अनोखे अंदाज में आज मनेगी भगवान महावीर की जयंती

घर-घर गूंजेंगे भगवान महावीर के अमर सन्देश

आरा (भोजपुर),25अप्रैल. कोविड महामारी को लेकर जहाँ सभी वर्क फ्रॉम होम और घर से बाहर लोग कम से कम निकल रहे हैं और जरूरी कामों को अंजाम दे रहे हैं ऐसे में कुछ लोग एंजाइटी के शिकार भी हो रहे हैं लेकिन क्रिएटिव और पॉजिटिव सोच रखने वाले ऐसी विपत्ति काल मे भी घरों में रहते हुए कैसे कोई पर्सनल या सामाजिक कार्य किया जाय इसको अंजाम देने में लगे हैं. ऐसे ही कार्यों में इन दिनों जैन समुदाय से जुड़े लोग लगे हुए हैं,जिनके लिए भगवान महावीर की जयंती मनाना एक चैलेंज के रूप में लिया है. इसबार वे कुछ अनोखे अंदाज में भगवान महावीर की जयंती कोविड नियमों के 100 प्रतिशत पालन के साथ बड़े ही रोचक तरीके से कर रहे हैं. जी हाँ आज रविवार है और भगवान महावीर की जयंती भी आज है. इसबार यह जयंती हर साल से ज्यादा व्यापक और भक्तिमय तरीके से मनाया जा रहा है. जी हाँ चौंकिए मत! बस यूं समझिए कि इस बार यह जयंती घर-घर मे मनाई जा रही है. न लोगों की भीड़ होगी, न सड़कों पर कोई भीड़ का आलम, लेकिन भगवान महावीर की जयंती पर भक्ति में लीन होंगे आज हर घरों में उनके अनुयायी! जी हाँ! कुछ इसी अंदाज में मनेगा आज जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती.




जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जन्मकल्याणक महोत्सव बड़े ही भक्तिपूर्वक रविवार को मनाया जायेगा,लेकिन इस बार कोविड-19 महामारी के कारण गलियों में न घूमते हुए जैन समाज के प्रत्येक घर में भगवान महावीर स्वामी के शुभ संदेश गूंजेंगे. इसके साथ ही घरों में जैन ध्वजा लगाकर भगवान महावीर के द्वारा बताये गये मार्गों पर चलने का जैन समाज के अनुयायी इसका अनुसरण करेंगे.


आचार्य विशुद्धसागर महाराज ससंघ तीर्थराज श्री सम्मेदशिखर भी विराजमान है. उन्होंने शनिवार को अपने मंगल प्रवचन में कोरोना काल में महावीर जयंती कैसे मनाये इसपर विस्तार से बतायें हुये कहा कि महावीर जयंती मनेंगी, जरूर मनेंगी, गलियों में न घूमते हुए घरों में मनेंगी. जो मंदिर में ध्वजा लगाते थे, वहां ना पहुंच पाये तो कोई बात नहीं, अपने घर पर ही ध्वजा लगाकर उनकी जयंती मनाइये. उन्होंने सभी अनुयायियों से कहा कि भगवान महावीर के उपकारों को मत भूल जाना. आचार्य श्री ने कहा कि जिनके घर में गृह चैत्यालय है अपने घरों में अभिषेक करे, नहीं है तो घर में चैत्यालय का ध्यान करके प्रभु का अभिषेक करें. समूह में जो भजन-कीर्तन होता था, यदि नहीं हो पाए तो स्वयं एक कमरे में बैठकर कीर्तन करने की सलाह उन्होंने दी.

श्री महावीर जयंती समारोह समिति आरा के सचिव डॉ आदित्य विजय जैन ने बताया कि कोरोना महामारी को लेकर सरकार द्वारा निर्देशित आदेश के आलोक में समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी शोभायात्रा या अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ना कर घरों में ही महावीर जयंती मनायी जायेगी. वहीं उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार जैन ने कहा कि जयंती के दिन समाज के द्वारा फल वितरण का कार्यक्रम है जिसमें कोरोना काल के विषम परिस्थिति में अपना उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सक, चिकित्सककर्मी, पुलिस प्रशासन, सफाईकर्मी एवं मरीजों एवं आम जनता के बीच फल वितरण किया जायेगा. जैन समाज के मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन ने बताया कि इस वर्ष भी भगवान महावीर जयंती पर लोग अपने-अपने घरों में जैन ध्वज लगाकर भगवान महावीर का जयघोष करेंगे. सुबह में पूजन, कीर्तन, एवं शाम समय में घरों में रंगोली बनाकर द्वीप प्रज्ज्वलित कर आरती, भजन करेंगें.

मन मे भक्ति का भाव हो और लगातार कुछ सोचा जाए तो विपरीत परिस्थितियों में भी प्रकृति आपका सहयोग दे ही देती है. जयंती मनाने का यह तरीका प्रमाण है इसका. यही नही इससे भक्ति का भाव भी व्यापक होगा और नई पीढ़ी भी सीखेगी भगवान की जयंती पर अपने आराध्य का ध्यान लगाने के साथ अपने संस्कार का एक तरीका. यही कायम रखेगा आने वाली पीढ़ियों को बताने के लिए अपने संस्कार और लोक संस्कृति का ताना-बाना. जानेगी आने वाली पीढियां कि संकटकाल में कैसे बचाया था हमने अपने धार्मिक व सांस्कृतिक अनुष्ठान को….

आरा से ओ पी पांडेय की रिपोर्ट