नाटक से सीख सकते हैं स्वयं का विकास-रवींद्र भारती

कार्यशाला के सातवें दिन अभिनय के आयामों पर किया गया कार्य आरा। रेडक्रॉस के बगल में स्थित मंगलम द वेन्यू में चल रहे अभिनव एवं ऐक्ट द्वारा आयोजित 20 दिवसीय निःशुल्क नाट्य कार्यशाला के सातवें दिन नाटक के गुर को सिखाया गया। इस दौरान कार्यशाला के निदेशक रवीन्द्र भारती ने बच्चों को खुद से नाटक तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया। उसके बाद एक- एक कर बच्चों ने नाटक को तैयार कर अपने अपने प्रस्तुति देकर सबका दिल जीता। किसी ने शोले फ़िल्म को कॉमेडी में दिखाया। तो किसी ने शादी करवाई। उसके बाद समय पर आधारित संगीत पर नृत्य कर के दृश्य को जीवंत करने में कोई कोशिश नहीं छोड़ी । संस्था के मुख्य संरक्षक तारकेश्वर शरण सिन्हा ने बच्चों की कार्यशाला को देखते हुए कहा कि अनुशासन बहुत जरूरी है। अगर कोई भी कलाकार बेहतर अनुशासन में अव्वल आता है, तो उसे पुरस्कृत किया जाएगा। इसको लेकर रवींद्र भारती ने बताया कि सातवें दिन नाटक के विभिन्न आयामों पर कार्य किया गया । एक एक्टर के लिए जरूरी आंगिक, वाचिक, आहार्य और  सात्विक अभिनय के साथ रसों के ऊपर कार्य करने की चुनौती दी गई। जिसमें सभी कलाकारों ने स्तानिस्लावस्की के अभिनय सिद्धांत जो मेथड एक्टिंग के लिए प्रसिद्ध है उस पर एक एक कर सबने अपनी प्रस्तुतियां दी। उसके बाद कई फिल्मी गानों पर साथ ही कई विषयों पर नाटक भी प्रस्तुत किया। कलाकारों में  छठवें दिन की कार्यशाला से सीखने के उपरांत अपने सहयोगियों की तालियां बटोरी। नाट्यकार्यशाला में भाग ले रहीआशी सिंह ने

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अभिनेता को भाषाओं पर पकड़ होनी चाहिए

बच्चों में अलग-अलग भाषाओं में भी नाटक करने की है क्षमता — मनोज श्रीवास्तव आरा। 20 दिवसीय कार्यशाला के छठवें दिन छात्रों को खुद से एक्ट प्रस्तुत करने का टास्क दिया गया। इस दौरान ए, बी, सी, डी और इ ग्रुप बना कर बच्चों को बराबर बराबर बांट दिया गया। उसके बाद सभी ग्रुप के बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दिया। इस दौरान अभिराम के दल के द्वारा प्रस्तुत की गई एक्ट पर बच्चों ने जमकर ताली बजाई। अभिराम की टीम ने रानी लक्ष्मीबाई का अभिनय बखूबी निभाया। इसके बाद वर्कशॉप के निदेशक ने भोजपुरी में किये जा रहे एक्ट को अंग्रेजी में करने को कहा। छात्रों ने अपने अभिनय को अंग्रेजी माध्यम में प्रस्तुत किया जिससे बच्चों की टूटी फूटी अंग्रेजी ने खूब हंसाया। छात्रा शीतल गुप्ता ने बताया कि मैंने पहले कभी एक्टिंग वर्कशॉप नहीं किया है। लेकिन योगा करती थी। वर्कशॉप में आकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे यहां आने के बाद खुद में हुई गलतियों का पता चल पाया है। अगर मुझे अभिनय के लिए चुना जाता है तो मुझे अच्छा लगेगा। छात्रा रितु पांडेय ने बताया कि लगातार छह दिनों से मैं वर्कशॉप में आ रही हूं। मैंने कभी पहले वर्कशॉप नहीं किया है। उन्होंने बताया कि जब मैं स्टेज पर जाती हूँ तो थोड़ा डर बना रहता है लेकिन मैं यहां सीखने आई हूं और अच्छा करना चाहती हूं। 14 वर्षीय छात्रा मुस्कान पांडेय ने बताया कि स्टेज पर जाने से पहले डर लगता था, लेकिन अब डर नहीं लगता है। जब शुरू

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दूसरे दिन ऑब्जर्वेशन से स्टोरी टेलिंग तक का सीखा हुनर

नाट्यकर्मी रविंद्र भारती और आलोक सिंह ने दूसरे दिन थियेटर की बारीकियों को बताया आरा, 20 जुलाई. रमना के दक्षिणी रोड में स्थित मंगलम दी वेन्यू में चल रहे अभिनव एवं ऐक्ट द्वारा आयोजित स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ पर आयोजित 20 दिवसीय नाट्य कार्यशाला के दूसरे दिन वरिष्ठ रंगकर्मी व निर्देशक रविन्द्र भारती ने बच्चों को अभिनय के प्रकार को बताया. उन्होंने सभी प्रकार के अभिनय को बच्चों को बताया फिर बच्चों से प्रैक्टिकली भी करवाया. इसके साथ ही उन्होंने फिलिंग, अभिनय के लिए जरूरी तत्व, ऑब्जर्वेशन और फ्लेक्सिबलिटी के बारे में बताया. वही युवा रंगकर्मी आलोक कुमार सिंह ने कार्यशाला में आये बच्चों को मिरर जेम, फेथ गेम के जरिये जहाँ टीम और एक दूसरे के बीच मजबूत कोर्डिनेशन का गुर सिखाया वही स्टोरी टेलिंग की विधि और उसको प्रभावी बनाने के तरीकों को बताया. कार्यशाला के दूसरे दिन गेस्ट के रूप में आयीं भोजपुर महिला कला केंद्र की निदेशक और 93 में कबीरा खड़ा बाजार में मुख्य पात्र की भूमिका निभाने वाली अनिता गुप्ता ने कार्यशाला में आकर बच्चों को बूस्टअप किया साथ ही बच्चों से अनुभव शेयर किया. उन्होंने बच्चों कहा कि बच्चे जो दूर से इस कार्यशाला में प्रशिक्षण के लिए आ रहे हैं उन्हें उनकी ओर से साइकिल मुहैया कराया जाएगा. दूसरे दिन के कार्यशाला में भोजपुर तैराकी संघ के अध्यक्ष और भूतपूर्व सैनिक संघ के अध्यक्ष नर्वदेश्वर शुक्ला,वरिष्ठ पत्रकार गोपाल मिश्रा, वरिष्ठ रंगकर्मी संजय शाश्वत और स्वयंबरा बक्शी ने भी शिरकत किया. सभी ने बच्चों को ऐसे कार्यशाला में आने के लिए धन्यवाद दिया

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जहाँगीर खान हुए रंग नगरी आरा के मुरीद, नाट्य प्रशिक्षण देने पहुँचे थे जिला मुख्यालय

आरा में 20 दिवसीय थियेटर वर्कशॉप आरंभ, प्रशिक्षक जहाँगीर खान ने गदगद हो कहा – यहाँ असीम सम्भवनाएँ आयोजक ने अतिथियों को उपहार में दिए पौधे आरा,18. किसी भी कार्यक्रम के लिए वह पल तब खास हो जाता है जब वहाँ पहुँचा अतिथि उस कार्यक्रम से प्रभावित हो उसकी तारीफ दूसरों से करने लगे. जी हाँ रविवार को आरा से पटना पहुँचने के बादरंगमंच के जाने-माने रंगकर्मी-निर्देशक जहाँगीर खान ने कुछ ऐसा ही किया. दरअसल मौका था अभिनव एवं ऐक्ट के 20 दिवसीय निःशुल्क नाट्य कार्यशाला के उद्घाटन का जहाँ वे पहले दिन ही बतौर प्रशिक्षक मंगलम द वेन्यू में पहुंचे थे. युवाओं और बच्चों को ट्रेंनिग देने के बाद पटना लौटते ही सोशल मीडिया पर कार्यशाला के बारे में अपने अनुभव को शेयर करते हुए लिखा कि “आरा की धरती के बारे में सुना था, रविवार को काम करने के बाद युवाओं और बच्चों की ऊर्जा को देखकर अच्छा लगा.”ये तारीफें उन्होंने आरा और आरा के युवा नवोदित कलाकारों की उर्जा से प्रभावित हो कहीं. उन्होंने थियेटर वर्कशॉप के पहले दिन बच्चों को टीम कोऑर्डिनेशन और टीम कम्युनिकेशन के बारे में कई गतिविधियों और थियेटर गेम के जरिये बताया. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए भी कहा कि बच्चों में काफी संभावनाएं हैं. रंगसंस्था अभिनव एंड एक्टिव क्रिएटिव थिएटर(ऐक्ट) द्वारा आयोजित 20 दिवसीय थियेटर वर्कशॉप का आज से शुभारंभ हो गया. आगामी 6 अगस्त तक चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि शहर के डॉ विजय कुमार गुप्ता व डॉ संगीता कुमारी गुप्ता ने मंगलम द वेन्यू

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