ढोल-नगाड़े और शहनाई से गूंजी श्री कृष्ण की जन्मभूमि




मथुरा में नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की

251 किलो पंचामृत से किया भगवान का अभिषेक

चांदी से बने कमल पुष्प के सिंहासन पर हैं विराजमान

मथुरा:रात के 12 बजते ही भगवान श्री कृष्ण का जन्म हो गया. जन्म के साथ ही मथुरा के मंदिरों में घंटे-घड़ियाल बज उठे. पूरा शहर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की…से गूंज उठा. 500 किलो गुलाब के फूल और इत्र की बारिश की गई. भगवान कृष्ण के चल विग्रह को चांदी से बने कमल पुष्प के सिंहासन पर विराजमान कर उनका अभिषेक किया गया. साथ ही 500 किलो गुलाब के फूल और इत्र की बारिश की गई. श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज, मैनेजिंग ट्रस्टी अनुराग डालमिया, सचिव कपिल शर्मा, सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने भगवा का 251 किलो पंचामृत से अभिषेक किया. अभिषेक के बाद श्री कृष्ण को नवरत्न कंठा, स्वर्ण निर्मित बांसुरी, कंगन के साथ ही जरी से बना गोटा मुकुट ब्रज रत्न पहनाया गया. पंजीरी, मेवा पाग का भोग लगाया गया. 5 लाख से ज्यादा भक्त मथुरा में जन्माष्टमी मनाने पहुंचे हैं.

जन्मभूमि मंदिर के आसपास करीब 5 किलोमीटर इलाके में पैर रखने की जगह नहीं है. बांके बिहारी मंदिर में रात 1 बजे मंगला आरती के साथ कपाट खोल दिए गए. बांके बिहारी में साल में सिर्फ एक बार ही मंगला आरती होती है. द्वारकाधीश मंदिर में शहनाई की धुन पर भक्त नाचते हुए कान्हा के भजन गा रहे हैं. विश्व के सबसे ऊंचे बनने वाले चंद्रोदय मंदिर में भगवान का अभिषेक हुआ. वहीं बांके बिहारी में 2 किलोमीटर लंबी लाइन लगी है. मंदिर जाने वाली कुछ गली की सील कर दिया गया है.

वहीँ पटना में पटना के इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण लला का जन्म उत्सव मनाया गया.श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। बुद्ध मार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर में रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण लला का जन्म हुआ. जन्म के बाद बाल गोपाल का 151 लीटर पंचामृत से महाभिषेक किया गया. साथ ही छप्पन भोग लगाने के बाद आरती की गई.वहीं, मंदिर में भगवान की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी.

श्रद्धालु रातभर जश्न में डूबे रहे। रात 11.55 में मंदिर का पट बंद कर दिया गया था, जिसे रात 12 बजे खोला गया.कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं ने ताली बजाकर बाल गोपाल का स्वागत किया और राधे-राधे के नारे लगाए.इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी पर आज विशेष तैयारी की गई थी. शाम 7:00 बजे से ही भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला का आयोजन किया गया था. मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी. सुबह से देर रात तक 4 लाख श्रद्धालु पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना की.

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