160 साल बाद अभेद्य किला में तब्दील जगदीशपुर

1857 के ग़दर के नायक बाबू कुँवर के विजयोत्सव पर अभेद्य किला में तब्दील हुआ जगदीशपुर

शिवपुर घाट से जगदीशपुर तक कुँवर की सेना ने किया मार्च, CM ने किया जगदीशपुर में सेना का स्वागत




जगदीशपुर,23 अप्रैल.1857 की क्रांति के महानायक वीर बांकुड़ा बाबू कुंवर सिंह के 160 वें विजयोत्सव जगदीशपुर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। 23 अप्रैल, 1858 में अपने जीवन की अंतिम लड़ाई लड़कर जगदीशपुर से यूनियन जैक उखाड़ देने वाले कुंवर सिंह के शौर्य को 160 साल बाद भोजपुर एक बार फिर महसूस कर रहा हैं. इसके लिए इस साल व्यापक तैयारी की गयी है. सोमवार की सुबह सात बजे शाहपुर प्रखंड के शिवपुर घाट से शोभायात्रा के साथ ही विजयोत्सव का आगाज हुआ. जिस तरह कुंवर सिंह अपनी सेना के साथ नाव से बलिया के इलाके से गंगा पार कर भोजपुर के शिवपुर घाट आते थे, उसी तरह का दृश्य कुँवर सिंह की वेशभूषा में कलाकारों ने स्थापित किया. फिर शिवपुर घाट से जिस तरह कुंवर सिंह की सेना जगदीशपुर पहुंचती थी, उसी तरह का दृश्य लोगों के सामने बनारस व अन्य जगहों के कलाकार स्थापित किया.

बाबू कुँवर की सेना के रूप में भी ढेर सारे सैनिक की वेशभूषा में कलाकारों ने 1857 के उस माहौल को बनाने में कोई खास नही छोड़ा. शोभा यात्रा में सैनिकों के अलावा, हाथी, घोड़ा व ऊंट भी शामिल किया गया हैं. जगदीशपुर किला पहुंचने पर दस बजे सीएम नीतीश कुमार द्वारा वीर कुंवर सिंह को रिसीव कर उनकी सेना का स्वागत किया. किला मैदान में झंडोत्तोलन व दुलौर में दीप जलाकर मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत की. इसे लेकर रविवार की शाम तैयारियों को फाइनल टच दे दिया गया था. इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए समारोह स्थल दुल्हन की तरह सज-धजकर तैयार था. ऐसा लगता था कि 1857 की सियासत आधुनिक ढांचे के साथ आज अपने अतीत पर गर्व कर रहा हो.जगदीशपुर स्थित बाबू साहेब के ऐतिहासिक किले को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया है. इससे किला पूरी तरह जगमग करने लगा है. जगदीशपुर का पूरा इलाका बाबू कुंवर सिंह के युद्ध के झंडों से पट गया है.

विजयोत्सव पर होने वाले खेल महोत्सव में भाग लेने वाले खिलाड़ियों व अतिथियों को जगदीशपुर पहुँचना शुरू हो गया था. रविवार की शाम तक अधिकतर खिलाड़ी जगदीशपुर पहुँच गये है. वहीं तैयारियों का जायजा लेने के लिए रविवार को पूरे दिन अफसरों का दल जगदीशपुर में कैंप करता रहा. शाहााबद रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार ऐकले भी किले से लेकर वीर कुंवर सिंह ग्राम दुलौर तक घूम-घूम कर सुरक्षा का जायजा लेते रहे. बाद में नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद, डीएम संजीव कुमार, डीडीसी शशांक शुभंकर, एसडीओ पंकज कुमार व एएसपी मंजीत कुमार भी पहंुचे और जायजा लिया. इसके अलावा स्पेशल ब्रांच के डीएसपी कृष्ण कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी भी रविवार से ड्यूटी में जुट गये थे.

वीर कुंवर सिंह किले की थीम पर बना भव्य मंच

शौर्य का 160वां विजयोत्सव पूरी तरह वीर कुंवर सिंह की वीरता व पराक्रम को समर्पित है. विजयोत्सव में चारों ओर उनकी वीरगाथा व शौर्य का ही बखान किया गया है. वीर कुंवर सिंह ग्राम दुलौर स्थित समारोह स्थल पर बनाया गया भव्य मंच भी पूरी तरह उनकी याद में तैयार किया गया है. मुख्य मंच का डिजायन जगदीशपुर स्थित उनके किले की थीम पर तैयार किया गया है. मंच काफी भव्य व बड़ा बनाया गया है. जानकारी के अनुसार मंच की लंबाई और 70 गुणा 40 फुट है.

मंच की शोभा देखते ही बन रही थी. ऐसा लग रहा हो मानो जगदीशपुर का ऐतिहासिक किला पंडाल में ही समा गया हो. इसी मंच से सीएम नीतीश कुमार द्वारा मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया. शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी इसी मंच से होगा. मंच व पंडाल के निर्माण की जिम्मेवारी इवेंट कंपनी को दी गयी है.

समारोह स्थल तक जाने के लिए बनाये गये दस गेट

वीर कुंवर सिंह के शौर्य के 160 वें विजयोत्सव में भाग लेने वालों को कड़ी सुरक्षा के बीच से गुजरना होगा. जगदीशपुर किला व वीर कुंवर सिंह ग्राम दुलौर में होने वाले समारोह में पहंुचने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी. इसके लिए लोगों को जगह-जगह जांच करानी होगी. विजयोत्सव का मुख्य समारोह दुलौर में हो रहा है. समारोह स्थल तक जाने के लिए दस गेट बनाये गये हैं. सभी गेट पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस अधिकारी व जवान मुस्तैद है.

गेट पर मेटल डिटेक्टर व हैंड फ्रिशकिंग के बाद ही लोगों को अंदर जाने दिया जा रहा है. इसके अलावा बिना पास वाले वाहनों के परिचालन पर भी रोक लगा दी गई हैं. विजयोत्सव को लेकर दो हजार जवानों को लगाया गया है. इससे पूरा कार्यक्रम स्थल अभेद्द किले में तब्दील हो गया है.

कड़ी सुरक्षा के बीच निकली शोभा यात्रा, जगह-जगह थी पुलिस

विजयोत्सव के अवसर पर सोमवार की सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच शोभायात्रा निकाली गई. शोभायात्रा के दौरान शिवपुर घाट से उमरावगंज तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात थे. इसके लिए आठ जगहों पर पुलिस को तैनात किया गया था. वहीं शोभा यात्रा के साथ चलने के लिए भी तीन टीम बनायी गयी है. एक टीम यात्रा के आगे, दूसरी बीच में तीसरी पीछे चल रही थी.

चप्पे-चप्पे पर पुलिस, 80 जगहों पर मजिस्ट्रेट तैनात

शौर्य के 160 वें विजयोत्सव की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. इसके लिए व्यापक इंतजाम किये गये हैं. इस दौरान जिले के अन्य जगहों से जगदीशपुर जाने वाले सभी सड़कों की चौकसी तेज कर दी गयी है. जगह-जगह पहरा लगा दिया गया है. सड़कों की बैरिकेडिंग कर ड्रॉप गेट बना दिये गये हैं. सभी गेटों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस के अफसरों व जवानों को तैनात किया गया है. आरा से लेकर जगदीशुपर तक करीब 80 जगहों पर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गयी है.

जगदीशपुर से मुरली मनोहर जोशी की ग्राउंड रिपोर्ट