तो क्या सुधर जायेगी बिजली?

बिजली व्यवस्था पर प्रहार करता नुक्कड़ नाटक ‘बिजली महारानी’

आरा रंगमंच ने नुक्कड़ पर ‘आप और हम की कड़ी में अपनी 58 वीं प्रस्तुति ” बिजली महारानी” प्रस्तुत की. लड्डू भोपाली की कथा-कल्पना वाले इस नाटक से 5 वर्षीय अद्भुत आनंद के रूप में एक बाल कलाकार का रंगमंच पर पदार्पण हुआ.





नुक्कड़ की शुरूआत ‘आरा की आवाज है आरा रंगमंच ‘ गीत से हुई. सभा को संबोधित करते हुए आरा रंगमंच के वरिष्ठ रंगकर्मी अशोक मानव ने अपने
नेतृत्व में हुई बिजली के लिए पिछले आंदोलनों को याद
किया. उन्होंने कहा कि परिस्थितियां फिर आंदोलन
की बन रही है.
नाटक में ” बिजली ” की बद्दतर हो रही
स्थिति को मुद्दा बनाया गया.बिजली की अनियमित
सप्लाई व कम वोल्टेज के कारण हो रही लोगों की
रोजमर्रा की परेशानियों को दिखाया गया. इतनी गर्मी में बिजली की बद्दतर सप्लाई के कारण जिले के आम जनमानस में रोष व्याप्त है. सरकार व जिला प्रशासन को नाटक ने आगाह किया कि अगर जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नही हुआ तो आम जनता सड़क पर आकर आंदोलन का रास्ता अख्ति़यार करेगी.
नाटक में मुख्य भुमिकाओं में निशिकांत
सोनी, साहेब अमन, सलमान महबूब, संतोष सिंह, मास्टर
उत्कर्ष आदि रहे. गीत- संगीत सुधीर शर्मा व अंजनी जी का रहा. संगीत सहयोग में श्याम शर्मीला, डॉ पंकज भट्ट,
बम ओझा व संतोष तिवारी रहे. धन्यवाद ज्ञापन अनिल तिवारी ‘दीपू ‘ ने किया. व्यवस्था में मनोज श्रीवास्तव रहे.
कमलेश कुंदन (चित्रकार), संजय राय(पत्रकार),नागेन्द्र पाण्डेय ,अंजनी शर्मा, राजेश कुमार
(वरिष्ठ रंगकर्मी) मुकेश मुस्कान(रंगकर्मी)आदि लोगों की गणमान्य उपस्थिति रही.

आरा से सत्य प्रकाश सिंह की रिपोर्ट