पर्यावरण रक्षा ही जीवन सुरक्षा

विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया तिलौथू, पटना नाउ ब्यूरो। सरस्वती विद्या मंदिर तिलौथू के प्रांगण में विश्व पर्यावरण दिवस समारोह का आयोजन किया गया पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वृक्षारोपण किया गया इस अवसर पर एक सभा की गई सभा में बैठने की व्यवस्था भारत सरकार के लिए अनुकूल की गई सभा की अध्यक्षता श्री विष्णु कुमार प्राचार्य सरस्वती औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र तिलौथू ने किया । आगतों का स्वागत एवं परिचय कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रधानाचार्य श्री जंगलेश प्रसाद चौरसिया ने किया इस अवसर पर प्रधानाचार्य ने उपस्थित सभी भैया बहनों को अभिभावकों को एवं आचार्यों को पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए पेड़ लगाने का आग्रह किया आज के दिन इस सभा में मोतीलाल मोदी पुरस्कार का वितरण किया गया इस अवसर पर 25 भैया बहनों को जो एससी एसटी परिवार के मेधावी भैया बहन हैं। उन्हें 5 -5 हजार का चेक प्रदान किया गया यह पुरस्कार श्री सुशील कुमार मोदी उपमुख्यमंत्री बिहार के द्वारा प्रत्येक वर्ष 25 भैया बहनों को उनके पिता मोतीलाल मोदी की स्मृति में दिया जाता है यह पुरस्कार विगत 10 वर्षों से लगातार दिया जा रहा है यह 11वां साल है जब 25 भैया बहनों को कुल 1,25000₹ की राशि प्रदान की गई यह राशि सत्र 2019-2020 के लिए दी गई.इस अवसर पर पूर्व छात्र व सामाजिक कार्यकर्ता सत्यानंद कुमार मुख्य अतिथि रहे। पत्रकार राकेश राही, अनिल कुमार कौशल, राजू कुमार मारकोनी, आचार्य श्री सर्वेश चंद्र मिश्र श्री छठू साह श्री रविंद्र प्रसाद, 25 भैया बहन एवं उनके माता-पिता उपस्थित हुए। सभा को सत्यानंद कुमार

Read more

सुझावों पर निर्भर स्कूलों के संचालन का निर्णय

शिक्षा विभाग ने स्कूल संचालन के लिए शिक्षको समेत छात्रों व अभिभावकों से मांगा सुझाव छात्रों,अभिभावकों, शिक्षकों,विद्यालय प्रबंधको व पदाधिकारियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर तय होगा शिक्षण संस्थानों का भविष्य पटना, 5 जून. बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के अपर सचिव सह निदेशक(मा. शिक्षा) गिरिवर दयाल सिंह ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियो को पत्र जारी किया है. यह पत्र covid-19 संक्रमण के बाद लॉक डाउन हटाने के फेज-II के तहत शिक्षण संस्थानों को पुनः खोलने के लिए जारी किया गया है. 3 जून 2020 को जारी किया गया यह पत्रांक-423/नि. मा. भारत सरकार(गृह मंत्रालय) द्वारा जारी किए 30 मई 2020 के नियमावली के साथ भेजा गया है. सरकार ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियो से उनके जिले में स्थित सभी विद्यालयों से विद्यालय खोलने के लिए प्रस्ताव व सुझाव माँगा है. यह सुझाव शिक्षण संस्थानों में अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षक और विद्यालय प्रबंधको से मांगा गया है. सुझाव covid-19 के संक्रमण से प्राभावित स्थिति के बाद स्कूल,कोचिंग व अन्य अध्ययन वाले स्थलों को खोलने व वहां पठन-पाठन के व्यवस्था को लेकर मांगा गया है.परामर्श 9 बिन्दुओ पर मांगा गया है जिसमेंविद्यालय खोलने की तिथि, क्लास में नामांकन की तिथि, विद्यालय संचालन की अवधि, कक्षा में बच्चों की अधिकतम संख्या, कक्षा अवधि, कक्षा में बैठने की व्यवस्था,प्रार्थना सत्र का संचालन, विद्यालय एवं कक्षाओं में सोशल डिस्टेंस कैसे बनाया जाए जैसे मुदो पर छात्रों,अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधको व कोचिंग संचालकों सुझाव मांगे गए हैं. इन सुझावों को जिला शिक्षा पदाधिकारी तक 6 जून तक मेल के जरिये भेजना है

Read more

प्राथमिक शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

हो जाइए तैयार, जारी होने वाला है शेड्यूल बिहार के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में 92000 से ज्यादा शिक्षकों के नियोजन की प्रक्रिया इसी महीने तीसरे हफ्ते में शुरू होने की संभावना है. विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक शिक्षा विभाग ने शेड्यूल तय कर लिया है और शिक्षा मंत्री की सहमति के बाद इसे जारी करने की तैयारी हो रही है. 20 जून के बाद छठे चरण के नियोजन की प्रक्रिया शुरू होगी जिसमें एनआईओएस से D.El.Ed करने वाले शिक्षकों को आवेदन के लिए 30 दिन का समय मिलेगा. जिन लोगों ने पहले से आवेदन कर रखा है उन्हें दोबारा आवेदन नहीं करना है. प्राथमिक शिक्षकों के नियोजन के लिए आवेदन की आखिरी तिथि 11 नवंबर 2019 थी. अप्रैल महीने में नियोजन पत्र बांटने के लिए 11 से 13 अप्रैल के बीच का समय तय किया गया था. लेकिन पटना हाईकोर्ट के आदेश के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था. पटना हाई कोर्ट ने जनवरी महीने में एनआईओएस डीएलएड शिक्षकों को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया था. बिहार सरकार को एनआईओएस डीएलएड शिक्षकों को आवेदन का मौका देने के लिए 30 दिन का समय देने का आदेश पटना हाईकोर्ट ने दिया था. इसके बाद जब एनसीटीई ने बिहार सरकार के पत्र का जवाब देकर एनआईओएस डीएलएड शिक्षकों की डिग्री का मामला स्पष्ट किया उसके बाद शिक्षा विभाग ने पटना हाईकोर्ट में फाइल की गई अपनी याचिका को वापस लेते हुए इन शिक्षकों को नियोजन में मौका देने के लिए शेड्यूल जारी करने का फैसला किया. इस बारे में प्राथमिक

Read more

सब्जी बेचते हैं पापा, बेटा बिहार टॉपर

96% मार्क्स के साथ रच दिया इतिहास बिहार में मैट्रिक परीक्षा 2020 का फाइनल रिजल्ट जारी हो गया. शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा ने मैट्रिक का रिजल्ट जारी किया. 15 लाख 29 हजार 393 विद्यार्थी इस साल मैट्रिक परीक्षा में शामिल हुए थे. इनमें से 80.59% विद्यार्थियों ने मैट्रिक परीक्षा पास कर ली है यह अब तक का सबसे बढ़िया रिजल्ट है. इस बार का रिजल्ट बिहार के सरकारी स्कूलों के लिए गर्व का विषय बन गया है. सरकारी स्कूलों में ज्यादातर गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं इनकी पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाती है. इस बार जिस बच्चे ने मैट्रिक की परीक्षा में सबसे पहला स्थान हासिल किया है उसका नाम है हिमांशु राज. रोहतास के हिमांशु ने 500 अंकों में से 481 अंक अर्थात 96% अंकों के साथ बिहार टॉपर का स्थान हासिल किया है. आपको बता दें कि बिहार मैट्रिक परीक्षा के टॉपर हिमांशु राज के पिता सब्जी बेचते हैं. हिमांशु भी पिता के साथ सब्जी बेचने में मदद करता था. हिमांशु की सफलता में उनकी मेहनत और गरीबी के बावजूद आगे बढ़ने की ललक साफ झलकती है. पटनानाउ टीम की ओर से उनके परिवार को बहुत बधाई. District wise Toppers Details राजेश तिवारी

Read more

बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट @12.30

15.29 लाख स्टूडेंट्स के भविष्य का फैसला BSEB मैट्रिक परीक्षा 2020 का रिजल्ट मंगलवार 16 मई को जारी करने वाला है. बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा मैट्रिक का रिजल्ट ऑनलाइन जारी करेंगे. बिहार मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें 26 मई को दोपहर 12.30 के बाद http://onlinebseb.in याhttp://biharboardonline.com

Read more

“NIOS से डीएलएड करने वाले भी बनेंगे सरकारी शिक्षक”

एक बड़ी खबर आ रही है एनआईओएस से डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षकों के लिए. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशांक ने आज एनआईओएस से डीएलएड से प्रशिक्षित शिक्षकों के लिए खुशखबरी दी है. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने आज स्पष्ट किया कि भारत सरकार ने एनआईओएस से डीएलएड किए हुए प्रशिक्षित शिक्षकों के हक में उचित फैसला लिया है. साथ ही साथ उन्होंने स्पष्ट किया कि पटना हाई कोर्ट के फैसले का मानव संसाधन विकास मंत्रालय सम्मान करेगा. दरअसल मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आज Live प्रोग्राम रखा था जिसने बिहार के डीएलएड किए हुए शिक्षकों ने लाखों की संख्या में ट्वीट किया था. इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री पोखरियाल ने यह बातें कहीं. मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशांक के इस वक्तव्य के बाद बिहार में एनआईओएस डीएलएड की हुए छात्रों में एक खुशी की लहर दौड़ गई है. एनआईओएस से 18 माह का यह कोर्स देशभर के 12 लाख और बिहार के करीब 2.63 लाख लोगों ने किया था. मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशांक के स्पष्ट बयान के बाद एनआईओएस डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षक संघ के नेता पप्पू कुमार ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब बिहार सरकार को भी अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब भारत सरकार,पटना हाई कोर्ट और त्रिपुरा हाई कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब बिहार सरकार को जो छठे चरण की बहाली प्रक्रिया चल रही है उसमें एनआईओएस डीएलएड किए हुए छात्रों

Read more

STET रिजल्ट के प्रकाशन पर लग गई रोक

बिहार बोर्ड के रवैये से फंसा रिजल्ट बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के रवैया के कारण शिक्षक पात्रता परीक्षा के अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है. पटना हाई कोर्ट में आज इस मामले की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि हाईकोर्ट के नोटिस का जवाब अब तक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने नहीं दिया है और परीक्षा का आंसर की भी जारी कर दिया. मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस ए अमानुल्लाह ने 22 मई तक रिजल्ट के प्रकाशन पर रोक लगा दी है. दरअसल यह पूरा मामला प्रश्न पत्र लीक से जुड़ा हुआ है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने दूसरी एस टी ई टी परीक्षा 28 जनवरी 2020 को ली थी. परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक को लेकर परीक्षार्थियों ने सवाल खड़े किए थे. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने प्रश्न पत्र लीक का मामला होने से इनकार किया जिसके बाद अभ्यर्थियों ने पटना हाईकोर्ट में मामला दायर किया. नीरज कुमार की याचिका पर जस्टिस ए अमानुल्लाह ने सुनवाई करते हुए अब STET के रिजल्ट के प्रकाशन पर 22 मई तक रोक लगा दी है. साथ ही यह भी कहा है कि जब तक इस मामले का निपटारा नहीं होता तब तक कोर्ट की अनुमति के बिना रिजल्ट का प्रकाशन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति नहीं कर सकती. राजेश तिवारी

Read more

बिहार में शिक्षकों की हड़ताल समाप्त

इस वक्त की सबसे बड़ी खबर पटना से आ रही है जहां बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की है. इस बात की पुष्टि बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रवक्ता अभिषेक कुमार ने की है. उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बारे में लिखित आश्वासन दिया है जिसके बाद संघ हड़ताल समाप्त करने पर राजी हो गया. सरकार ने बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ को आश्वासन दिया है कि शिक्षकों पर की गई अनुशासनिक कार्यवाई को वापस लिया जाएगा. कोरोनावायरस महामारी को देखते हुए फिलहाल शिक्षक को काम पर लौटने को कहा गया है. स्थिति सामान्य होने पर सरकार वार्ता करेगी. शिक्षकों के सबसे बड़े संघ शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति ने भी हड़ताल खत्म करने की घोषणा की है. इस बात की पुष्टि दूसरे गुट बिहार शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के मीडिया प्रभारी मनोज कुमार ने की है. राजेश तिवारी

Read more

प्राइवेट स्कूलों ने सरकार से मांगा 2 महीने के वेतन के बराबर ओवरड्राफ्ट

एसोसिएशन ऑफ़ इंडिपेंडेंट स्कूल्स की मांग प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों के वेतन के लिए बैंकों से ओवरड्रॉफ्ट दिलाए सरकार एसोसिएशन ऑफ़ इंडिपेंडेंट स्कूल्स के अध्यक्ष डॉ सी बी सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे प्राइवेट स्कूलों के खाताधारी बैंकों को दो माह के वेतन के बराबर ब्याजरहित ओवरड्राफ्ट देने का निर्देश दें. डॉ सी बी सिंह ने बताया कि लगभग सभी विद्यालयों ने फ़ी की आवक कम होने के बावज़ूद मार्च का वेतन तो येन केन प्रकारेण दे दिया है, लेकिन उनके समक्ष अप्रैल का वेतन देने की विकट समस्या कुछ ही दिनों में आने वाली है. शुल्क आने की गति अत्यन्त धीमी है और यह लगभग असम्भव ही दिखता है कि अप्रैल के वेतन के बराबर किसी एक भी स्कूल में फ़ी एकत्र हो सके. उन्होंने कहा कि अनेक कार्यालय खुल चुके हैं, किन्तु प्राइवेट स्कूलों के कार्यालयों के खुलने की अनुमति अभी प्राप्त नहीं है. जिसके कारण दूर-दराज के विद्यालयों में स्थिति अत्यधिक दयनीय हो चुकी है. हालांकि सरकार के द्वारा मात्र शिक्षण शुल्क लेने की अनुमति दी गई है किन्तु कुल एक चौथाई अभिभावक भी फ़ी देने के लिए प्रस्तुत नहीं हो रहे हैं. डॉ सीबी सिंह ने कहा कि अनेक विद्यालयों ने अपने बैंकों से ओवरड्राफ्ट देने की बात की है, किन्तु बैंकों ने लगभग मना कर दिया है. ऐसी स्थिति में एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इसी सत्र के दौरान दिसम्बर के पूर्व सभी विद्यालय पाई-पाई चुका देंगे. एसोसिएशन के महामंत्री डॉ राजीव रंजन

Read more

स्कूल की मनमानी से आप भी हैं परेशान, तो यहां करें शिकायत

कोरोना संकट के दौरान भी मनमानी से बाज नहीं आ रहे निजी स्कूल एक तो कोरोना ने तहलका मचाया हुआ है. बिहार समेत पूरी दुनिया में तबाही मची है. किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या होगा. इस भयावह स्थिति में भी निजी स्कूलों की मनमानी नहीं कम हो रही. सरकार की चेतावनी के बावजूद कई स्कूलों ने अभिभावकों पर स्कूल फी जमा करवाने का दबाव तो बनाया ही है. स्कूल फी में मनमानी वृद्धि भी कर दी है. कई अभिभावकों ने पटना नाउ को मैसेज भेज कर इसकी जानकारी दी है. मनमानी करने में पटना के ज्यादातर बड़े स्कूल शामिल हैं. इसे लेकर हमने पटना के प्रमंडलीय आयुक्त से बात की. उन्होंने कहा कि 7% से अधिक की वार्षिक शुल्क वृद्धि करने वाले निजी विद्यालयों को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है. आयुक्त संजय अग्रवाल ने निजी विद्यालयों द्वारा शिक्षण शुल्क जमा करने हेतु अभिभावकों को दबाव नहीं देने का निर्देश भी दिया. दरअसल ईमेल के माध्यम से अभिभावकों के द्वारा शिकायत प्राप्त हो रही है कि निजी विद्यालयों के द्वारा शिक्षण शुल्क एवं परिवहन शुल्क जमा करने हेतु दबाव बनाया जा रहा है. निजी विद्यालयों के द्वारा अभिभावकों को शिक्षण शुल्क जमा करने हेतु उन्हें उनके मोबाइल पर सूचना भेजी जा रही है. कोरोना संकट के कारण सरकार के आदेशानुसार संपूर्ण प्रदेश में पूर्ण रूप से लॉक डाउन है और सभी विद्यालय अगले आदेश तक बंद हैं ऐसी स्थिति में विद्यालयों के द्वारा शिक्षण शुल्क जमा करने हेतु अभिभावकों को दबाव नहीं दिया जाए.

Read more