‘बांकीपुर उपचुनाव में संवैधानिक प्रावधानों का खुला उल्लंघन’

राजद ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

पटना।। बांकीपुर उपचुनाव की तारीख जैसे जैसे नजदीक आ रही है, पार्टियों का एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप बढ़ता जा रहा है. राजद ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जिला प्रशासन द्वारा संवैधानिक प्रावधानों का खुलेआम धज्जियां उड़ाए जाने के बावजूद चुनाव आयोग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है.




राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा कि मतदाता जागरूकता और मतदान प्रतिशत बढ़ाने के नाम पर एन यू एल एम , जीवीका दीदी और आंगनबाड़ी सेविका – सहायिका को प्रत्येक मतदाता के घर-घर जाकर मतदान के लिए प्रेरित करने के आड़ में भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करने का जिम्मेदारी दिया गया है. इतना हीं नहीं मतदान के दिन भी इन्हें मतदाताओं को घरों से मतदान केन्द्र लाकर मतदान सुनिश्चित कराना है. जबकि संविधान की धारा 324 एवं रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट 1951 के अनुसार स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी गैर सरकारी व्यक्ति या एजेंसी को चुनावी कार्य में इस्तेमाल पूर्णतः गैर संवैधानिक है. एन यू एल एम से जुड़े हुए कर्मी , आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और जीवीका दीदी सरकारी कर्मचारी नहीं हैं. फिर चुनाव कार्यों में इनका इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है. मतदान केन्द्रों के आसपास इनका रहना भी गैरकानूनी है.

उन्होंने कहा कि यह मामला चुनाव आयोग के संज्ञान में आने के बाद भी उसके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किया जाना उसके निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है. चितरंजन गगन ने कहा कि बिहार विधानसभा आम चुनाव में भी इसी प्रकार जीवीका दीदी को मतदाता जागरूकता के काम में लगाया गया था और उन्हें मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं को सत्ताधारी दल के पक्ष में मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करते हुए पाया गया था। उसी की पुनरावृति बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में करने की साज़िश हो रही है.
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