अंतर जिला ऐच्छिक तबादला की मांग तेज, दो साल से टाल रही सरकार

तबादले की मांग लेकर शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना जारी

बिहार के नियोजित शिक्षकों की ऐच्छिक अंतर जिला स्थानांतरण करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी है. स्थानांतरण संघर्ष मंच के बैनर तले शुरू किए गए धरना को संबोधित करते हुए टीईटी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित विक्रम ने कहा कि पंचायती राज संस्थान शिक्षक नियमावली 2020 के तहत महिलाओं एवं दिव्यांगों को तो ऐच्छिक स्थानांतरण का लाभ तो दिया गया है, जबकि पुरुष शिक्षकों को वंचित कर दिया गया है. पुरूष शिक्षकों को सिर्फ पारस्परिक स्थानांतरण का लाभ दिया गया है, जिससे सभी पुरूष शिक्षक ऐच्छिक स्थानांतरण से वंचित रह जाएंगे. महिलाओं को भी जो ऐच्छिक स्थानांतरण देने की बात है वह भी नियमावली बनने के दो साल बीत जाने के बावजूद अब तक शुरू नहीं किया गया है. उन्होंने सरकार से महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों के साथ ही पुरुष शिक्षकों का भी विना किसी शर्त के ऐच्छिक अंतर जिला स्थानांतरण करने की मांग की है.




बता दें कि ऐच्छिक स्थानांतरण ना मिल पाने की वजह से लाखों की संख्या में शिक्षक अपने घर परिवार से दूर नौकरी करने को विवश हैं. सैकड़ों महिलाओं को तो अपना घर परिवार वचाने के लिए अपनी नौकरी तक छोड़नी पड़ी. हजारों ऐसी महिलाएं हैं जो शादी के बाद भी अपने मायके में रहने को मजबूर हैं क्योंकि उन्हें स्थानांतरण नहीं दिया जा रहा है. सरकार ने दो वर्ष पहले विधानसभा चुनाव से पहले नियोजित शिक्षकों के लिए सेवा नियमावली बनाई जिसमें ऐच्छिक स्थानांतरण की सुविधा देने की बात थी लेकिन दो साल बाद भी शिक्षा विभाग इसे लेकर टालमटोल कर रहा है जिसका खामियाजा महिलाएं और दिव्यांग के साथ अन्य शिक्षक भुगत रहे हैं.

सरकार ने नियमित शिक्षकों को अंतर जिला ट्रांसफर की सुविधा दी है जबकि नियोजित शिक्षकों को सिर्फ अपनी नियोजन इकाई में ट्रांसफर की सुविधा मिली है. ऐसी हालत में हजारों शिक्षकों के परिवार टूट रहे हैं और यही वजह है कि शिक्षक धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और शिक्षा विभाग से उनके लिए जल्द से जल्द ट्रांसफर की सुविधा देने की मांग कर रहे हैं. अब देखना है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नींद कब खुलती है और उन्हें कब इन शिक्षकों की परेशानी समझ में आती है.

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