आज से खुल रहा है ट्रांसफर पोर्टल
सभी कोटि के शिक्षकों को तबादले का मौका
पटना।। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सोशल मीडिया पर शिक्षकों के नाम अपने वीडियो संदेश के जरिए ट्रांसफर प्रक्रिया में बढ़ चढ़कर भाग लेने की अपील की है. बिहार के सरकारी स्कूलों के तमाम शिक्षक इस ट्रांसफर प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन 29 जुलाई से शुरू हो रहा है और 5 अगस्त तक चलेगा.

बता दें कि शिक्षक संगठनों ने ट्रांसफर प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे जिसके बाद शिक्षा विभाग ने अपने पुराने फैसले को बदलते हुए प्रोबेशन पीरियड में काम कर रहे शिक्षकों के लिए भी ट्रांसफर का रास्ता साफ किया है. इस फैसले का लाभ टीआरई-3 से नियुक्त 51,389 शिक्षकों, 36,947 प्रधान शिक्षकों और 5,971 हाईस्कूल के हेडमास्टर को भी मिलेगा.

हालांकि 21 जुलाई 2026 को जारी स्थानांतरण नियमावली में शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया था कि प्रोबेशन पीरियड में काम कर रहे शिक्षकों को ट्रांसफर का लाभ नहीं मिलेगा. जिनका पहले समायोजन या पारस्परिक स्थानांतरण हो चुका है, उन्हें भी सामान्य ट्रांसफर का मौका नहीं मिलेगा. लेकिन जब इसका चौतरफा विरोध हुआ तो विभाग ने सभी को मौका दे दिया.

शिक्षा मंत्री ने बताया कि ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए आवेदन सिर्फ ई शिक्षाकोष के जरिए सिर्फ ऑनलाइन होंगे और इसमें किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी कोटि के शिक्षक ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए 5 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि लाइब्रेरियन के ट्रांसफर के लिए भी जल्द ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
इस बार ट्रांसफर प्रक्रिया में पूरे राज्य में छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर शिक्षकों की पोस्टिंग होगी. सबसे पहले समायोजन और तब पारस्परिक ट्रांसफर होगा. पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. जहां-छात्रों की संख्या अधिक होगी और शिक्षक कम होंगे, वहां पहले पोस्टिंग होगी. जहां शिक्षक जरूरत से ज्यादा होंगे, वहां से बाकी बचे शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेजा जाएगा. जरूरत से अधिक शिक्षक तय करने के मानक तय है. मानक से अधिक शिक्षक वाले स्कूल में 5 साल या उससे अधिक समय से कार्यरत शिक्षक पहले सरप्लस माने जाएंगे. अगर सभी शिक्षक 5 साल से कम समय से पोस्टेड हैं तो सबसे कम सेवा अवधि वाले (नये) शिक्षक को सरप्लस माना जाएगा.

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