दावा: STP की वजह से गंगा के पानी की गुणवत्ता बेहतर हुई
बिहार में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सख्ती, PM10 और PM2.5 में भी बड़ी गिरावट
पटना। बिहार में विभिन्न जगहों पर नियमित जांच में गंगाजल की गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया है. सरकार का दावा है सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की स्थापना के बाद जल गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया है. मंगलवार को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री डॉ राम चंद्र प्रसाद ने बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् के कामकाज की समीक्षा करते हुए प्रदूषण नियंत्रण के मानकों को और अधिक सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया. समीक्षा बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव आनन्द किशोर समेत प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

बैठक में पर्षद् के सदस्य-सचिव नीरज नारायण ने पर्षद् की गतिविधियों और राज्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् का गठन जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत नवंबर 1974 में किया गया था.
गंगा और सहायक नदियों के पानी की नियमित जांच
पर्षद् की ओर से गंगा और उसकी सहायक नदियों के जल का नियमित रूप से नमूना संग्रहण और विश्लेषण किया जाता है. गंगा किनारे बसे शहरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की स्थापना के बाद जल गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया है. समीक्षा में बताया गया कि गंगा के पानी में औसत फीकल कोलीफॉर्म की मात्रा 2199 MPN/100ml दर्ज की गई, जो निर्धारित 2500 MPN/100ml के मानक से कम है.

23 जिलों में 35 वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग स्टेशन
राज्य में वायु प्रदूषण की लगातार निगरानी के लिए पर्षद् द्वारा 23 जिलों में कुल 35 अनवरत परिवेशीय वायु गुणवत्ता प्रबोधन केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से हवा की गुणवत्ता का नियमित आकलन किया जाता है।
पर्षद् के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 की तुलना में 2025-26 में PM10 की सांद्रता में 55.15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं, इसी अवधि में PM2.5 की सांद्रता में 52.54 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है। इसे राज्य में वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.

58 औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचा PNG नेटवर्क
प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से राज्य की 58 औद्योगिक इकाइयों में PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस की आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। इन क्षेत्रों में तेल कंपनियों द्वारा स्वच्छ ईंधन के रूप में PNG आपूर्ति का नेटवर्क विकसित किया गया है.

बैठक के दौरान मंत्री डॉ. राम चंद्र प्रसाद ने प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में पर्षद् द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की. उन्होंने अधिकारियों को पर्यावरणीय मानकों के प्रभावी अनुपालन पर विशेष जोर देते हुए प्रदूषण नियंत्रण के नियमों को और दृढ़ता से लागू करने का निर्देश दिया.
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