राज्यसभा जाने के लिए क्यों मजबूर हुए नीतीश कुमार; विपक्ष ने सीएम से मांगा जवाब

अचानक राज्यसभा जाने का फैसला क्यों!

पटना 9 मार्च 2026।। एक तरफ नीतीश कुमार दस मार्च से अपनी समृद्धि यात्रा पर फिर से निकल रहे हैं वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अचानक राज्यसभा के लिए नामांकन विपक्ष के गले नहीं उतर रहा. बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जवाब मांगा है.




राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा कि बिहार की जनता मुख्यमंत्री से यह जानना चाहती है कि 20 नवम्बर 2025 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के मात्र 100 दिनों के बाद हीं वैसी कौन सी स्थिति पैदा हो गई जो उन्हें राज्यसभा जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

राजद प्रवक्ता ने कहा कि यह केवल जदयू और एनडीए का आंतरिक और मुख्यमंत्री जी का व्यक्तिगत मामला नहीं है, यह बिहार के मुख्यमंत्री का मामला है जिसके अगले पांच वर्षों तक मुख्यमंत्री बनाए जाने के नाम पर बिहार के मतदाताओं से वोट मांगे गए थे। इसलिए बिहार की जनता को यह जानने का हक है कि आखिर आज ऐसी कौन सी स्थिति आ गई जो उन्हें राज्यसभा जाना पड़ रहा है और उनके लड़के को उसके अभिरुचि के विरुद्ध राजनीति में आने के लिए राजी किया गया है.

राजद प्रवक्ता ने उम्मीद जताई है कि अपनी प्रस्तावित यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री बिहार के लोगों के बीच बदली हुई राजनीतिक स्थिति की सच्चाई रखने का साहस करेंगे क्योंकि यह मामला हर बिहारी की भावना से जुड़ा हुआ है. मुख्यमंत्री के ट्विटर अकाउंट से जो ट्वीट किया गया है उसकी भाषा और शैली देखकर किसी को भी यह विश्वास नहीं हो रहा है कि वह ट्वीट मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा या उनके लड़के निशांत द्वारा भी जो बोला गया है वह भी स्वाभाविक नहीं लगता. निशांत ने खुद मीडिया के सामने बोला था कि पिता जी को 2025 से 2030 के लिए मुख्यमंत्री बनाया गया है. राजद नेता ने कहा कि फिर ऐसी कौन सी स्थिति पैदा हो गई कि मुख्यमंत्री को राज्यसभा जाना पड़ रहा है. इसलिए पर्दे के पीछे की असलियत को यदि छुपाया जाता है तो यह बिहार के साथ विश्वासघात होगा और इसकी कीमत उन सभी लोगों को चुकानी होगी जो इस अभियान में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं.

pncb

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