12 से चलेंगी 80 और स्पेशल ट्रेनें, देखिए ‘बिहारी’ ट्रेनों की लिस्ट

12 सितम्बर से चलेंगी और 80 स्पेशल ट्रेनें पूर्व मध्य रेल के विभिन्न स्टेशनों के लिए चलेंगी कुल 20 ट्रेनें आम लोगों की सुविधा के मद्देनजर रेल मंत्रालय द्वारा दिनांक 12 सितम्बर, 2020 से पहले से चलाये जा रहे श्रमिक स्पेशल, 30 एसी स्पेशल एवं 200 स्पेशल ट्रेनों के अतिरिक्त 80 स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जा रहा है. पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि इनमें पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार से 8 ट्रेनें जबकि पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार से गुजरने वाली 12 स्पेशल ट्रेन होंगी. इन स्पेशल ट्रेनों का परिचालन नियमित ट्रेनों के पैटर्न एवं संयोजन पर किया जायेगा. ये स्पेशल ट्रेनें पूरी तरह से आरक्षित ट्रेनें होंगी. इन ट्रेनों में कोई भी अनारक्षित कोच नहीं होगा. पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार से खुलने/पहुंचने वाली स्पेशल ट्रेनें (12.09.2020 के प्रभाव से) 02561/02562 जयनगर-नई दिल्ली-जयनगर स्पेशल 07007/07008 सिकंदराबाद-दरभंगा-सिकंदराबाद स्पेशल 09051/09052 वलसाड-मुजफ्फरपुर-वलसाड स्पेशल 03307/03308 धनबाद-फिरोजपुर-धनबाद स्पेशल अन्य क्षेत्रीय रेलों से चलकर बिहार से गुजरने वाली स्पेशल ट्रेनें(12.09.2020 के प्रभाव से) 02367/02368 भागलपुर-दिल्ली-भागलपुर स्पेशल 02465/02466 मधुपुर-दिल्ली-मधुपुर स्पेशल 05933/05934 डिब्रूगढ़-अमृतसर-डिब्रूगढ़ स्पेशल 05909/05910 डिब्रूगढ़-लालगढ़-डिब्रूगढ़ स्पेशल 05626/05625 अगरतला-देवघर-अगलतला स्पेशल 02911/02912 इंदौर-हावड़ा-इंदौर स्पेशल इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को सरकार द्वारा कोविड-19 से बचाव एवं इसके रोकथाम हेतु जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा. इन ट्रेनों में ऑनलाइन/ऑफलाइन रिजर्वेशन की सुविधा 10 सितंबर से उपलब्ध होगी. pncb

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स्पेशल ट्रेन के नाम पर यात्रियों के साथ मजाक क्यों?

स्पेशल ट्रेन यानि कम से कम 12 से 15 घंटे लेट. अब जरा सोचिए. छठ स्पेशल ट्रेन अगर छठ के बाद अपनी मंजिल पर पहुंचे तो फिर क्या मतलब है ऐसी ट्रेन का. सबसे बड़ा मजाक तो यही है कि बिहार के लिए कई ट्रेनें सिर्फ छठ स्पेशल के तौर पर चलाई जा रही हैं, लेकिन इससे घिनौना मजाक क्या हो सकता है कि ये ट्रेनें पूरे पैसे लेकर यात्रियों के साथ छल कर रही हैं. दिल्ली, मुंबई या फिर किसी अन्य मेट्रो सिटी से छुट्टी लेकर छठ के घर आने वाले कई यात्रियों से patnanow की टीम ने बात की. सबका एक सुर में कहना था कि रेलवे कहने को तो महापर्व में सुविधा के नाम पर स्पेशल ट्रेन चलाता है जिसमें पूरे पैसे देकर यात्री किसी तरह पर्व में घर पहुंचना चाहते हैं. लेकिन इन ट्रेनों में सुविधा के नाम पर कुछ नहीं होता. ना तो पैंट्री कार होती है, ना पीने का पानी मिलता है और सबसे बड़ी बात ये कि स्पेशल ट्रेनों को पूरे रास्ते जहां-तहां रोककर दूसरी ट्रेनों को क्रॉस कराया जाता है. नतीजा ये होता है कि स्पेशल ट्रेन अपनी मंजिल पर इतनी देर से पहुंचती हैं कि उन ट्रेनों को चलाने के मकसद पर ही सवालिया निशान लग जाता है. यही कारण है कि ज्यादातर लोग बड़ी ट्रेनों में ही सफर करना पसंद करते हैं ताकि समय पर घर पहुंच सकें. स्पेशल ट्रेनों को लेकर ये शिकायत कोई नहीं है. हर साल ये समस्या देखने को मिलती है. हर बार होली, दीवाली और

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