंदन सिंह , रामाकांत राम , याचना , हिमान्द्री , प्रशांत सिंह ,राजा बाबू , राजा भाई , शशि कपूर , अमित कुमार , पांडे जी , मिंटू यादव , लवली सिन्हा , अनिकेत कुमार , रतन सिंह , वहीं नृत्य में नृत्य निर्देशक मनु राज के नेतृत्व में नैंसी , मानया , आरव , आरूष , चारू आनंद , आशना ,वेदांन्शी , आशी , नव्या , रिद्धि , प्राची ,अंशी सिंह ,रोहित , प्रिया , सोनाली , निशा , सृष्टि , सौम्या , आकृति , हर्षिता , श्रुति , कशिश , सहित अन्य छात्राओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया इस अवसर पर राष्ट्रपति पुरस्कार सम्मानित शंभू नाथ मिश्र , प्रोफेसर डॉक्टर रणविजय कुमार सहित कई अभिभावक इस उत्सव का हिस्सा बने. सभा का संचालन गौरव विशाल सिंह गोलू ने किया

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आरा की इस रेल परियोजना के लिए 6 रेलमंत्रियों ने दिया था आश्वासन, अब शुरू होगा काम

आखिर कब तक भारत सरकार रेलवे को लोगो से रखेगा दूर ??? इस बजट रेलवे लाईन से जगदीशपुर को जोड़े जाने की वर्षों की इच्छा हुई पूरी:अमन गुप्ता आरा/जगदीशपुर. बाबू कुंवर सिंह के नाम से भोजपुर जिले की पहचान है और जिस शख्सियत ने यह पहचान दिलाई उनके घर जगदीशपुर तक रेलखंड को चलाने की मांग वर्षो से चली आ रही है. यही नही आरा से मुंडेश्वरी धाम जाने के लिए आरा-भभुआ रेलखण्ड की भी मांग वर्षों से है जिसको लेकर के 6 रेलमंत्रियों ने आश्वासन दिया था. आजादी के बाद से ही लाल बहादुर शास्त्री और जगजीवन राम जैसी शख्सियतों ने भी इस रूट में रेल चलाने की इच्छा जताई थी लेकिन अभी तक संभव नही हुआ था. लेकिन इस वर्ष रेलवे के बजट में इन रूटो में रेलवे को चलाने की संम्भावनाये को लगता है मुहर लग गई है. केंद्र सरकार द्वारा पारित बजट जुलाई 2019 के जरिए पूर्व मध्य रेलवे के तहत नए रेलवे रुट निर्माण के लिए 448 करोड़ का आवंटन मिलने के साथ आरा-भभुआ नई रेललाइन निर्माण के साथ-साथ जगदीशपुर रेलवे स्टेशन के निर्माण की भी संभावना प्रबल हो गई है. वर्षों से लोग इस रेलवे रूट के निर्माण किये जाने के आस लागए बैठे थे.इस बजट के बाद से ही जगदीशपुर नगर समेत पूरे अनुमंडल के लोगों का उत्साह चरम पर है. इस बजट के आने के बाद नगर के कई लोगों ने खुशी व्यक्त करते हुए नरेंद्र मोदी के अगुवाई वाली केंद्र सरकार को बधाई दी है. वहीं युवा समाजसेवी अमन गुप्ता ने

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रोड बना खेत तो किसानों ने रोप दिया धान

गड़हनी मे बरसात के दिनों में सरकारी ऑफिसर से मिलना मुश्किल. लगातार बारिश से गड़हनी ब्लॉक रोड तलाब में हुआ, तब्दील,ग्रामीणों ने किया धान रोपनी. ग्रामीणों का मानना नाला के निर्माण होता तो सड़क पर नही लगता पानी. गड़हनी. भोजपुर के गड़हनी प्रखंड अंतर्गत गड़हनी-पड़रिया पथ पर लगातार बारिश होने से कल रविवार को अहले सुबह सड़क पर ही किसानों ने खेती करने के मिजाज से तालाब में तब्दील सड़क पर ग्रामीणो ने धान रोपनी कर डाला.रोड कि स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि अगर थोड़ा सा ध्यान इधर उधर भटका तो सीधे नाली या तालाब में जा गिरेंगे, जिससे आम लोग त्रस्त हैं. आज के समय मे सरकारी ऑफिसर से मिलना,चने चबाने के बराबर साबित हो रहा.सबसे बड़ी बात की इसी रोड में गड़हनी प्रखण्ड के तमाम सरकारी कार्यालय भी अवस्थित हैं अब लोगो को मुसीबत नजर आने लगा हैं.बतादें की इसी मार्ग से प्रखण्ड के आला अधिकारियों व थानाध्यक्ष आते-जाते है लेकिन किसी के कान में जू तक नही रेंगता. पैदल चलना तो दूर गाड़ी से भी पार करने में रास्ता कही नजर नहीं आ रहा है,करीब एक से दो फीट पानी बह रहा है.ब्लॉक व थाना में काम से आने जाने वाले रोज दो चार लोग गाड़ी लेकर गिरते है।विडंबना तो यह है कि यह रास्ता आज से नहीं कई वर्षों से बरसात के दिनों में तलाब व किच्चर से लबरेज़ हो जाता है.बतादे की गड़हनी अगिआंव थाना, कस्तूरबा विद्यालय, सरकारी अस्पताल, प्रखंड सह अंचल कार्यालय,बी०आर०सी भवन, कृषि भवन, मनरेगा कार्यालय, एसएफसी गोदाम,कौशल युवा साक्षरता कार्यलय,पैक्स

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खंडग्रास चंद्र ग्रहण दिनांक 16 जुलाई 2019 विशेष

जय श्री महाकाल यह ग्रहण संवत 2076 आषाढ़ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा मंगलवार तारीख 16 जुलाई 2019 के दिन सम्पूर्ण भारत में खंडग्रास के रूप में स्पर्श से मोक्ष तक दिखाई देगा. इस ग्रहण के स्पर्श-मध्य एवं मोक्ष (समाप्ति) काल आदि भारतीय समयानुसार इस प्रकार है. ग्रहण प्रारम्भ रात्रि 1 बजकर 32 मिनट. ग्रहण मध्य रात्रि 3 बजकर 1 मिनट. ग्रहण समाप्ति. प्रातः 4 बजकर 31 मिनट. ग्रहण का पर्वकाल. 2 घंटे 59 मिनट. परमग्रास समय 0.658 इस ग्रहण के समय भारतीय काल के अनुसार भारत में 16 जुलाई की मध्यरात्रि रहेगी. यह ग्रहण भारत में तो सर्वत्र स्पर्श प्रारंभ से मोक्ष (समाप्ति) तक ही दिखेगा. इसके अलावा यह ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मलेशिया, ताइवान, जापान, चीन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, मंगोलिया, ईरान, टर्की, यूक्रेन, इराक, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, अंटार्टिका, कजाकिस्तान, उत्तरी अफ्रीका एवं दक्षिणी अमेरिका आदि देशों में भी दिखाई देगा.ग्रहण का सूतक इसे ग्रहण का सूतक नियम नियम दिनांक 16 साथ 2019 को दिन में 4:32 से मान्य होगा.यह ग्रहण धनु राशिस्थ उत्तराषाढ़ नक्षत्र में प्रारम्भ होकर मकर राशिस्थ उत्तराषाढ़ नक्षत्र में पूर्ण होगा. इसलिए 16 जुलाई वाला यह खंडग्रास चंद्रग्रहण उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, धनु एवं मकर राशि वाले व्यक्तियों के लिए विशेष कष्टप्रद रहेगा. इन राशि वाले जातकों को ग्रहण दर्शन अतिअशुभ रहेगा ग्रहण के समय अपने इष्ट देव की आराधना, गुरुमंत्र जप एवं धार्मिक ग्रंथ का पठन तथा मेष, सिंह, वृश्चिक, मिथुन राशि के लिये यह ग्रहण सामान्य मध्यम फल. तुला, कर्क, मीन, कुम्भ राशि के लिये ग्रहण दर्शन करना शुभ सुखद फलदायक और धनु, कन्या, वृषभ, मकर राशि के

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ग्रहण में क्या करें, क्या न करें

(खग्रास चन्द्रग्रहण : 16 जुलाई ) भूभाग में ग्रहण–समय : 16-17 जुलाई की रात्रि 01:31 से प्रात: 04:30 तक ( पूरे भारत में दिखेगा, नियम पालनीय ) चन्द्रग्रहण और सूर्यग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल होता है. श्रेष्ठ साधक उस समय उपवासपूर्वक ब्राह्मी घृत का स्पर्श करके ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का आठ हजार जप करने के पश्चात ग्रहणशुद्धि होने पर उस घृत को पी ले. ऐसा करने से वह मेधा (धारणशक्ति), कवित्वशक्ति तथा वाक् सिद्धि प्राप्त कर लेता है. सूर्यग्रहण या चन्द्रग्रहण के समय भोजन करने वाला मनुष्य जितने अन्न के दाने खाता है, उतने वर्षों तक ‘अरुन्तुद’ नरक में वास करता है. सूर्यग्रहण में ग्रहण चार प्रहर (12 घंटे) पूर्व और चन्द्र ग्रहण में तीन प्रहर (9) घंटे पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए. बूढ़े, बालक और रोगी डेढ़ प्रहर (साढ़े चार घंटे) पूर्व तक खा सकते हैं. ग्रहण-वेध के पहले जिन पदार्थों में कुश या तुलसी की पत्तियाँ डाल दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं होते. पके हुए अन्न का त्याग करके उसे गाय, कुत्ते को डालकर नया भोजन बनाना चाहिए. ग्रहण वेध के प्रारम्भ में तिल या कुश मिश्रित जल का उपयोग भी अत्यावश्यक परिस्थिति में ही करना चाहिए और ग्रहण शुरू होने से अंत तक अन्न या जल नहीं लेना चाहिए. ग्रहण के स्पर्श के समय स्नान, मध्य के समय होम, देव-पूजन और श्राद्ध तथा अंत में सचैल (वस्त्रसहित) स्नान करना चाहिए . स्त्रियाँ सिर धोये बिना भी स्नान कर सकती हैं. ग्रहण पूरा होने पर सूर्य या चन्द्र, जिसका

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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का छापामारी अभियान

कोइलवर (आमोद कुमार) | नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने बिहार की नदियों में तीन महीने के लिए बालू उत्खनन पर रोक के बावजूद कोइलवर में बालू उत्खनन कर रहे नावों की धड़पकड़ के लिये जिला प्रशासन ने सोन नदी छापेमारी अभियान चलाया. इस दौरान पुलिस ने बालू लोड दो नाव को जब्त किया है. वही 4 मजदूर भी हिरासत में लिए गए हैं. बाकी मजदूर सोन नदी में कूद भाग निकलने में सफल रहे. सोमवार को सदर एसडीओ अरुण प्रकाश, एसडीपीओ पंकज कुमार, खनन पदाधिकारी प्रमोद कुमार, कोईलवर थानाध्यक्ष रंजीत कुमार समेत पुलिस बल सोन नदी में निर्माणाधीन पुल के खंभे के समीप अवैध रूप से बालू मजदूर बालू काट रहे थे जिसकी सूचना पर प्रशासन हरकत में आया. छापेमारी के लिये भारी संख्या में पुलिस बल को आता देख निर्माणाधीन पुल से सटे बालू का अवैध उत्खनन कर रहे नाव और उस पर सवार मजदूर सोन नद के रास्ते गंगा नदी की ओर भाग निकले. पुलिस ने दो नाव को पकड़ जब्त व चार मजदूर को हिरासत में लिया है. बाकी दर्जनों मजदूर नदी में कूद भाग निकले. एसडीपीओ पंकज कुमार ने बताया कि अवैध बालू उत्खनन को लेकर प्रशासन द्वारा आने वाले दिनों में छापेमरी अभियान जारी रखेगी. मालूम हो कि सोन नद में जलस्तर वृद्धि के साथ सारण, वैशाली व पटना जिला के सैकड़ो नाव कोईलवर पुल के समीप बालू उत्खनन करने पहुँचते है. जो कोईलवर में निर्माणाधीन सिक्स लेन पुल के समीप से अंधाधुंध बालू का उत्खनन कर नदी के रास्ते ही डोरीगंज, हाजीपुर, सोनपुर या अन्य

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लीजिए बिहार में टैक्स फ्री हुआ “सुपर 30”

पटना,15 जुलाई (पटना नाउ ब्यूरो रिपोर्ट) | लंबे समय से प्रतीक्षित बिहार की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म सुपर-30 रिलीज होते ही चर्चा में है. 3 दिन पूर्व रिलीज हुई इस फ़िल्म ने जहां कलेक्शन में 50 करोड़ का आंकड़ा पर कर लिया है वही इस फ़िल्म को बिहार में सभी देख सकें इसके लिए सरकार ने टैक्स में रियायत बरतने की है. गणितज्ञ आनन्द कुमार की संस्था सुपर-30 पर केंद्रित हिंदी फिल्म “सुपर-30,”को लेकर बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने जानकारी दी कि सरकार ने 16 जुलाई 2019 से पूरे बिहार में इस फ़िल्म को टैक्स फ्री करने का निर्णय लिया है. बताते चलें कि 16 जुलाई को फिल्म अभिनेता ऋतिक रौशन और सुपर 30 के आनंद कुमार का होटल मौर्य में 3 बजे एक पीसी भी रखा गया है.

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