अग्निपथ योजना के विरोध में सत्याग्रह

By om prakash pandey Jun 28, 2022

पूर्व सैनिक और फौज की तैयारी करने वाले युवाओं के दल ने जतायी अपनी पीड़ा

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बक्सर, 28 जून. अग्निपथ योजना के विरोध में बक्सर सदर विधायक मुन्ना तिवारी के नेतृत्व में सोमवार को कमलदह तालाब परिसर में महात्मा गांधी स्मारक के पास एक दिवसीय शांतिपूर्ण सत्याग्रह कांग्रेस पार्टी द्वारा किया गया.




कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष बजरंगी मिश्रा ने की तथा संचालन वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजा रमण पांडेय ने की. कांग्रेस के विधायक संजय कुमार तिवारी ने कहा कि हाल ही में अग्निपथ योजना से सशस्त्र बलों की लंबे समय से चली आ रही परंपराओं एवं लोकाचार को नष्ट करने और उनके मनोबल का अवमूल्यन करने के कारण पूरे देश में इसका विरोध हो रहा है.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बिना किसी व्यापक परामर्श के इस नीति को थोपने की वजह से बड़ी संख्या में युवा नाराज है, जो सशस्त्र बल में शामिल होने का सपना देख रहे थे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कांग्रेस ने हमारे राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए लड़ने की अपनी गौरवपूर्ण विरासत को लेकर पहले दिन से ही इस योजना का विरोध किया है. पार्टी ने इसके विरोध में 20 जून को दिल्ली के जंतर मंतर और विभिन्न राज्यों में भी शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया है.

गांधी के वंशज हैं जो झुकते नहीं

इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष बजरंगी मिश्रा ने कहा कि हम गांधी के वंशज हैं गोडसे के नहीं जो झुक जायेंगे. यह सत्याग्रह चलता रहेगा. इंटक के जिलाध्यक्ष गौरव राय ने कहा कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना में सेना में महज चार साल की नौकरी के बाद उन्हें बाहर कर दिया जाएगा इसके विरोध में पूरे भारत भर के युवाओं ने आंदोलन कर दिया है.

पूर्व सैनिक व युवा भी शामिल
सत्याग्रह में पूर्व सैनिक व सेना की तैयारी करने वाले कई युवा भी शामिल हुए. पूर्व सैनिक राजेन्द्र ओझा ने कहा कि आज अगर इस गलत योजना का विरोध नहीं हुआ तो आने वाली पीढ़ी के लिए एक नासूर बन जाएगा. उन्होंने अपने अनुभव और ट्रेनिंग को याद करते हुए कहा कि 4 साल तो सैनिकों को तैयार होने में लग जाता है. 25 प्रतिशत में वे लोग ही रहेंगे जो अपने बॉस के मेम साहबों की साड़ी धोयेंगे.

वहीं चौसा प्रखंड अध्यक्ष राजारमण पांडेय ने कहा कि अगर पारदर्शी योजना है तो कांग्रेस उनके साथ है. लेकिन कभी ये बतायेंगे नहीं. जैसे किसानो को उलझा कर रखा गया. बाद में कानून वापस ले लिया. अब सेना की भर्ती ग़ायब हो गयी.

प्रधानमंत्री ने देश को लैबोरेट्री समझ लिया है

सत्याग्रह में शामिल युवाओं में से एक युवा छोटू पांडेय ने कहा कि इस योजना की वजह से सारे युवाओं का भविष्य चौपट किया जा रहा है. सरकार इस योजना को वापस ले. युवा कांग्रेस के महासचिव लक्ष्मण उपाध्याय ने कहा कि तानाशाही सरकार से पूछता हूं कि क्या सरकार को पता कि एक फौजी को तैयार करने में बच्चों का 3-4 साल तो तैयारी में लग जाता है उसे 4 साल में ही वापस कर देना उनकी बेइज्जती है. युवा वायु के वेग से चलते हैं. अगर ये युवा, वायु बनकर कहीं अपने वेग मे आ गए तो सरकार को वापस जाना तय है.अगर सरकार इस योजना को वापस नहीं लेगी तो ऐसी सरकार को उखाड़ कर फेंक दिया जाएगा.

संगम कश्यप ने कहा कि खुद को देश का चौकीदार बताने वाले देश के प्रधानमंत्री रातों रात योजना लाते हैं. मोदी जी देश को लेबोरेट्री समझ लिए हैं, कभी सैनिकों की तैयारी करने वाले बच्चों के पैरों के छाले देखे होते न पीएम तो ये योजना लागू नहीं करते. आर्मी वालों को पेंशन नहीं तो फ़िर अटल पेंशन क्यों. आर्मी को युवा बनाने वाले कभी बिहार आकर देखिए तो पता चलेगा कि जवान सिर्फ 17 साल के नहीं होते बल्कि 80 साल के भी होते है, क्योंकि ये कुंवर सिंह जैसे योद्धा की धरती है.

पाँच साल से सेना की तैयारी करने वाले NCC का C सर्टिफ़िकेट पाने वाले लगभग 30 युवाओं का समुह भी इस शांतिपूर्ण सत्याग्रह में शामिल हुआ. इनमे से युवा चन्टू मिश्रा ने अपनी वेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हम युवाओं क्या कसूर था कि जब परीक्षा की बारी आयी तो TOD लगा दिया गया. हमारे मां-बाप का सपना तोड़ दिया गया. बड़ी उम्मीदों के साथ एक मीडिल क्लास की फैमिली दिल पर पत्थर रख कर अपने लाल को देश के लिए सुपुर्द करती है और उसको सिर्फ चार साल में रिटायर्मेंट क्यों? PM,CM और MP,MLA का चुनाव लड़ने वाले क्यों नहीं अपनी रिटायर्मेंट की उम्र घटाते? केवल उन्हें युवा ही मिलते हैं?

कामेश्वर पांडेय ने कहा कि देश के बच्चों को अग्निपथ योजना का विषपान कर आप अमृत महोत्सव करा रहे हैं. 21 वर्ष शादी की उम्र बनाया और उसी उम्र में रिटायर्मेंट देकर नौजवानों को क्या तोहफा दे रहे हैं. योजना में परिवर्तन सही था तो फिर उम्र में तुरंत बदलाव क्यों किया. मौके पर कांग्रेस नेता चन्टू मिश्रा, छात्र नेता दिनेश द्विवेदी, अधिवक्ता राहुल आनंद, मोहन पांडेय व अन्य लोग थे.

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