8 अरब 69 करोड़ का बजट पास… लेकिन वीकेएसयू के छात्रों की नौकरी कहाँ?

सीनेट बैठक के बीच आइसा का घेराव, छात्रों ने पूछा – अरबों खर्च के बाद भी सुविधाएँ क्यों नहीं?

आरा,12 मार्च (ओ पी पाण्डेय ). वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में एक तरफ वर्ष 2026–27 के लिए 8 अरब 69 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पास हुआ, वहीं दूसरी ओर छात्रों ने इस बजट की उपयोगिता पर सवाल खड़ा कर दिया.




सीनेट की बैठक जहां विकास योजनाओं और शैक्षणिक सुधारों के दावों के साथ संपन्न हुई, वहीं परिसर के बाहर छात्र संगठन आइसा ने 21 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन और सीनेट का घेराव किया.

छात्र नेताओं का कहना है कि हर साल विश्वविद्यालय का बजट करोड़ों-अरबों में बनता है, लेकिन जमीनी स्तर पर छात्रों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बजट अरबों का, लेकिन छात्रों को नहीं मिल रहा लाभ. आइसा के बिहार राज्य सचिव सब्बीर कुमार ने कहा कि
हर साल विश्वविद्यालय का बजट करोड़ों-अरबों में पास होता है, लेकिन छात्रों को बुनियादी सुविधाएँ तक नहीं मिलतीं। कई सत्रों की फेलोशिप लंबित है, प्रयोगशालाएँ जर्जर हैं और कई कॉलेजों में छात्राओं के लिए सेनेटरी पैड तक की व्यवस्था नहीं है।

उन्होंने कहा कि छात्र-विरोधी बजट का आइसा विरोध करता है और इसे छात्रों के हित में सुधारने की जरूरत है।

सीनेट का घेराव, नारों से गूंजा कैंपस
बुधवार को आइसा के नेतृत्व में जीरो माइल से विरोध मार्च निकाला गया, जो विश्वविद्यालय कैंपस पहुंचकर सीनेट बैठक स्थल तक गया। इस दौरान छात्र “नई शिक्षा नीति वापस लो”, “सीबीसीएस नहीं चलेगा”, “छात्र संघ चुनाव कराओ” और “एकेडमिक कैलेंडर लागू करो” जैसे नारों के साथ प्रदर्शन करते रहे.

सीनेट प्रतिनिधियों और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद आइसा प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक को सौंपा. विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया.

21 मांगों को लेकर आंदोलन
आइसा जिला सचिव विकास कुमार ने कहा कि घेराव विश्वविद्यालय की 21 सूत्री मांगों को लेकर किया गया.
इनमें प्रमुख मांगें हैं:

  • विश्वविद्यालय में सरकारी डेटा बैंक की स्थापना
  • छात्रों के लिए परिवहन सुविधा
  • छात्राओं के लिए कॉमन रूम
  • सभी कॉलेजों में छात्रावास
  • मूल प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन व डाक से भेजने की व्यवस्था
  • त्रुटिपूर्ण अंक पत्र सुधार के लिए तय तिथि
  • उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

बड़ा सवाल
सीनेट बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन ने विकास, तकनीकी सुधार और नए कोर्स शुरू करने की योजनाओं की बात कही. लेकिन छात्रों के प्रदर्शन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब बजट 8 अरब से ज्यादा है, तो क्या विश्वविद्यालय से पढ़ने वाले युवाओं को बेहतर शिक्षा, सुविधाएँ और रोजगार के अवसर मिल पा रहे हैं?

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