बिहार में शिक्षकों की हड़ताल समाप्त

इस वक्त की सबसे बड़ी खबर पटना से आ रही है जहां बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की है. इस बात की पुष्टि बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रवक्ता अभिषेक कुमार ने की है. उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बारे में लिखित आश्वासन दिया है जिसके बाद संघ हड़ताल समाप्त करने पर राजी हो गया. सरकार ने बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ को आश्वासन दिया है कि शिक्षकों पर की गई अनुशासनिक कार्यवाई को वापस लिया जाएगा. कोरोनावायरस महामारी को देखते हुए फिलहाल शिक्षक को काम पर लौटने को कहा गया है. स्थिति सामान्य होने पर सरकार वार्ता करेगी. शिक्षकों के सबसे बड़े संघ शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति ने भी हड़ताल खत्म करने की घोषणा की है. इस बात की पुष्टि दूसरे गुट बिहार शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के मीडिया प्रभारी मनोज कुमार ने की है. राजेश तिवारी

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प्राइवेट स्कूलों ने सरकार से मांगा 2 महीने के वेतन के बराबर ओवरड्राफ्ट

एसोसिएशन ऑफ़ इंडिपेंडेंट स्कूल्स की मांग प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों के वेतन के लिए बैंकों से ओवरड्रॉफ्ट दिलाए सरकार एसोसिएशन ऑफ़ इंडिपेंडेंट स्कूल्स के अध्यक्ष डॉ सी बी सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे प्राइवेट स्कूलों के खाताधारी बैंकों को दो माह के वेतन के बराबर ब्याजरहित ओवरड्राफ्ट देने का निर्देश दें. डॉ सी बी सिंह ने बताया कि लगभग सभी विद्यालयों ने फ़ी की आवक कम होने के बावज़ूद मार्च का वेतन तो येन केन प्रकारेण दे दिया है, लेकिन उनके समक्ष अप्रैल का वेतन देने की विकट समस्या कुछ ही दिनों में आने वाली है. शुल्क आने की गति अत्यन्त धीमी है और यह लगभग असम्भव ही दिखता है कि अप्रैल के वेतन के बराबर किसी एक भी स्कूल में फ़ी एकत्र हो सके. उन्होंने कहा कि अनेक कार्यालय खुल चुके हैं, किन्तु प्राइवेट स्कूलों के कार्यालयों के खुलने की अनुमति अभी प्राप्त नहीं है. जिसके कारण दूर-दराज के विद्यालयों में स्थिति अत्यधिक दयनीय हो चुकी है. हालांकि सरकार के द्वारा मात्र शिक्षण शुल्क लेने की अनुमति दी गई है किन्तु कुल एक चौथाई अभिभावक भी फ़ी देने के लिए प्रस्तुत नहीं हो रहे हैं. डॉ सीबी सिंह ने कहा कि अनेक विद्यालयों ने अपने बैंकों से ओवरड्राफ्ट देने की बात की है, किन्तु बैंकों ने लगभग मना कर दिया है. ऐसी स्थिति में एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इसी सत्र के दौरान दिसम्बर के पूर्व सभी विद्यालय पाई-पाई चुका देंगे. एसोसिएशन के महामंत्री डॉ राजीव रंजन

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स्कूल की मनमानी से आप भी हैं परेशान, तो यहां करें शिकायत

कोरोना संकट के दौरान भी मनमानी से बाज नहीं आ रहे निजी स्कूल एक तो कोरोना ने तहलका मचाया हुआ है. बिहार समेत पूरी दुनिया में तबाही मची है. किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या होगा. इस भयावह स्थिति में भी निजी स्कूलों की मनमानी नहीं कम हो रही. सरकार की चेतावनी के बावजूद कई स्कूलों ने अभिभावकों पर स्कूल फी जमा करवाने का दबाव तो बनाया ही है. स्कूल फी में मनमानी वृद्धि भी कर दी है. कई अभिभावकों ने पटना नाउ को मैसेज भेज कर इसकी जानकारी दी है. मनमानी करने में पटना के ज्यादातर बड़े स्कूल शामिल हैं. इसे लेकर हमने पटना के प्रमंडलीय आयुक्त से बात की. उन्होंने कहा कि 7% से अधिक की वार्षिक शुल्क वृद्धि करने वाले निजी विद्यालयों को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है. आयुक्त संजय अग्रवाल ने निजी विद्यालयों द्वारा शिक्षण शुल्क जमा करने हेतु अभिभावकों को दबाव नहीं देने का निर्देश भी दिया. दरअसल ईमेल के माध्यम से अभिभावकों के द्वारा शिकायत प्राप्त हो रही है कि निजी विद्यालयों के द्वारा शिक्षण शुल्क एवं परिवहन शुल्क जमा करने हेतु दबाव बनाया जा रहा है. निजी विद्यालयों के द्वारा अभिभावकों को शिक्षण शुल्क जमा करने हेतु उन्हें उनके मोबाइल पर सूचना भेजी जा रही है. कोरोना संकट के कारण सरकार के आदेशानुसार संपूर्ण प्रदेश में पूर्ण रूप से लॉक डाउन है और सभी विद्यालय अगले आदेश तक बंद हैं ऐसी स्थिति में विद्यालयों के द्वारा शिक्षण शुल्क जमा करने हेतु अभिभावकों को दबाव नहीं दिया जाए.

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बिना परीक्षा के ही पास हो गए ये बच्चे

बिहार के शिक्षा विभाग ने क्लास वन से लेकर क्लास 9 और क्लास 11 के सभी सरकारी स्कूलों के बच्चों को अगले कक्षा में सीधे प्रमोट कर दिया है. बिना परीक्षा के सभी सरकारी स्कूलों के इन बच्चों को प्रमोट कर दिया गया. इसकी वजह लॉक डाउन है जिसके कारण बिहार के सभी स्कूल 14 अप्रैल तक बंद है. हालांकि मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट अभी आना बाकी है.

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जैन स्कूल शताब्दी समारोह : स्वर्णिम इतिहास का स्वर्णिम वर्ष

बिहार का गौरव जैन स्कूल आरा. जैन स्कूल के शताब्दी समारोह के 5वें दिन जैन स्कूल के पूर्ववर्ती छात्रों का जमावड़ा लगा. जिसमे देश के कोने कोने में विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे विभिन्न पदों पर आसीन रहे अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की. 1950 से अबतक के इस स्कूल से पास आउट लगभग 700 पूर्ववर्ती छात्रों ने हिस्सा लिया. देश मे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवा दे रहे ये अधिकारी आज स्कूल प्रांगण आकर फिर से नन्ही यादों में खो गए. कइयो के ऐसा लगा जैसे उन्हें उनका पुराना बचपन फिर से मिल गया तो किसी को स्कूल की वह पुरानी टँकी और चापाकल की तलाश थी जिससे वे टिफिन के समय पानी पिया करते थे. गर्मी के दिनों में अपने जूते को भींगा लेते थे…आज वह टँकी नदारथ देख उनकी आँखें नम हो गयीं. कार्यक्रम की अध्यक्षता शताब्दी समारोह के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक चन्द्र जैन ने किया. समारोह का शुभाईरंभ पूर्व विधान पार्षद हुलास पांडेय,जैन स्कूल कार्यकारिणी के सचिव ज्योति प्रकाश जैन, सदस्य प्रो. रणविजय कुमार, प्रीत चन्द्र जैन, आयोजन समिति के स्वागताध्यक्ष शैलेश जैन, ट्रस्ट के सचिव कमल कुमार जैन और प्रधानाध्यापक कमलेश जैन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. अपने संबोधन भाषण ने कहा कि बिहार जितना बाहर बदनाम है उससे ज्यादा बिहारियों के सम्मान को जैन स्कूल ने शिक्षा के माध्यम से रोशन किया है. इस स्कूल का देश के कोने-कोने में सम्मान से लिया जाता है और यह सब इस स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्तम प्रदर्शन है. उन्होंने

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अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस विशेष : मातृभाषा जोड़ती है, तोड़ती नहीं

आज स्नातकोत्तर भोजपुरी विभाग, वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय आरा में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में एक समारोह का आयोजन किया जिसकी अध्यक्षता भोजपुरी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ नीरज सिंह ने की. मुख्य अतिथि के रूप में डी के कॉलेज, डुमराँव की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ उषा रानी एवं एस बी कॉलेज, आरा की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ पूनम कुमारी उपस्थित थी. भोजपुरिया माई के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ. सबसे पहले छात्रों ने अपनी बातें रखी. अंग्रेजी विभाग की छात्रा ज्योति ने मातृभाषा के प्रेम पर प्रकाश डाला. वहीं अंग्रेजी विभाग के ही छात्र हरीश ने कहा कि आज कुछ लोग भोजपुरी बोलने में हीन भावना के बोध से ग्रस्त हो जाते हैं, यह गलत बात है. छात्र उत्सव राज ने मातृभाषा भोजपुरी में घुस रही अश्लीलता की समस्या पर अंकुश लगाने की चर्चा की. दर्शनशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ किस्मत कुमार सिंह ने भोजपुरी में व्याकरण निर्माण की आवश्यकता जताई. अल-हफ़ीज़ कॉलेज के हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ जवाहर पांडेय ने कहा कि मातृभाषा भोजपुरी को लोग बोली का दर्जा देकर इसकी सीमा को सीमित कर रहे हैं, जो अच्छी बात नहीं. शोध छात्र रवि प्रकाश सूरज ने मातृभाषा के महत्त्व पर चर्चा करते हुए याद दिलाया कि 22 फरवरी को ही भोजपुरी की पहली फ़िल्म ‘गंगा मईया तोहे पियरी चढ़इबो’ आई थी. अध्यक्षता कर रहे डॉ नीरज सिंह ने मातृभाषा को संकीर्ण दायरे से बाहर निकालकर उसके महत्त्व को स्थापित करने की बात की. उपस्थित लोगों में डॉ चन्द्रशेखर सिंह, सुभाष चन्द्र सिंह,

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जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय का घेराव महाशिवरात्रि को भी जारी रहा

पटना (ब्युरो रिपोर्ट) | राजधानी पटना में शुक्रवार 21 फरवरी को बर्खास्त शिक्षकों की बर्खास्तगी वापस लेने, जिन शिक्षकों पर FIR हुआ है, FIR वापस लेने एवं शो कॉज का पत्र निरस्त करने तथा पुराने शिक्षकों की तरह नियोजित शिक्षकों को वेतनमान पुराना सेवा शर्त लागू करने राज्य कर्मी का दर्जा देने की मांग सहित सात सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार को भी जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय का घेराव सुबह 10 बजे से संध्या 5 बजे तक किया गया. इसमें हजारों शिक्षक धरने पर बैठे रहे एवं अपनी मांगों के समर्थन में नारा लगाते रहे. शुक्रवार के विशेष कार्यक्रम में शिवरात्रि होने के नाते घेराव में आए सभी शिक्षकों ने अपना शिवरात्रि पर्व वही मनाया और मांगे पूरी होने की मंशा को लेकर हवन पूजा भी किया. कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख रूप से बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक श्री ब्रजनंदन शर्मा ने संबोधित करते हुए कहां की हमारी मांगे कोई नई नहीं है. हमारा मात्र इतना कहना है कि जो शिक्षकों को 30 वर्ष पहले वेतनमान दिया गया था, वही वेतनमान एवं पुराना जो सेवा शर्त बना हुआ है वहीं सेवा शर्त और सारी सुविधाएं हमारे नए शिक्षकों को भी दिया जाए हमारी लड़ाई इसकी है. और जब तक यह मिल नहीं जाएगा, पुरानी पेंशन योजना या अनुकंपा के आधार पर शिक्षकों के नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं हो जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. हम अब पीछे हटने वाले नहीं हैं और सरकार के बर्खास्तगी और शो कॉज और एफ आई आर जैसे विभागीय कुकृत्य

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10th के छात्र-छात्राओं को स्कूल ने दिया फेयरवेल

आरा. परीक्षा ऐसा शब्द है जिसका नाम सुनते ही दिमाग तनाव से घिर जाता है. लाख तैयारियों के बाद भी एकाग्रता चंचलता में बदल जाती है और ऐसा लगता है जैसे जल्दी से बस यह परीक्षा खत्म हो जाये. अंदर की घबराहट और इस डर को खत्म करने के साथ विद्यार्थियों को बुस्ट-अप करने के उद्देश्य से एक फेयरवेल का आयोजन सम्भावना स्कूल ने किया. संभावना आवासीय उच्च विद्यालय ने इसमें केन्द्रीय माध्यमिक परीक्षा-2020 में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया और फेयरवेल के साथ-साथ उनकी काउंसिलिंग भी की. यह कार्यक्रम मझौवाँ स्थित विद्यालय प्रांगण में किया गया. काउंसिलिंग सह फेयरवेल कार्यक्रम में बोर्ड परीक्षा 2020 के परीक्षार्थियों को सम्बोधित करते हुए विद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि यह परीक्षा विद्यार्थियों को अपने भविष्य को सफल बनाने का पहला एवं अहम पड़ाव है. यहीं से तय होता है कि भविष्य में हमें क्या बनना है या क्या करना है. उन्होंने कहा कि हमारे विद्यार्थी विद्यालय की परम्पराओं का निर्वहन करते हुए अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर होकर उस पड़ाव को सफलतापूर्वक पार करेंगें. डॉ. अर्चना ने परीक्षार्थियों को इस परीक्षा को लेकर अनेको सुझाव दिये तथा परीक्षार्थियों को उनके भावी जीवन के लिए अनेको शुभकामनायें भी दी. इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. द्विजेन्द्र ने बोर्ड परीक्षा 2020 में शामिल होने वाले सभी छात्र – छात्राओं को परीक्षा की तैयारी के लिए तथा परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. उन्होंने छात्र-छात्राओं को समय

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कुछ यूँ किया गया याद भोजपुरी के अनमोल हीरे को

आरा. वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के पी जी भोजपुरी विभाग के दुर्गा शंकर सिंह नाथ सभागार में नगर के चर्चित भोजपुरी साहित्यकार हीरा ठाकुर का स्मृति दिवस मनाया गया. ज्ञात हो कि हीरा ठाकुर इसी शहर में आर एम एस में डाककर्मी के रूप में पदस्थापित थे. इन्होंने अपने जीवनकाल में 125 के लगभग भोजपुरी किताबें लिखी जिनमें साहित्य की हर विधा शामिल है. कार्यक्रम का संचालन भिखारी ठाकुर आश्रम, कुतुबपुर के रामदास राही ने किया. आये हुए अतिथियों का स्वागत विभागाध्यक्ष दिवाकर पांडेय ने किया. उन्होंने अपने सम्बोधन में हीरा ठाकुर की लेखन शैली की चर्चा करते हुए कहा कि उनका साहित्य की हर विधा पर समान रूप से अधिकार था, विशेषकर भोजपुरी में बाल साहित्य के लेखन में उनका योगदान अतुलनीय है. साथ ही दिवाकर पांडेय जी ने कहा कि ऐसे आयोजन विभाग में अब लगातार होंगे और यह विभाग भोजपुरी के प्रोत्साहन में सदैव अग्रणी रहेगा. कार्यक्रम की शुरुआत विभाग के छात्र गणेश उपाध्याय ने बटोहिया गीत गाकर की. अनिल कुमार सिंह ने हीरा ठाकुर द्वारा रचित हनुमान वंदना की सुमधुर प्रस्तुति दी. साहित्यकार जगत नंदन सहाय ने कहा कि हीरा ठाकुर की सम्पूर्ण रचनाओं का मूल्यांकन अभी बाकी है. भोजपुरी रचनाकार के डी सिंह ने हीरा ठाकुर के साथ अपने संस्मरणों को साझा किया. कथाकार कृष्ण कुमार ने बताया कि हीरा ठाकुर और अन्य साहित्यकारों की रचना अब भोजपुरी साहित्यांगन वेबसाइट पर उपलब्ध है. गायत्री सहाय, ममता मिश्र, प्रभा शंकर, रामदास राही तथा हीरा ठाकुर के पुत्र राजकुमार जी ने हीरा ठाकुर से जुड़े संस्मरणों

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मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से, जूता पहने तो नही दे पाएंगे परीक्षा

जूता-मोजा और मीडिया कर्मियों के साथ मोबाइल,ब्लूटूथ, व्हाट्सएप आदि टेक्नोलॉजी के उपकरण पर बैन 36 परीक्षा केन्द्रों पर 49561परीक्षार्थियों के लिए 103 दंडाधिकारी तथा 80 पुलिस पदाधिकारी नियुक्त जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना भी की गई है जिसका दूरभाष संख्या 06182-248701 है. आरा, 16 फरवरी. 17 फरवरी यानि सोमवार से प्रारम्भ होने वाले वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2020 का स्वच्छ, शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त परीक्षा के संचालन हेतु जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा एवं पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार द्वारा विधि व्यवस्था संधारण के निमित्त 103 दंडाधिकारी तथा 80 पुलिस पदाधिकारी सहित भारी संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है. जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि परीक्षा हर हाल में शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त होगी तथा कदाचार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. परीक्षा के सफल आयोजन हेतु उन्होंने सभी दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ कृषि भवन सभागार में शनिवार को ब्रीफिंग की तथा परीक्षा के सफल ,शांतिपूर्ण एवं कदाचार मुक्त संचालन हेतु प्राप्त निर्देश का सख्ती से अनुपालन करने को कहा. वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 17 फरवरी से प्रारंभ होकर 24 फरवरी तक 2 पालियों में संपन्न होगा. प्रथम पाली 9:30 बजे पूर्वाह्न से 12:45 बजे अपराहन तक एवं द्वितीय पाली 1:45 बजे अपराहन से 4:30 अपराहन तक संचालित होगी. इसके लिए भोजपुर जिला में 36 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिसमें कुल 49561 परीक्षार्थी शामिल होंगे. प्रथम पाली में 23647 परीक्षार्थी तथा द्वितीय पाली में 25914 परीक्षार्थी शामिल होंगे. आरा अनुमंडल क्षेत्र में 25 परीक्षा केंद्र, जगदीशपुर अनुमंडल क्षेत्र में तीन, बिहिया में 3 परीक्षा केंद्र एवं

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