पर्यावरण के लिए 430 किमी लम्बी मानव श्रृंखला !

जल-जीवन-हरियाली के लिए 430 किमी लम्बी भोजपुर में बनी मानव-श्रृंखला

आरा. भोजपुर जिला में मानव श्रृंखला का भव्य आकर्षक एवं सफल आयोजन पूरे उत्सवी माहौल में संपन्न हुआ. जिले के 430 किलोमीटर के रूट लाइन पर करीब 11 लाख लोगों ने आपस में हाथ से हाथ जोड़कर इस आयोजन को सफल बनाया. जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने मानव श्रृंखला के सफल आयोजन हेतु जिलावासियों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा है कि समाज के सभी वर्ग के लोगों ने अत्यंत उत्साह से इस अभियान में शिरकत की एवं सफल बनाया विशेषकर युवा वर्ग का उत्साह उमंग जोश जुनून एवं जज्बा काबिले तारीफ था. 430 किलोमीटर में 160 किलोमीटर मुख्य मार्ग पर एवं 270 किलोमीटर उपमार्ग पर लोगों ने श्रृंखला का निर्माण कर सरकार के सामाजिक परिवर्तन एवं पर्यावरण संरक्षण के मुहिम में सहयोग एवं सहभागिता सुनिश्चित की जो अत्यंत सराहनीय है. आरा शहर में मुख्य कार्यक्रम ऐतिहासिक रमना मैदान में हुआ, जहां माननीय राज्यसभा सांसद आर. के. सिन्हा, जिला प्रभारी सचिव सह कृषि विभाग के सचिव एन सरवन, जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार, उप विकास आयुक्त अंशुल अग्रवाल, सहित भारी संख्या में शहर के गणमान्य व्यक्ति,जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, पदाधिकारी, कर्मी एवं स्कूली बच्चों ने भाग लिया.




जल – जीवन- हरियाली ,अभियान के तहत समाज में फैली कुरीतियों दहेज प्रथा, बाल विवाह उन्मूलन व नशा मुक्ति के लिए रविवार को बनाई गई मानव श्रृंखला में आरा के मध्य स्थित संभावना स्कूल के बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. इस दौरान निदेशक,प्राचार्य,शिक्षक,शिक्षिका एवं बच्चों ने एक दूसरे से हाथ जोड़कर मानव-श्रृंखला बनाया. संभावना स्कूल के निदेशक कुमार द्विजेंद्र ने कहा कि लोगों को जल जीवन हरियाली के विषय में जागरूक करने के लिए मानव श्रृंखला सरकार की सराहनीय पहल है इससे नई पीढ़ी के लोगों को एक नया संदेश जाएगा. प्राचार्य डॉ अर्चना सिंह ने कहा कि जल ही जीवन है. पृथ्वी पर जल के बिना मानव जीवन की परिकल्पना भी नहीं की जा सकती. बताते चलें कि संभावना स्कूल पर्यावरण के लिए हमेशा कार्यक्रम चलाता है. इस विद्यालय की वृक्षारोपण व कई जागरूकता कार्यक्रमों में हमेशा अग्रणी भूमिका रही है.

ड्रोन कैमरों ने किया इस ऐतिहासिक पल को कैद
मानव श्रृंखला के इस अद्भुत नजारे को कैद किया ड्रोन कैमरों ने. रमना मैदान और ओवर ब्रिज के पास ड्रोन कैमरों ने तो प्रखंडवार वीडियोग्राफरों की टीम रूट लाइन पर सक्रिय एवं तत्पर दिखीं. बताते चलें कि मानव श्रृंखला पर डॉक्यूमेंट्री बन रही है, जिसके DOP आरा के ही चर्चित रंजीत कुमार सिंह हैं. डॉक्यूमेंट्री नीलमणि व निखिल के डी वर्मा के निर्देशन में बनाई जा रही है.

मानव श्रृंखला के रंगीन पोस्टर एवं बैनर से सुसज्जित रमना मैदान आकर्षण का केंद्र बना रहा. 11:30 पर प्रभारी सचिव व जिलाधिकारी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों द्वारा गुब्बारा उड़ाकर इस आयोजन का आगाज किया गया. उन्मुक्त गगन कुछ देर के लिए लगा जैसे गुब्बारों से भर गया, जिसकी छँटा ने अदभूत, मनमोहक एवं विहंगम दृश्य पैदा किया. मैदान में पीरौटा के शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान के स्कूली बच्चों के द्वारा जल-जीवन- हरियाली पर आधारित गीत-संगीत प्रस्तुत किए गए तथा कला जत्था की टीम के द्वारा दहेज-प्रथा एवं बाल-विवाह जैसी सामाजिक कुरीति की समाप्ति हेतु कई गीत-संगीत प्रस्तुत किए गए. कार्यक्रम का आगाज ‘कईसन सुंदर भईल बिहनवां ए भइया, हुलसे अंगनवां ना के साथ हुआ. साथ ही कावेरी मोहन की टीम द्वारा भी मानव श्रृंखला पर आधारित गीत-संगीत पेश किए गए. मैदान में बिहार के मानचित्र पर श्रृंखला का निर्माण किया गया और उसके भीतर रंगोली एवं वृक्ष बनाकर श्रृंखला बनाई.

पूर्व संध्या पर दीपोत्सव का हुआ आयोजन
राज्यव्यापी मानव श्रृंखला से एक दिन पूर्व संध्या में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा के नेतृत्व में आरा शहर के कलेक्ट्रेट घाट पर दीपोत्सव का आयोजन भी किया गया जिसमें हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों ने हाथों में दीप लेकर सरकार के इस अभियान के प्रति पूरी प्रतिबद्धता व्यक्त की. तालाब के चारों ओर हाथों में लिए कैंडल से झिलमिल करती रोशनी से बनती मनोहारी दृश्य को भी ड्रोन कैमरे में कैद किया गया. कलेक्ट्रेट तालाब पर शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों समाजसेवियों अधिकारियों कर्मियों एवं स्कूली बच्चों ने भाग लिया.

ऐसी थी सुरक्षा व्यवस्था
विधि व्यवस्था संधारण हेतु जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा संयुक्त आदेश जारी किया गया है जिसके अनुसार 19 स्थलों को चिन्हित करते हुए 38 दंडाधिकारी एवं और 38 पुलिस पदाधिकारी सहित भारी संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई थी. जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति स्थल पर ससमय उपस्थित होने तथा विधि व्यवस्था संधारण में अपेक्षित सहयोग प्रदान करने का निर्देश दिया था. जिला प्रशासन द्वारा इस अवसर पर ट्रैफिक नियंत्रण हेतु भी समुचित व्यवस्था की गई थी. इसके लिए श्रृंखला निर्माण के रूट लाइन पर पूर्वाहन 9:00 बजे से अपराहन 2:00 बजे तक वाहनों का परिचालन बंद रखा गया था.

आरा से ओ पी पाण्डेय की रिपोर्ट