कुल प्रजनन दर भारत में घटकर हो गई 2

देश के 707 जिलों में सर्वेक्षण बच्चों के पोषण में सुधार का दावा खोखला अब स्थिर मानी जा रही जनसंख्या राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण भारत की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) प्रति महिला बच्चों की औसत संख्या राष्ट्रीय स्तर पर 2.2 से घटकर 2 हो गई है. देश में प्रजनन दर 2.1 से नीचे आने से जनसंख्या अब स्थिर मानी जा रही है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के आंकड़ों के मुताबिक देश की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) घटकर दो हो गई है. 2016 में यह दर 2.2 थी. इसका मतलब है कि देश की जनसंख्या की वृद्धि दर स्थिर होने का संकेत है. स्वास्थ्य मंत्रालय के सर्वेक्षण में यह जानकारी सामने आई है. नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. विनोद कुमार पॉल और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव राजेश भूषण ने देश के 14 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जनसंख्या, प्रजनन और बाल स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, पोषण और अन्य पर प्रमुख संकेतकों की फैक्टशीट जारी की.सर्वेक्षण से पता चला है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और उत्तर प्रदेश को छोड़कर सभी चरण 2 राज्यों ने प्रजनन क्षमता का प्रतिस्थापन स्तर (2.1) हासिल कर लिया है. सर्वेक्षण में पाया गया है कि समग्र गर्भनिरोधक प्रसार दर (सीपीआर) राष्ट्रीय स्तर पर और पंजाब को छोड़कर लगभग सभी चरण 2 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में 54 प्रतिशत से बढ़कर 67 प्रतिशत हो गई है. लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गर्भ निरोधकों के आधुनिक तरीकों का उपयोग भी बढ़ा है. एनएफएचएस-5 सर्वेक्षण देश के 707 जिलों के लगभग 6.1

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बिहार में दारोगा भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी

14856 अभ्यर्थी हुए सफल बिहार पुलिस के दारोगा भर्ती परीक्षा का रिजल्ट आज जारी हो गया. दारोगा के पदों के लिए आयोजित मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों में कुल 14 हजार 856 अभ्यर्थी सफल हुए हैं. बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://www.bpssc.bih.nic.in/ पर अभ्यर्थी परीक्षा का रिजल्ट देख सकते हैं. भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से बिहार पुलिस में एसआई और सार्जेंट के 2213 पद भरे जाएंगे. पुलिस अवर निरीक्षक के 1998 और सार्जेंट के 215 पदों पर नियुक्ति होगी. यहाँ देखें रिजल्ट –https://www.bpssc.bih.nic.in/

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बिहार में मैट्रिक पास भी बन सकेंगे स्वास्थ्य अनुदेशक

 8386 पदों पर होनी है बिहार में भर्ती शारीरिक शिक्षा में सर्टिफिकेट-डिप्लोमा-डिग्री की योग्यता जरूरी बिहार में शिक्षक नियोजन नियमावली 2012 के प्रावधान के अनुरूप अहर्ता रखने वाले अभ्यर्थी मध्य विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक के रूप में नियुक्त होंगे. इस नियमावली में साफ किया गया है कि भारत की नागरिकता, मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण और किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से शारीरिक शिक्षा में सर्टिफिकेट-डिप्लोमा-डिग्री की योग्यता निर्धारित अहर्ता है. इसी आधार पर पात्रता परीक्षा 2019 ली गई थी. यही योग्यता वर्तमान में चल रही नियुक्ति प्रक्रिया में लागू होगी. इसको लेकर शिक्षा विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी कर दिया है. यानी मैट्रिक उत्तीर्ण भी स्वास्थ्य अनुदेशक बन सकेंगे.  आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि कई जिलों द्वारा इस संबंध में मार्गदर्शन की मांग की जा रही थी. इसी को देखते हुए जिलों को यह आदेश जारी किया जा रहा है. मालूम हो कि शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक के 8386 पद हैं, जबकि वर्ष 2019 की पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की संख्या 3523 है. नियोजन नियमावली 2020 में यह प्रावधान किया गया है कि शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक की नियुक्ति के लिए आवश्यक अहर्ता इंटर परीक्षा में 50 प्रतिशत के साथ राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त किसी भी संस्थान से शारीरिक शिक्षा में कम-से-कम दो वर्ष का प्रमाणपत्र-डिप्लोमा होना निर्धारित है. पर, 30 मार्च, 2022 द्वारा निर्धारित नियोजन में 2012 नियमावली और पात्रता परीक्षा 2019 में निर्धारित अहर्ता ही मान्य होगी, न कि 2020 की नियमावली. PNCDESK

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DM अंकल ने सुन ली बच्चों की फरियाद

पौने ग्यारह बजे पूर्वाह्न के बाद सभी कक्षाओं के लिए शैक्षणिक गतिविधियों पर डीएम ने लगाया प्रतिबंध पटना, सोमवार, दिनांक 25.04.2022: जिला दण्डाधिकारी, पटना डॉ0 चन्द्रशेखर सिंह ने जिले के सभी विद्यालयों में पूर्वाह्न 10:45 बजे के बाद सभी कक्षाओं के लिए शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने यह आदेश दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 के तहत जिले में अधिक तापमान और विशेष रूप से दोपहर के समय भीषण गर्मी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना के मद्देनजर दिया है। उपर्युक्त प्रतिबंध *प्री-स्कूल एवं आँगनबाड़ी केन्द्रों सहित* जिले के सभी विद्यालयों पर लागू होगा। यह आदेश दिनांक-27.04.2022 से लागू होगा। डीएम ने तदनुरूप विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को पुनर्निर्धारित करने का आदेश दिया है. डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस सहित सभी अनुमंडल दंडाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष को उपर्युक्त आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निदेश दिया है। डीएम डॉ0 सिंह ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसके लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। Pncb

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11.45 के बाद शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक

बढ़ते तापमान और हीटवेव को देखते हुए पटना जिलाधिकारी ने सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए आदेश जारी कर दिया है. पटना जिले के सभी निजी और सरकारी स्कूलों समेत सभी शैक्षणिक संस्थानों को सुबह 11:45 तक ही संचालित करने का आदेश डीएम चंद्रशेखर सिंह ने दिया है. यह आदेश 18 अप्रैल से लागू होगा. दरअसल पटना समेत पूरे बिहार में जबरदस्त गर्मी पड़ रही है. पूरे राज्य में पारा 40 डिग्री से ज्यादा रह रहा है. इतनी गर्मी और लू की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है. इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने आदेश जारी किया है कि सभी शैक्षणिक संस्थानों का संचालन सुबह 11:45 तक ही होगा. pncb

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पटना विश्वविद्यालय ने जारी किया पार्ट वन का रिजल्ट

पटना विश्वविद्यालय ने आखिरकार बैचलर ऑफ आर्ट्स और बैचलर ऑफ कॉमर्स के प्रथम ईयर का रिजल्ट जारी कर दिया है. अपना रिजल्ट देखने के लिए आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं.. Click on the link below to know your result – https://exam.pupatna.com/Exam/Result_Marks/index pncb

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औरंगाबाद की रामायणी बनी बोर्ड टॉपर

मैट्रिक परीक्षा में इस साल 77.88% परीक्षार्थी सफल हुए हैं. औरंगाबाद दाउदनगर की रामायणी राय टॉपर बनीं मिलेगा 1 लाख का इनाम फर्स्ट टॉपर को एक लाख, सेंकेंड को 75 हजार, थर्ड टॉपर को 50 हजार मिलेगा मैट्रिक की परीक्षा में 77.88 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को मिली सफलता बिहार बोर्ड ने मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 34 दिनों बाद यह रिजल्ट जारी किया है. मैट्रिक की परीक्षा में 77.88 प्रतिशत छात्र-छात्राओं ने सफलता हासिल की है। औरंगाबाद दाउदनगर की रामायणी राय टॉपर बनीं हैं.वही नवादा की सानियां और मधुबनी के विवेक सेकंड टॉपर बने हैं। वही औरंगाबाद की ही प्रज्ञा तिवारी थर्ड टॉपर बनीं है. बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मैट्रिक का रिजल्ट जारी किया है। मैट्रिक की परीक्षा में कुल 16 लाख 11 हजार 99 परीक्षार्थी शामिल हुए थे जिसमें 12 लाख 86 हजार 971 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए है. मैट्रिक परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले परीक्षार्थियों का प्रतिशत 77.88 है. सरकार मैट्रिक स्तर पर मेधा को प्रोत्साहित करने के लिए फर्स्ट टॉपर को एक लाख रुपए, लैपटॉप और किंडल ई बुक रीडर प्रदान करेगी. सेकेंड टॉपर को सरकार 75 हजार रुपए , एक लैपटॉप और किंडल ई बुक रीडर देगी. थर्ड टॉपर को सरकार 50 हजार रुपए ,एक लैपटॉप और किंडल ई बुक रीडर देगी इनके अलावा 10 वीं रैंक तक आने वाले को स्टूडेंट्स को भी सरकार किसी न किसी रुप में प्रोत्साहित करेगी. बता दें कि किंडल ई बुक रीडर के जरिए स्टूडेंट कई तरह की

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5वीं और 8वीं कक्षा के लाखों बच्चों की फाइनल परीक्षा शुरू

राज्य के लगभग 72 हजार सरकारी प्राइमरी – मिडिल स्कूलों में सोमवार को 5वीं एवं 8वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा शुरू हुई. इसमें शामिल होने वाले बच्चों की संख्या तीस लाख से भी ज्यादा है. 72 हजार स्कूलों में तकरीबन 43 हजार प्राइमरी स्कूल हैं. इन सभी स्कूलों में 5वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा शुरू हुई. जबकि 29 हजार मिडिल स्कूलों में 5वीं एवं 8वीं दोनों ही कक्षाओं की वार्षिक परीक्षा शुरू हुई. पहले दिन भाषा (हिंदी, उर्दू, बांग्ला) एवं अंग्रेजी की परीक्षा हुई. दोनों कक्षाओं की वार्षिक परीक्षा 10 मार्च तक चलेगी. कक्षा एक से चार और कक्षा छह- सात की परीक्षा 26 मार्च से होगी. पिछले दो साल से कोविड के कारण स्कूलों के बंद रहने से साल 2020 एवं साल 2021 में 1ली से 8वीं तथा 9वीं एवं 11वीं कक्षा के छात्र-छात्रा बिना परीक्षा ही अगली कक्षा में प्रमोट किये गये थे. pncb

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब टाल दी नीट पीजी परीक्षा

जल्द जारी होगी नई तारीख मई-जून 2022 में सकती है परीक्षा 12 मार्च को होनी थी परीक्षा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नीट पीजी परीक्षा 2022 को 6-8 हफ़्तों के लिए स्थगित कर दिया है. पहले यह परीक्षा 12 मार्च को होनी थी.गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को इस संबंध में फैसला लेते हुए इस परीक्षा को 6 से 8 सप्ताह के लिए आगे बढ़ाने का फैसला किया है. 12 मार्च को होने वाली परीक्षा नीट पीजी काउंसलिंग खत्म होने से पहले ही आयोजित किया जा रहा था. जानकारी के मुताबिक छात्रों से संबंधित कारणों के चलते परीक्षा को मई-जून 2022 में करवाने का फैसला लिया गया है. छात्र मांग कर रहे थे कि कोरोना काल में होने वाली नीट पीजी परीक्षा को स्थगित कर दिया जाये.सुप्रीम कोर्ट में अभ्यर्थियों ने याचिका भी दायर की थी.जिसमें दावा किया गया कि MBBS पास स्टूडेंट्स कोविड-19 के चलते अपनी इंटर्नशिप अवधि पूरी नहीं कर पाये हैं. ऐसे में वो परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे.ऐसे में याचिका में कहा गया था कि जब तक इंटर्नशिप पूरी नहीं होती तब तक एग्जाम की तारीख आगे बढ़ा दी जाये. बता दें कि 12 मार्च को होने वाला एग्जाम नीट पीजी काउंसलिंग खत्म होने से पहले ही आयोजित किया जा रहा था।कहा जा रहा है कि छात्रों की मांग को देखते केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने परीक्षा को टाल दिया है. गौरतलब है कि इससे पहले नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) ने 12 मार्च 2022 को परीक्षा करवाने का नोटिफिकेशन जारी किया था. PNCDESK

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रजिस्ट्रेशन में गांव का नाम एडमिट कार्ड में पंचायत हो गया!

39 परीक्षार्थियों पर संकट छाया, किया प्रैक्टिकल परीक्षा का बहिष्कार रजिस्ट्रेशन में बसडीहा एडमिट कार्ड में हो गया अमेहता कैसे? कहा – जल्द सुधार कर पुनः भेजे जाएंगे बच्चों के सही रजिस्ट्रेशन व एडमिट कार्ड आरा. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के कारनामे जग जाहिर हैं। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की गलतियों की वजह से इस बार फिर परीक्षार्थियों में कन्फ्यूजन है। कन्फ्यूजन इस बात से है कि बच्चे किस स्कूल के विद्यार्थी हैं। जी हां सुनते ही आप जिस तरह चौंके होंगे विद्यार्थियों में दिमाग में भी ऐसा ही कुछ हुआ होगा। दरअसल यह भौंचक करने वाला मामला पीरो प्रखंड के अगिआंव बाजार थाना क्षेत्र के बसडीहा गांव का है। गांव में स्थित मिडिल स्कूल अपग्रेड होकर हाई स्कूल में तब्दील हो गया। कोरोना काल में पढ़ाई तो नही हुई लेकिन इसमें नामांकन जरूर हुआ। अब जिन विद्यार्थियों ने मैट्रिक का फॉर्म भरा उनके रजिस्ट्रेशन कार्ड पर तो हाई स्कूल बसडीहा प्रिंट है लेकिन एडमिट कार्ड पर बसडीहा की जगह अमेहता प्रिंट हुआ है। बच्चे इसी वजह से परेशान हैं। उन्हे समझ में नहीं आ रहा है कि वे बसडीहा स्कूल के छात्र हैं या फिर अमेहता के! इसको लेकर बच्चों ने शिक्षकों से मुलाकात कर जब इस गलती को सुधारने के लिए कहा तो शिक्षकों ने अपना पलड़ा झाड़ते हुए इसे बोर्ड की गलती करार दिया। इस वजह से कुछ बच्चों ने एडमिट कार्ड लिया ही नही। गुरुवार से शुरू होने वाले बिहार बोर्ड के प्रैक्टिकल परीक्षा के दिन विद्यार्थियों का गुस्सा फूटा। विद्यार्थियों ने हंगामा करते हुए बहिष्कार

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