कोरोना के कारण राज्य में सभी सेवाएं ठप्प

पटना (ब्युरो रिपोर्ट) | कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बिहार सरकार द्वारा रविवार को एपिडेमिक डिजीज ऐक्ट 1897 की धारा 2 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कुछ सेवाओं को छोड़कर राज्य के सभी निजी प्रतिष्ठानों, निजी कार्यालयों एवं सार्वजनिक परिवहन को पूर्णता बंद करने का आदेश दिया गया है. यह आदेश सभी जिला मुख्यालयों, सभी अनुमंडल मुख्यालयों, सभी प्रखंड मुख्यालयों एवं सभी नगर निकायों पर लागू होगा. सरकार द्वारा दिया गया यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया. फिलहाल यह लॉकडाउन 31 मार्च 2020 तक लागू रहेगा.
इस लॉकडाउन में निजी क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सा, सेवा दूरसंचार सेवा, बैंकिंग एवं एटीएम सेवाएं, डेयरी एवं डेयरी से संबंधित प्रतिष्ठान, खाद्यान्न एवं किराने के प्रतिष्ठान, फल सब्जियों की दुकानें, दवा की दुकानें, सर्जिकल आइटम से संबंधित संस्थान, पेट्रोल पंप एवं सीएनजी स्टेशन, एलपीजी गैस एजेंसी, पोस्ट ऑफिस तथा कोरियर सेवाएं, कॉमर्स सेवाएं और इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया को सम्मिलित नहीं किया गया है.
बताते चलें कि 31 मार्च तक लॉकडाउन के दौरान मालवाहक वाहन, एंबुलेंस, आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाओं से संबंधित वाहनों के परिचालन को अनुमति दी गई है. साथ ही इन सभी सेवाओं के लिए उपयोग में आने वाले वाहनों एवं सरकारी कार्यों में लगे हुए वाहनों को इस आदेश की परिधि से बाहर रखा गया है.
सरकारी कार्यालयों में आमजन के प्रवेश को प्रतिबंधित करने संबंधी सामान्य प्रशासन विभाग के पहले का निर्देश लागू रहेगा. उपरोक्त आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु सभी जिला दंडाधिकारियों को प्राधिकृत किया गया है. इस कार्य हेतु सभी जिला दंडाधिकारी अपने क्षेत्र के अंदर आनेवाले राज्य सरकार के किसी भी विभाग के पदाधिकारी और कर्मी की सेवा ले सकते हैं.