‘बिहार में आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता’

  • भूकंप सुरक्षा सप्ताह 2017
  • सिंचाई भवन परिसर में ‘झुको ढंको पकड़ो” का अभ्यास
  • भूकंप सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन

भूकंप सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत 19 जनवरी को सिंचाई भवन परिसर में स्थित सभी कार्यालयों में भूकम्प से सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. इसका आयोजन एवं आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किए गया . 15 – 21 जनवरी तक पूरे राज्य में भूकंप सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा . इस सप्ताह के दौरान पूरे राज्य में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं .सिंचाई भवन के प्रथम तल पर इस मॉक ड्रिल के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया जिसमें माननीय मंत्री आपदा प्रबंधन प्रो. चन्द्रशेखर, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  व्यास जी, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य डॉ. उदय कांत मिश्र,  अग्नि शमन सेवा एवं गृह रक्षा वाहिनी के महानिदेशक  पी एन राय, जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख इन्दु भूषण कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव अनिरुद्ध कुमार एवं अन्य पदाधिकारियों ने मॉक ड्रिल का अवलोकन किया . प्राधिकरण द्वारा मॉक ड्रिल्स के लिए पर्यवेक्षकों की एक टीम का भी गठन किया गया है जो अपनी रिपोर्ट प्राधिकरण को प्रस्तुत करेगी . इस मॉक ड्रिल के नोडल पदाधिकारी प्राधिकरण के वरीय सलाहकार डॉ. शंकर दयाल थे.




सायरन द्वारा 3 बजे भूकंप आने की घोषणा होने के बाद सभी कार्यालयों में “झुको ढको पकड़ो” का अभ्यास किया और उसके बाद अपना सिर ढंकते हुए सुरक्षित स्थान तक आए . इसके बाद सभी विभागों के नोडल पदाधिकारियों ने अपने अपने विभागों के लोगों की गणना कर रिपोर्ट किया. मॉक ड्रिल के अंतर्गत भूकंप में घायल एक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के पश्चात अस्पताल ले जाने का प्रदर्शन किया गया . इस अवसर पर प्राधिकरण द्वारा तैयार किया गया (दीवार एवं टेबल) आपदा जोखिम न्यूनीकरण कैलेंडर 2017 का विमोचन किया गया .

इस अवसर पर एकत्रित लोगों को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री आपदा प्रबंधन प्रो. चन्द्रशेखर ने कहा कि राज्य में आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गयी है. उन्होनें कहा कि माननीय मुख्य मंत्री द्वारा द्वारा आपदा प्रबंधन को पूर्ण समर्थन प्रदान किया गया है. उन्होनें प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की .

बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यास जी  ने उपस्थित लोगों ने कहा कि बिहार भूकम्प  की दृष्टि से खतरनाक ज़ोन v , iv तथा iii में आता है. माकड्रिल की महत्ता को समझना जरूरी है, भूकम्प जैसी प्राकृतिक आपदा में कोई early warning system कार्य नहीं करते हैं अतः झुको , ढको  और पकड़ो का निरंतर अभ्यास किया जाना चाहिए. उन्होनें 2015 में आए भूकंप के बाद के परिदृश्य को याद करते हुए बताया की जानकारी के अभाव में लोगों ने किस प्रकार व्यवहार किया . उन्होने प्राधिकरण द्वारा जारी 2017 के आपदा जोखिम न्यूनीकरण कैलेंडर के महत्व को बताते हुए कहा कि इसका उपयोग स्कूलों के बच्चों के माध्यम से किया जाएगा .प्राधिकरण के सदस्य डॉ. उदय कांत मिश्र ने मॉक ड्रिल के महत्व को समझाते हुए कहा कि अभ्यास के द्वारा आपदा के समय हम अपनी जान बचा सकते हैं .