वर्ल्ड का सबसे एडवांस लड़ाकू विमान बी-21 रेडर अमेरिका में लॉन्च

राफेल से भी 2 पीढ़ी आगे का है विमान,किसी भी रडार की पकड़ से है बाहरविश्व में किसी भी देश तक पहुँच सकता है यह लड़ाकू विमान दुनिया का सबसे एडवांस लड़ाकू एयरक्राफ्ट बी-21 रेडर लॉन्च हो गया है. ये अमेरिकी एयरफोर्स के बेड़े में शामिल हुआ. नए साल की शुरुआत में ये तबाही मचाने के लिए तैनात हो जाएगा.बी -21 रेडर फ्रांस के राफेल से भी 2 जनरेशन एडवांस है. राफेल 4.5 जनरेशन का है, जबकि बी-21 6ठवें जनरेशन का एयरक्राफ्ट है. अमेरिकी एयरफोर्स में शामिल होते ही दुनिया भर में इसके स्पेसिफिकेशन की चर्चा हो रही है. अमेरिकी एयरक्राफ्ट बी -1, बी -2 ग्रुप के अपडेटेड बॉम्बर एयरक्राफ्ट होने की वजह से इसका नाम ‘बी’ से शुरू हुआ है. ‘नॉर्थ्रॉप ग्रूमैन’ कंपनी के मुताबिक एयरक्राफ्ट के नाम में ‘रेडर’ जोड़े जाने का सेकंड वर्ल्ड वॉर से कनेक्शन है. दरअसल, 18 अप्रैल 1942 को अमेरिकी एयरफोर्स के कर्नल जिमी डूलटिटल ने 80 साथियों के साथ जापानी द्वीप पर हमला किया था. पर्ल हार्बर में किए गए हमले का बदला लेने के लिए अमेरिका ने अब तक का सबसे बड़ा और खतरनाक हवाई हमला किया था. हमला करने वाले इस जत्थे को ‘डूलटिटल रेडर्स’ के नाम से जाना गया. एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनी ने इन लड़ाकों को सम्मान देते हुए इसका नाम बी-21 रेडर रखा है. PNCDESK

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बिहार में शराबबंदी: पटना के थाने में शराब पार्टी करते पकड़े गए कैदी

पुलिस वाले ने दिया लाकर शराब हाजत में बंद कैदी कर रहे थे शराब पार्टी पांच कैदी के साथ दो पुलिसकर्मियों गिरफ्तार बिहार में शराबबंदी के बावजूद भी पटना के पालीगंज मद्यनिषेध एवं उत्पाद थाना की हाजत में ही शराब पार्टी करते हुए पांच कैदी व दो सिपाही को गिरफ्तार किया गया है. थाना के बंदरबगीचा के पास स्थित मद्यनिषेध एवं उत्पाद थाना पालीगंज के हाजत में बंद कैदी के द्वारा शराब पार्टी चल रही थी. किसी ने मोबाइल से वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया और जब पुलिस अधिकारी वीडियो को मिली तो महकमे में खलबली मच गयी. एसएसपी के निर्देश पालीगंज अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित को दिया. एक टीम गठित मद्यनिषेध एवं उत्पाद थाना को घेरकर छापेमारी की छापेमारी के दौरान पुलिस की टीम ने पाया कि हाजत में बंद पांच कैदी शराब पार्टी कर रहे हैं और ड्यूटी में तैनात दो सिपाही उनकी मदद कर रहे थे. मौके से शराब भी बरामद हुई है. सभी को तुरंत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने बताया कि सूचना मिली कि पालीगंज के मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के थाने में बिक्रम थाना क्षेत्र के करसा के कुंदन कुमार, चंदन कुमार, रामजी मांझी एवं संजय कुमार को मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया था. सभी को हाजत में बंद कर दिया गया. लेकिन कुछ देर बाद सभी हाजत में शराब पार्टी का वीडियो वायरल हुआ. PNCDESK

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सीएम नीतीश की कुढ़नी चुनावी सभा में बवाल और मारपीट

सीटीईटी और एसटीईटी का पोस्टर लेकर कर रहे थे प्रदर्शन महिलाओं की शिक्षा से प्रजनन दर में कमी टूटे चावल, मक्का और गन्ना से बनेगा एथनाल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इधर मंच से भाषण देते रहे; उधर चुनावी सभा में उन्हें सुनने आए युवाओं के बीच जमकर मारपीट होती रही और खूब कुर्सियां भी चलीं। शुक्रवार को कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव को लेकर जदयू उम्मीदवार के समर्थन और प्रचार के लिए आयोजित रैली का है। इस घटना के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। चूंकि रैली मुख्यमंत्री की थी तो इस हंगामे और अफरा-तफरी की इस स्थिति को संभालने के लिए पुलिस कर्मियों ने भी तुरंत मोर्चा संभाला। सीएम नीतीश शुक्रवार को कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में जदयू के उम्मीदवार मनोज कुशवाहा के समर्थन में रैली करने के लिए केरमा पहुंचे थे। यहां के हाईस्कूल के खेल मैदान में उनकी रैली आयोजित की गई थी। सीएम नीतीश जनसभा को संबोधित करते हुए रोजगार देने को लेकर अपनी बात कह रहे थे। इसी दौरान हंगामे की स्थिति बनी; जो धीरे-धीरे बढ़कर हाथापाई और फिर कुर्सियां चलाए जाने तक पहुंच गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना भाषण शुरू करते हुए कहा कि बिहार के विकास का क्रम जारी रहेगा। कुर्सी संभालने के बाद से समाज के सभी तबके का उत्थान किया है। आगे भी करता रहूंगा।  उन्होंने कहा कि 10 लाख युवाओं को नौकरी और 10 लाख को रोजगार के साधन सरकार उपलब्ध करा रही है। दूसरी ओर केंद्र सरकार बस प्रचार कर रही है, कोई काम नहीं हो रहा था;

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अधिकारी सुस्त तो जनप्रतिनिधि मस्त,वित्तीय हेराफेरी की जांच ठंडे बस्ते में

शिकायतकर्ता को लीपापोती की है आशंका एक दूसरे के पाले में गेंद डालने का चल रहा खेल जांच को कुंद करने के नाम पर होती है पंचैती दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखण्ड का है मामला संजय मिश्र, दरभंगा इंडिया कल्याणकारी स्टेट है. विधायिका देश का नियंता है. कार्यपालिका यानि सरकार नीति बनाती. नीति पर अमल और उसे जमीन पर उतारने का जिम्मा कार्यपालिका के ही अंग यानि ब्यूरोक्रेसी यानि प्रशासन तंत्र का है. प्रशासन को नजर रहती कि जनकल्याण के काम सुचारू चलें. वे जानते कि इसमें व्यवधान से देश की अपेक्षाओं का मकसद पूरा नहीं होगा. काम में अनियमितता पर वे जांच कराते और जरूरी कार्रवाई करते. फर्ज करिए गड़बड़ी में प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि की परोक्ष तकनीकी बहाने या सीधे अवांक्षित लाभ के मंसूबे से मिलीभगत हो तो क्या होगा? वही होगा जो दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखण्ड में घटित हो रहा है. ये तो केस स्टडी बन कर उभरा है. एक पात्र हैं प्रखण्ड प्रमुख, दूसरे हैं बीडीओ. दोनों के संयुक्त हस्ताक्षर से विभिन्न योजनाओं के लिए राशि निकासी होती है. पंचायत समिति के कई सदस्य इसमें हेराफेरी का आरोप लगाते हैं. डीएम से लेकर तत्कालीन मंत्री तक शिकायत जाती है. अनियमितता हुई या नहीं, हुई तो इसके दायरे में आने वाली राशि 72 लाख, इससे कम या फिर इससे अधिक.. जो भी कही गई हो.. निष्कर्ष यही कि डीएम जांच के आदेश देते हैं. तीन तरह के जांच एक साथ हो रहे.. ऐसा कहना है संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का. समिति सदस्यों की शिकायत की जांच, मीडिया

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बड़ी मुश्किल है निगम चुनाव की राह !

क्या घोषित तिथि पर हो पायेगा चुनाव? पटना, 1 दिसम्बर. निकाय चुनाव की तिथिर्यो के पुनः घोषणा के बाद उम्मीदवारों से लेकर राज्य सरकार तक जहाँ खुश नजर आ रहे हैं वही इसके कानूनी पहलुओं पर नजर डालने पर ऐसा लगता है कि निगम चुनाव फिर से अधर में लटक सकता है. चुनाव करना अभी भी राज्य सरकार के लिए आसान नही है. पिछड़ों को आरक्षण देने में नीतीश सरकार की जल्दबाजी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले फिर से सुप्रीम कोर्ट में शीघ्र सुनवाई की गुहार लगाने जा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट अगर तत्काल सुनवाई पर राजी हो जाता है तो घोषित तिथि पर नगर निकाय चुनाव करा पाना बेहद मुश्किल होगा. बताते चलें किबिहार में नगर निकाय चुनाव में पिछड़ों के आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश सार्वजनिक होने के बाद एक ही दिन में रिपोर्ट लेकर चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया गया. लेकिन घोषित तिथि के बाद भी नगर निकाय चुनाव कराना आसान नहीं होगा. बिहार निर्वाचन आयोग ने बिहार में नगर निकाय चुनाव की नयी तारीखों का एलान बुधवार की शाम किया था. तारिख एलान के 12 घंटे भी नही बीते कि कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग की बाजीगरी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाने की बात सामने आ गयी. आयोग की अधिसूचना के अनुसार 30 नवंबर को ही पिछड़ों के आरक्षण को लेकर राज्य सरकार के नगर विकास विभाग ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. रिपोर्ट मिलने के साथ ही आयोग ने 18 दिसंबर औऱ

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कल देखिये मुक्ता का वध!

2 दिसंबर को रिलीज हो रहा है वधमधुकर आनंद और ओ पी कश्यप, भोजपुर के दो लोग फ़िल्म में शामिल आरा, 1 दिसंबर. बॉलीवुड के शो मैन कहे जाने वाले मशहूर निर्माता-निर्देशक सुभाष घई की कंपनी मुक्ता आर्ट रिलीज कर रही है भोजपुरी फ़िल्म वध. ग्लोबल आर्ट इंफोरटेंमेंट प्रा.ली व एस.आर इंफोरटेंमेंट के बैनर तले निर्मित फिल्म’ वध’ 2 दिसम्बर को 200 मल्टीप्लेक्स में रिलीज हो रही है. फ़िल्म रिलिज से पहले फिल्म वध के ट्रेलर को दर्शकों ने काफी पसंद भी किया है. वर्ल्डवाइड के यूट्यूब चैनल पर फ़िल्म का रिलीज ट्रेलर काफी वायरल है’ जिसे सोशल मीडिया पर काफी लोगों ने शेयर भी किया है. फिल्म के लेखक निर्देशक सोम भूषण श्रीवास्तव है. फिल्म निर्माता शिवम बरनवाल है. सह निर्माता अभिषेक शुक्ला व हर्ष त्रिपाठी है. छायांकन जहाँगीर सैय्यद का है. भोजपुरी के मशहूर संगीत निर्देशक मधुकर आनंद ने संगीत दिया है. नृत्य प्रवीण सैलार है फिल्म पीआरओ रितिक कौशिक है. अगर कलाकारों की बात करें तो फिल्म के केंद्रीय भूमिका में विराज भट्ट और रक्षा गुप्ता हैं लेकिन इस फ़िल्म में ओ पी कश्यप जैसे मंजे हुए कलाकार भी है. फ़िल्म में एक्शन के साथ गीत-संगीत का भरपूर आनंद तो मिलेगा ही साथ ही यह एक ऐसा फ़िल्म है जिसे पूरे परिवार के साथ देखा जा सकता है. फ़िल्म में फूहड़ता से परहेज किया गया है और कथानक व कथानक में चरित्रों का वहन करने वाले कलाकारों ने काफी अच्छा काम किया है. भोजपुर फ़िल्म का गढ़ माने जाने वाले भोजपुर से ओ पी कश्यप और मधुकर

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फर्जी फार्मासिस्टों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई फटकार

बिहार में फर्जी फार्मासिस्ट चला रहे हैं अस्पताल और मेडिकल स्टोर फर्जी फार्मासिस्ट मिले मेडिकल स्टोर पर तो होगी कार्रवाई बिहार में इस महीने निकलने वाली है वैकेंसी बिहार में फर्जी फार्मासिस्टों के बढ़ते तंत्र को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को नागरिकों की जीवन से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि बिहार में फर्जी फार्मासिस्ट अस्पताल और मेडिकल स्टोर चला रहे हैं. इस पर कार्रवाई होनी चाहिए. जस्टिस एमआर शाह और एमएम सुंदरेश ने कहा कि राज्य सरकार और बिहार राज्य फार्मेसी परिषद को नागरिक के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. फर्जी फार्मासिस्ट द्वारा मेडिकल स्टोर या अस्पताल चलाने से नागरिक के स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा.  कोर्ट ने कहा कि फार्मेसी काउंसिल और राज्य सरकार का यह कर्तव्य है कि यह सुनिश्चित करे कि अस्पताल/मेडिकल स्टोर केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट द्वारा चलाए लाएं. कोर्ट ने कहा कि अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट ने जिस तरह से जनहित याचिका का निस्तारण किया है वह ठीक नहीं है. नागरिक के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करने के मामले में हाई कोर्ट का रवैया कामचलाऊ था. उसने मामले की तह में जाने के बजाए मामले का निस्तारण कर दिया. हाई कोर्ट को बिहार राज्य फार्मेसी परिषद को मामले में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहना चाहिए था. हाई कोर्ट को यह भी रिपोर्ट मांगनी चाहिए थी कि बिहार राज्य

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ताड़ी,शराब के अलावे 75 करोड़ से अधिक की नीरा पी गए बिहारवासी

बिहार में अब डेढ़ करोड़ लीटर नीरा उत्पादन की तैयारी 628 उत्पादक समूह में 10,415 परिवार जुड़े जीविकोपार्जन योजना के तहत एक लाख रुपये प्रति परिवार के लिए अनुदान योजना का बजट 850 करोड़ रुपये आजीविका संवर्धन पर 610 करोड़ खर्च होंगे 40,893 परिवारों को सतत जीविकोपार्जन योजना से जोड़ा गया जिलों में सर्वे कराया जा रहा है, दुकानों पर भी बेचने की योजना 2017 से अब तक कुल 89 लाख 46हजार 380 लीटर नीरा का उत्पादन बिहार सरकार अब शराब-ताड़ी के उत्पादन या बिक्री से जुड़े शहरी क्षेत्र के गरीब लोगों को भी जीविकोपार्जन योजना के तहत को एक लाख रुपये प्रति परिवार निवेश करने के लिए अनुदान देगी. इसके अलावा सरकार जितनी भी योजनाएं हैं, इन्हें उनका भी लाभ दिलाया जायेगा. सरकार का मानना है कि अब भी कुछ लोगों तक इस योजना का लाभ नहीं पहुंच पाया है. मुख्य सचिव आमिर सुबहानी और ग्रामीण विकास विभाग के सचिव बालामुरूगन डी ने बुधवार को संयुक्त रूप से प्रेस कान्फ्रेंस कर बताया कि 2024 तक एक करोड़ 50 लाख लीटर नीरा उत्पादन कराने का लक्ष्य तय किया गया है. अभी 80 लाख लीटर नीरा का उत्पादन हो रहा है. नीरा कारोबार से जुड़े लोगों ने अब तक 70 करोड़ रुपये की कमाई की है. मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने बताया कि देशी शराब एवं ताड़ी के उत्पादन एवं बिक्री में पारंपरिक रूप से जुड़े अत्यंत निर्धन परिवारों एवं अनुसूचित जाति – जनजाति एवं अन्य समुदायों के अब तक इसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के अंतर्गत निर्धन परिवारों को मिलता आया

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दरभंगा में हिंदी पत्रकारिता और ‘मिथिलावासी’

गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ा इस अखबार ने संसद में लहराई गईं साप्ताहिक अखबार मिथिलावासी की प्रतियां क्षेत्रीय आकांक्षा को दी वाणी  संजय मिश्र,दरभंगा मिथिला की आकांक्षा का प्रतीक है दरभंगा. सांस्कृतिक और बौद्धिक विमर्श का केंद्र. जाहिर ही क्षेत्रीय पत्रकारिता के लिए ये धरा उर्वर साबित हुई. विभिन्न भाषाओं में एक से बढ़कर एक प्रयास हुए. मोटे तौर पर एक या कुछ लोगों की सामूहिक जिद की बदौलत समय समय पर पत्रकारिता समृद्ध होती रही.मिथिला का केंद्र होने के कारण इस नगर ने मैथिली पत्रकारिता के क्षेत्र में अनेक मनीषियों के भागीरथ प्रयास देखे. लेकिन मैथिली की भावभूमि के बीच ही यहां हिंदी पत्रकारिता पुष्पित पल्लवित होती रही. ऐसा ही स्तुत्य प्रयास ‘मिथिलावासी’ के रूप में सामने आया. आपको बता दें कि दरभंगा ट्विन सिटी है. इसका एक हिस्सा दरभंगा तो दूसरा हिस्सा लहेरियासराय कहलाता है. लहेरियासराय में ही पुस्तक भंडार नामक प्रकाशन संस्था थी. देश के प्रसिद्ध साहित्यकार राम लोचन शरण इसे चलाते थे. उन्होंने यहीं से हिंदी में इंडिया की मशहूर बाल पत्रिका – बालक – का प्रकाशन साल 1926 में शुरू किया. साल 1950 के बाद इस पत्रिका का प्रकाशन पटना से होने लगा.शिक्षाविद उमाकांत चौधरी ने भी प्रशंसनीय कोशिश की. लहेरियासराय से उन्होंने हिंदी साप्ताहिक अखबार मिथिलावासी शुरू किया. यह वो दौर था जब इसके प्रकाशन काल में देश में इमरजेंसी लागू हुई और रही. ऐसे समय पत्रकारिता का अलख जगाए रखना जोखिम भरा काम था. इसके लिए साहस की आवश्यकता थी. वो दौर जब देश के तमाम मेन स्ट्रीम अखबारों के संपादकों से झुकने को कहा

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31 बड़े फैसले पर नीतीश कैबिनेट ने लगाई मुहर

शराब और ताड़ी उत्पादन से जुड़े निर्धन परिवार को आर्थिक मददइस मद में 610 करोड़ की राशि की मिली स्वीकृति सेविका के लिए इंटर और सहायिका के लिए न्यूनतम मैट्रिक योग्यताबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को पटना में कैबिनेट की बैठक हुई. बैठक में 31 अहम एजेंडों पर मुहर लगायी गयी है. कैबिनेट बैठक में सेविका चयन मार्गदर्शिका 2022 को स्वीकृति मिली है. इसके अलावे अब सेविका चयन प्रक्रिया ऑनलाइन तरीके से होगी. जबकि सेविका के लिए इंटर और सहायिका के लिए न्यूनतम मैट्रिक योग्यता तय की गयी है. कैबिनेट की बैठक में बिहार पुरातत्व एवं संग्रहालय सेवा संशोधन के गठन को भी मंजूरी मिली है. इसके अलावे बिहार उत्पाद नियमावली 2001 में संशोधन को प्रकाशन करने की स्वीकृति मिली है. सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर प्रतिवर्ष 15 दिसंबर को राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी. शराब और ताड़ी उत्पादन से जुड़े निर्धन परिवार को आर्थिक मदद देने की योजना बनाई है. इसके लिए कुल 610 करोड़ की स्वीकृति दी गई है.आतंकवाद संप्रदायिक नक्सली हिंसा सीमा पार से गोलीबारी एवं बारूदी सुरंग विस्फोट से पीड़ित सिविल व्यक्तियों को भी सहायता हेतु केंद्रीय योजना की सूची मार्गदर्शिका 2022 के प्रारूप को बिहार में भी लागू करने की स्वीकृति के संबंध में स्वीकृति मिली है. उद्योग विभाग के तहत संजीवन राइस मिल्स प्राइवेट लिमिटेड को वित्तिय स्वीकृति दी गई है. समेकित बाल विकास सेवाएं योजना अंतर्गत आंगनबाड़ी की सेविका सहायिका चयन मार्ग दर्शिका 2022 की स्वीकृति मिली वहीँ सेविका को इंटर पास और सहायिका के

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