आरा सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे सुविधा नदारद

सदर अस्पताल का अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे ठप्प
6 महीने से बंद है अल्ट्रासाउंड, 100 रुपये में हो रहा है एक्स-रे
तिगुनी अधिक रकम देकर मरीज बाहर करा रहे हैं अल्ट्रासाउंड
DS ने अगले पन्द्रह दिनों में अल्ट्रासाउंड चालू करने का दिया आश्वासन
आरा, 16 मार्च (ओ पी पांडेय की रिपोर्ट)  भोजपुर जिले के एक मात्र सबसे बड़े ISO मान्यता प्राप्त सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे सुविधा से लाखों मरीज वंचित है. मरीजों को इलाज की बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं है. आलम यह है कि डाक्टर द्वारा रोगों की जांच के लिए पूर्जा तो जरूर लिखते है, पर कई महत्वपूर्ण जांच की सुविधा अस्पताल में उपलब्ध ही नहीं है. ऐसे में मरीज बाहर का रास्ता देख कर मजबूरी में तीन गुना अधिक दाम देकर अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे कराते हैं. कोई एक दो दिनों से नही बल्कि लंबे समय से यहां अल्ट्रासाउंड  एक्सरे की सुविधा बन्द है. हालांकि अस्पताल प्रशासन ने अपने स्तर से एक्स-रे की व्यवस्था कुछ महीने से शुरु तो कर दिया है लेकिन मरीजो से मनमाना पैसा लेकर. जिले की लगभग 27 लाख की आबादी का सर्वाघिक हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में जिस सदर अस्पताल पर निर्भर है, वहां मूलभूत सुविधाओ का अभाव है.
कैसे बन्द हुईं सुविधाएं
सदर अस्पताल आरा में अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे की सुविधा थ्री पी मोड के तहत जब यहां शुरू की गई तो उसे कुछ ही वर्षों के बाद बंद करना पड़ा. कारण थ्री पी मोड के तहत जिस संस्थान ने यहां एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड की सुविधा देनी शुरू की थी, उसने एक करोड़ से अधिक का भुगतान लंबित होने के बाद सुविधा देने से हाथ खड़े कर दिये.  अस्पताल सूत्रों के माने तो उक्त संस्थान का एक्स-रे जांच से संबंधित भुगतान वर्ष 2014 से ही बंद है, जिसके लिए कई बार पत्राचार भी किया जा चुका है. यही हाल अल्ट्रासाउंड सेवा की भी है, जिसका लगभग 70 लाख रुपये का भुगतान लंबित है. वहीं सरकारी स्तर पर संचालित एक्स-रे मशीन खराब होने के कारण बंद पड़ा हुआ है. यही कारण है कि यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों को अस्पताल से बाहर स्थित जांच केंद्रो में उपरोक्त दोनो जांच कराने को विवश होना पड़ता है, जो विशेषकर गरीब मरीजों के लिए काफी नागवार होता है. अलबत्ता कानूनी रूप से वांछित मरीजों को सिविल सर्जन के अनुमोदन पर अस्पताल में एक्स-रे की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है. बहरहाल अमल चाहे जो हो लेकिन एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड के लिए सदर अस्पताल के मरीज प्राइवेट में जाकर तीन गुना रकम अदा कर अपना काम कराने को मजबूर है.
इस सन्दर्भ में जब सदर अस्पताल के डीएस  डॉ सतीश कुमार से बात की गई तो उन्होंने ने भी माना कि यहाँ लम्बे समय से मरीजो को ये सुविधाएं नही मिल पा रही है. साथ ही उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था यथाशीघ्र चालू कर दिया जाएगा.
अब देखना यह होगा कि लोगों को स्वस्थ रखने का दावा करने वाले अस्पताल की बीमारू हालात कब ठीक होती है. मीडिया द्वारा अस्पताल प्रशासन को घेरने के बाद 15 दिनों बाद पुनः अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था चालू करने के आश्वासन में कितना दम है यह तो जल्द ही पता चल जाएगा.

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