सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास खाली करना होगा

पटना (ब्यूरो रिपोर्ट) | सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी आवास खाली करना होगा – यह फैसला मंगलवार को पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एपी शाही की खंडपीठ ने सुनाया. पटना हाईकोर्ट का यह एक बड़ा फैसला है जिससे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों को बड़ा झटका लगा है. जैसा कि विदित है, बिहार में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन आवास की सुविधा मिली हुई थी जिसे कोर्ट के मंगलवार के फैसले ने ख़त्म कर दिया. कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह नियम पूरी तरह से असंवैधानिक है जिसमें सार्वजानिक धन का दुरूपयोग हो रहा है.
पटना हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, जीतन राम मांझी, सतीश प्रसाद सिंह सहित अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों को अपना सरकारी बंगला छोड़ना पड़ सकता है.
ज्ञातव्य है कि 2016 में तत्कालीन महागठबंधन सरकार ने, बिहार विशेष सुरक्षा कानून में संशोधन करते हुए, राज्य के पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन, ए टाइप बंगला आवंटित करने व सुरक्षा दस्ता देने का संशोधित नियमावली जारी किया था. तेजस्वी यादव की ओर से बंगला खाली कराए जाने के मामले में दायर हुई अपील पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने 2016 की उक्त नियमावली की वैधता पर स्वतः संज्ञान लिया था और इस मामले में एक रिट याचिका स्वतः दायर करने का आदेश मुख्य न्यायाधीश ने दिया था.