‘नाट्य नगरी’ में आयोजित होगा “भोजपुर नाट्य महोत्सव 2020”

17 राज्यों के शामिल होंगे कलाकार, दुल्हन की तरह सजेगा जैन स्कूल प्रांगण शहर में लगेंगे विशाल तोरण द्वार आरा, 4 जनवरी. इस वर्ष नाट्य नगरी ‘आरा’ में 1-5 मार्च तक “भोजपुर नाट्य महोत्सव 2020” आयोजित किया जाएगा. इस बात की जानकारी आरा रंगमंच के सचिव अनिल सिंह ने दी. उन्होंने बताया कि इस बार के महोत्सव में आयोजन स्थल जैन स्कूल को दुल्हन की तरह सजाया जाएगा. कलाकारों के ठहरने व खाने-पीने की व्यवस्था जैन स्कूल के प्रांगण में ही किया जाएगा. साथ ही पूरे नगर में आकर्षक तोरण द्वार बनाए जाएंगे. आयोजित होनेवाला यह आयोजन नाट्य महोत्सव सह अखिल भारतीय लघु नाट्य, नुक्कड़ नाटक व लोकनृत्य प्रतियोगिता के रूप में होगा. विगत वर्षों में यह आयोजन जैन स्कूल में ही कई बार किया जा चुका है. लेकिन 2016 के बाद यह आयोजन पुनः किया जा रहा है जिसमें आरा रंगमंच,जैन स्कूल और आदिनाथ ट्रस्ट सँयुक्त रूप से शामिल हैं. बताते चलें कि इस वर्ष का यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि जैन स्कूल के 100 वर्ष पूरे हो चुके हैं. आयोजन को लेकर शुक्रवार को हुई बैठक की की अध्यक्षता अशोक मानव ने किया तथा संचालन डॉ पंकज भट्ट ने किया. बैठक में अशोक मानव ने कहा कि 17 राज्यों यथा जम्मू कश्मीर, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड आसाम,मणिपुर, मिजोरम, गुजरात आदि राज्यों के नाट्य दलों ने महोत्सव में भाग लेने के स्वीकृति दे दी है. भोजपुर नाट्य महोत्सव के संयोजक अनिल तिवारी ‘दीपू’ ने कहा कि समय बहुत कम रह गया है अतः अब हमें

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तो क्या ऐसे बढ़ेगा स्वरोजगार?

कनेशनल साईंटिफिक रिसर्च सेंटर ने अपने ट्रस्ट में प्रशिक्षितो को बुलाकर बांटी मिठाईयां ट्रस्ट के अध्यक्ष ने प्रशिक्षितों से कहा आप अपने आसपास की महिलाओं को करें प्रशिक्षित, तो बढ़ेगा स्वरोजगार आरा, 2 जनवरी. महिलाओं को स्वावलंबी व रोज़गारपरक बना उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के उद्देश्य से नव वर्ष के अवसर पर,महिला सशक्तिकरण,हस्त शिल्प कला व असहायों के प्रति समर्पित संस्था नेशनल साइंटिफिक रिसर्च एंड सोशल एनालिसिस ट्रस्ट आरा के निज कार्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन पूर्वाह्न 11 बजे से किया गया. इस मौके पर ट्रस्ट में प्रशिक्षित छात्राओ को बुलाकर मिठाइयां बांटी गयी. इस मौके पर ट्रस्ट द्वारा प्रशिक्षितों को अपने पैरों पर खड़ा होने में क्या मदद मिली विषय पर अपने विचार सांझा करने और अपने नजदीकी महिलाओ को प्रशिक्षित करने को कहा गया. शालिनी, विभूति, अनामिका,पल्लवी,रजनी,कामिनी,नीलम, बीना,अनुष्का, रागिनी,गरिमा,सरिता व अन्य ने उपस्थित जन के बीच अपने संबोधन से ट्रस्ट के कार्यों पर प्रकाश डाला तथा अपनी उपलब्धियों की चर्चा करते हुए सभी महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने की सलाह दी. नेशनल साइंटिफिक के अध्यक्ष श्याम कुमार ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नव वर्ष में कुछ नया कर दिखाने की अपील की और मानवता के दीप को जलाए रखने की बात कही. उन्होंने दिनांक 21 जनवरी को ट्रस्ट के नवम वर्षगाँठ के अवसर पर सांस्कृतिक कार्य क्रम के आयोजन व हस्त शिल्प प्रदर्शनी तथा विचार गोष्ठी के आयोजन की बात कही. कार्यक्रम में आकाश चौबे ,डॉ सुभाष,अनिल राय,अंजुम, परवेज आलम,श्रीकांत सिंह ,गोलू , संजय नाथ पाल, मनोज सिंह ,राजा बसंत बहार

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‌भोजपुरी की आत्मा, “आरा” में रंग भर गए बुद्ध और कबीर

भोजपुरी कला यात्रा के 5 दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रदर्शनी के अंतिम दिन युवाओं के नए बैंड “त्रिगुण” ने अपने अंदाज से भोजपुरी में नया रंग भर जगाई नई उम्मीद आरा, 31 दिसम्बर. संभावना आवासीय उच्च विद्यालय, आरा में भोजपुरी कला यात्रा कार्यशाला-सह-प्रदर्शनी के अंतिम दिन कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की. उन्होंने बच्चों द्वारा तैयार चित्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और  कहा कि भोजपुरी कला संस्कृति के लिए आने वाला नया साल ढेर सारा सौगात लेकर आनेवाला है. उक्त अवसर पर उन्होंने घोषणा किया कि नई पीढ़ी को भोजपुरी कला से जोड़ने के लिए बिहार सरकार के कला विभाग ने इस पर आधारित कोर्स को तैयार किया है जिसे मधुबनी में स्थापित मिथिला  के पेंटिंग महाविद्यालय में पढ़ाया जाएगा. उन्होंने इस बात की जानकारी दी कि प्रतिवर्ष इस कॉलेज में भोजपुरी भीत्ति-कला की पढ़ाई की जाएगी एवं प्रतिवर्ष कला यात्रा का भी आयोजन किया जाएगा. बता दें कि सर्जना न्यास एवं संभावना विद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधान में “आवs रंग भरल जाव” शीर्षक से 24 दिसंबर से मझौवाँ स्थित विद्यालय प्रांगण में यह कार्यशाला आयोजित थी. अंतिम दिन आयोजित इस प्रदर्शनी का उदघाटन  कला संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार, विद्यालय निदेशक कुमार द्विजेन्द्र, प्राचार्या डॉ अर्चना सिंह, सर्जना ट्रस्ट के अध्यक्ष संजीव सिन्हा, तथा पूर्व विभागाध्यक्ष हिंदी-भोजपुरी विभाग डॉ नीरज सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कला मंत्री ने अपने सम्बोधन में विद्यालय परिवार के प्रति ऐसे आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया और प्रतिवर्ष भोजपुरी कला महोत्सव कराए जाने पर विचार

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भोजपुरी कला को सहेजता ‘भोजपुरी कला-यात्रा’

24-28 दिसम्बर तक चलेगा भोजपुरी कला यात्रा आरा,25 दिसम्बर. भोजपुरी कला यात्रा का शुभारंभ मंगलवार को हुआ. 24- 28 दिसम्बर तक चलने वाले इस कला यात्रा का आयोजन सर्जना न्यास एवं संभावना विद्यालय के संयुक्त तत्त्वाधान में हुआ है. संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के प्रांगण में चलने वाले इस पांच दिवसीय कला यात्रा का विधिवत उदघाटन विद्यालय के प्रबंध निदेशक कुमार द्विजेन्द्र, प्राचार्या डॉ अर्चना सिंह, साहित्यकार जनार्दन मिश्र, भोजपुरी रंगकर्मी कृष्णेन्दु यादव, चित्रकार राकेश कुमार दिवाकर, प्रशिक्षक-चित्रकार संजीव सिन्हा और संस्कृतिकर्मी सुनील पांडेय द्वारा संयुक्त रूप से किया. विद्यालय के बच्चों ने उदघाटन के मौके पर भोजपुरी मंगलाचरण गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया. ‌स्वागत संबोधन में प्राचार्या डॉ अर्चना सिंह ने कहा कि भोजपुरी कला यात्रा का विद्यालय में आयोजन भोजपुरी संस्कृति के प्रोत्साहन में मील का पत्थर साबित होगी. क्योंकि वही समाज विकसित और प्रगतिशील हो सकता है जो अपनी संस्कृति और भाषा के संरक्षण में सक्षम हैं. उदघाटन सम्बोधन में निदेशक कुमार द्विजेन्द्र ने बताया कि संभावना विद्यालय अपने स्थापना काल से ही ऐसी कार्यशालाएं और कार्यक्रम का आयोजन करता रहा है जो भाषा-संस्कृति का संवर्धन करती हो और यह कार्यशाला भी बच्चों के रचनात्मक विकास में सहयोग के साथ-साथ भोजपुरी संस्कारों से भी परिचय कराएगी. जनार्दन मिश्र ने मंच से बच्चों का उत्साहवर्धन किया और भोजपुरी कला पर आधारित कार्यशाला के आयोजन के लिए सर्जना ट्रस्ट और संभावना विद्यालय के प्रति साधुवाद प्रगट किया. विषय प्रवेश करते हुए संस्कृतिकर्मी सुनील पांडेय ने प्रतिभागियों को भोजपुरी कला से परिचय करवाते हुए कहा कि भोजपुरी चित्रकला दरअसल

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रेयाज़ आलम को “ग्लोबल लीडरशिप अवार्ड”| उत्कृष्ट कार्य के लिए हुए सम्मानित

पटना/मुंबई (अजीत) | बुधवार 25 दिसम्बर को ऑल इंडिया प्राइवेट स्कूल एवं चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन का दो दिवसीय नैशनल काउन्सिल मीट मुंबई के पाँच सितारा होटेल दी ललित में सम्पन्न हुआ. इस मीट का उदघाटन बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं शिक्षाविद अभयानंद ने किया. प्राइवेट स्कूल एसोसिएसन के इस कॉन्फ्रेंस में देश के 28 राज्यों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कई शिक्षाविदों और स्कूल संचालकों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम के दौरान प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के बिहार प्रदेश के ज्वाइंट सेक्रेटेरी रेयाज़ आलम को भी सम्मानित किया गया. यह सम्मान उनको शिक्षा एवं कॉर्पोरेट गवर्नन्स के क्षेत्र में बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक अभयानंद के हाथों दिया गया. इस मौके पर कई शिक्षाविद और गणमान्य लोग मौजूद रहे.

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किसका जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव मना एक साथ ?

भगवान चन्द्रप्रभु एवं पार्श्वनाथ तीर्थंकर का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव मना आरा,22 दिसम्बर. स्थानीय जेल रोड स्थित श्री 1008 अतिशयकारी चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान चन्द्रप्रभु एवं तेईसवें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव आचार्य विपुलसागर महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य एवं अनुष्ठानाचार्य कपिल भैया सार्थक के कुशल निर्देशन में भक्तिमय माहौल में मनाया गया. प्रातः काल जिनेन्द्र देव का पंचामृत अभिषेक एवं वृहद शांतिधारा आचार्य द्वारा शांतिधारा करने का सौभाग्य शील जैन, रेणु जैन एवं मिथलेश कुमार जैन को प्राप्त हुआ साथ ही जन्माआरती रीना-अतुल कुमार जैन एवं पाद-प्रक्षालन प्रीति-शैलेश कुमार जैन एवं अखण्ड द्वीप प्रज्ज्वलन एवं स्थापना करने का सौभाग्य दीदी सुलोचना को प्राप्त हुआ. अभिषेक के पश्चात श्री चन्द्रप्रभु विधान एवं श्री पार्श्वनाथ विधान आचार्य के सानिध्य में सौधर्म इंद्र-इंद्राणी प्रीति-शैलेश कुमार जैन सहित अनेकों श्रद्धालुओं ने भावसहित महाअर्ध्य पूजा मण्डप पर समर्पित किया. उपस्थित जन-समूह को सम्बोधित करते हुये आचार्य ने कहा कि तीर्थंकर भगवान का पांच कल्याणक होते है जिसमें गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान एवं मोक्ष कल्याणक होते हैं. उन्होंने कहा कि आज बहुत ही शुभ दिन है क्योंकि आज दो-दो तीर्थंकर का एक साथ जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव मनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. कार्यक्रम के समापन पर साधर्मी वात्सल्य की व्यवस्था शुद्धात्म एवं शरण्य जैन के द्वारा था जिसे सभी भक्तों ने प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया. आयोजन को सफल बनाने में संयोजक डॉ शशांक जैन, मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन, साहू जैन, अतुल चन्द्र जैन, मनोज जैन, अमूल बांसिल, शुभम जैन, आलोक किशोर

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विजया शर्मा को साहित्य श्री सम्मान

आरा,20 दिसम्बर. रु-ब-रु फाउंडेशन द्वारा विगत 13 दिसम्बर को लखनऊ के राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह, कैसरबाग में साहित्य उत्सव एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. जिसमे देशभर के जानेमाने कलमकारों ने शिरकत की. इस साहित्यिक एवम सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान एक से बढ़के एक गजलें एवम कविताएं पेश की गई. कार्यक्रम के दूसरे चरण के सम्मान समारोह मे देश के कोने-कोने से पधारे अपने विधा में माहिर विभिन्न महान विभूतियों को सम्मानित किया गया. इस दौरान आरा के राजेन्द्र नगर की “विजया शर्मा” जी को “साहित्य श्री” सम्मान से सम्मानित किया गया. यह सम्मान सुनीता बंसल (सदस्य राज्य महिला आयोग),प्रो आशिफ़ा जमानी (चैयरपर्सन उर्दू अकादमी), सुश्री श्रुति सडोलिकर (वीसी भारतखंडे विश्वविद्यालय),डॉ बी डी तिवारी(आईएएस) एवम इसरत राही,अध्यक्ष,रु-ब-रु फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया गया. आरा ओ पी पांडेय की रिपोर्ट

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9वी वर्षगाँठ पर कला महोत्सव की तैयारी

आरा, 9दिसंबर. नेशनल साइंटिफिक रिसर्च एंड सोशल एनालिसिस ट्रस्ट आगामी 21 जनवरी 2020 को ट्रस्ट की 9वीं वर्षगांठ मना रहा है जिसको लेकर रविवार को ट्रस्ट कार्यालय में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. संगोष्ठी में “भोजपुरी कला महोत्सव” के आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई. संगोष्ठी में भोजपुरी कला ,महिला सशक्तिकरण व उद्यमिता विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के अंतर्गत गीत-संगीत-नृत्य व हस्त-शिल्प के निमित्त कला प्रदर्शनी के आयोजन का निर्णय लिया गया. आयोजन के विषय मे ट्रस्ट अध्यक्ष श्याम कुमार ने कहा कि यह आयोजन भोजपुरी कला के समृद्धि व महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक मिल का पत्थर साबित होगा जिसमें कई प्रतिष्ठित कलाकार, साहित्यकार, बुद्धिजीवी, पत्रकार व सामाजिक कार्यों में अग्रणी महिलाएँ शामिल होंगी. जिन्हें सम्मानित किया जाएगा. संगोष्ठी में संजीव सिन्हा, संजय नाथ पाल ,मनोज सिंह, विशाल सिंह, राजा बसंत , बिना सहाय ,विभूति कुमारी ,अनामिका कुमारी, निशिकांत श्रीवास्तव,शशि सिंह,तरुण कुमार श्रीवास्तव सहित कई अन्य ने भी अपने विचार रखे. आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट

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“बाल मजदूरी इंसानियत के लिए अपराध” का मंचन

फुलवारी शरीफ (अजित की रिपोर्ट) | रविवार को वाल्मी में सर्वमंगला सांस्कृतिक मंच (एस.एस.एम.) के साप्ताहिक नुक्कड़ नाटक की श्रृंखला में एक नाटक की प्रस्तुति की गई. महेश चौधरी द्वारा लिखित एवं निर्देशित “बाल मजदूरी इंसानियत के लिए अपराध” नामक नाटक की शुरुआत सौरभ राज के स्वरबध्द गीत – बाल मजदूरी इंसानियत के लिए अपराध है ओ भईया, हर एक को जन्म से जीने का अधिकार है ओ भईया…… से हुई. इस नाटक के माध्यम से यह बताया गया कि बाल मजदूरी इंसानियत के लिए अपराध है जो समाज के लिए श्राप बनता जा रहा है. बाल मजदूरी देश के वृद्धि और विकास में बाधक के रूप में बड़ा मुद्दा है. बचपन जीवन का सबसे यादगार क्षण होता है जिसे हर एक को जन्म से जीने का अधिकार है. बचपन सभी के जीवन में विशेष और सबसे खुशी का पल होता है जिसमें बच्चे प्रकृति, प्रियजनों और अपने माता-पिता से जीवन जीने का तरीका सीखते हैं. सामाजिक,बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक सभी दृष्टिकोण से बाल मजदूरी बच्चों की वृद्धि और विकास में अवरोध का काम करता है. बाल मजदूरी भारत में बड़ा सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है जिसे नियमित आधार पर हल करना चाहिए. यह मुद्दा सभी के लिए है जो कि व्यक्तिगत तौर पर सुलझना चाहिए क्योंकि यह किसी के भी बच्चे के साथ हो सकता है. गरीबी के कारण गरीब माता-पिता अपने बच्चों को घर-घर और दुकानों में काम करने के लिए भेजते हैं. दुकान और छोटे व्यापारी भी बच्चों से काम तो बड़े लोगों के जितना करवाते

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सरस मेला 1 दिसंबर से गांधी मैदान में, प्रवेश होगा निःशुल्क

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | देसी अंदाज में आयोजित सरस मेला आधुनिक समाज में भी अपनी एक अलग पहचान बना रहा है. मेला में बिकने वाले उत्पाद और उनके प्रति लोगों का क्रेज लगातार बढ़ रहा है और यह बात का प्रमाण है कि लोग आधुनिकता से दूर गांव की ओर लौट रहे हैं. अपने घरों को संवारने के लिए लोग ग्रामीण शिल्प और उत्पाद को ही तरजीह दे रहे हैं. सरस मेले में लोगों का सबसे बड़ा रुझान ग्रामीण शिल्प कला की ओर तरफ है. वर्तमान समय में बिहार ग्राम सरस मेला राष्ट्रीय मेला के स्वरूप में प्रदर्शित हो रहा है. सरस मेला ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार द्वारा निर्धारित कैलेंडर के तहत देश की लगभग प्रत्येक राज्य की राजधानी में प्रतिवर्ष आयोजित होता है. राजधानी पटना में भी इसका आयोजन कई वर्षों से होता रहा है. वर्ष 2014 से ही इसके आयोजन की जिम्मेदारी बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति जीविका की है. बिहार ग्राम सरस मेला इस साल 2019-20 का प्रथम संस्करण ज्ञान भवन, पटना में 2 सितंबर से 11 सितंबर तक आयोजित हुआ. मेला में बिहार समय देश राज्यों के स्वयं सहायता समूह से जुड़े महिलाओं और अन्य सरकारों द्वारा निर्मित उत्पादक आकृतियों की बिक्री से प्रदर्शनी 110 स्टॉलों से हुई. एक बार फिर इसी साल जीविका सरस मेला का आयोजन 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक गांधी मैदान पटना में हो रहा है, जिसमें 400 स्टॉल विभिन्न विभागों के 50 और जीविका दीदियों के लिए 50 का निर्माण प्रस्तावित है. इस मेला में स्टाल के माध्यम से

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